19 अगस्त 2026
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राजभर का अखिलेश पर तीखा पलटवार: 'पहले अपना इंडी गठबंधन संभालिए, हमारी सीटों की फ़िक्र छोड़िए'

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राजभर का अखिलेश पर तीखा पलटवार: 'पहले अपना इंडी गठबंधन संभालिए, हमारी सीटों की फ़िक्र छोड़िए'

सारांश

राजभर ने अखिलेश यादव को एक्स पर दस सूत्री 'चिंता-सूची' थमा दी — गठबंधन बचाने से लेकर ओवैसी संभालने तक। संदेश साफ था: भाजपा से सीट-बँटवारा हम तय करेंगे, आपकी सलाह की ज़रूरत नहीं। यूपी 2027 से पहले गठबंधन की राजनीति में तीखापन आ गया है।

मुख्य बातें

ओम प्रकाश राजभर ने 19 अगस्त को एक्स पर अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार किया।
राजभर ने कहा — भाजपा से सीट-बँटवारा वे खुद तय करेंगे, किसी बाहरी हस्तक्षेप की ज़रूरत नहीं।
अखिलेश को दस सूत्री 'चिंता-सूची' सौंपी — गठबंधन बचाने से लेकर ओवैसी और इमरान मसूद को संभालने तक।
राजभर ने अखिलेश से पूछा — कांग्रेस को कितनी सीटें देंगे और वह छोटा भाई है या बड़ा भाई।
यूपी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सीट-बँटवारे को लेकर राजनीतिक तनाव तेज़ हुआ।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने 19 अगस्त 2026 को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें भाजपा सहयोगी दलों की सीटों की चिंता छोड़कर पहले अपने गठबंधन और पार्टी को संभालना चाहिए। राजभर ने यह हमला सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट के ज़रिए किया, जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई।

एयरहोस्टेस वाला तंज़

राजभर ने अपनी पोस्ट में व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा, 'मित्र अखिलेशजी, वैसे तो आप चार्टर प्लेन में चलते हैं लेकिन कभी जहाज़ में चले होंगे तो एयरहोस्टेस अनाउंसमेंट करती हैं कि दूसरों की सुरक्षा से पहले अपनी सुरक्षा खुद करें। ये नियम आप पर राजनीति में भी लागू होता है दोस्त।' यह तंज़ सीधे तौर पर अखिलेश यादव की उस कथित टिप्पणी पर था जिसमें उन्होंने भाजपा सहयोगी दलों को मिलने वाली सीटों पर सवाल उठाया था।

राजभर की चुनौती: 'पहले ये दस काम करिए'

राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव को दस सूत्री 'चिंता-सूची' सौंपी। उन्होंने लिखा कि अखिलेश को इन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए — गठबंधन कैसे बचाएँ, कांग्रेस को कैसे मनाएँ, परिवार को कैसे जिताएँ, चुनाव हार कर पार्टी कैसे बचाएँ, उद्दंड कार्यकर्ताओं को कैसे बचाएँ, अपराधियों को कैसे बचाएँ, 'चच्चू' को कैसे संभालें, बागियों को कैसे रोकें, इमरान मसूद का क्या करें, और ओवैसी को कैसे हैंडल करें। राजभर ने कहा, 'यही नहीं है, बहुत कुछ है जो आपको मैनेज करना है। कहाँ आप हमारी चिंता में लगे हैं।'

सीट-बँटवारे पर सीधा जवाब

सीट-बँटवारे के सवाल पर राजभर ने स्पष्ट किया कि भाजपा के साथ सीटों पर बातचीत वे खुद करेंगे और इसमें किसी बाहरी हस्तक्षेप की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने कहा, 'हमें कितनी सीटें मिलेंगी वो हम बीजेपी से बात करके तय कर लेंगे। इसकी चिंता आपको थोड़ी ना करनी है।' साथ ही उन्होंने अखिलेश से पलटकर पूछा कि वे कांग्रेस को कितनी सीटें देंगे और यह भी स्पष्ट करें कि कांग्रेस उनका 'छोटा भाई है या बड़ा भाई।'

एकता और आगे की राह

राजभर ने अपने गठबंधन की मज़बूती पर ज़ोर देते हुए कहा, 'हम लोग एक थे, एक हैं, एक रहेंगे।' उन्होंने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि वे जीतेंगे और जनता की सेवा करेंगे। राजभर ने अखिलेश के 'माइंड गेम' को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इससे उनका कोई नुकसान नहीं होगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे तेज़ हो रही हैं और सीट-बँटवारे को लेकर सभी दलों में आंतरिक मंथन जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अखिलेश के लिए इंडी गठबंधन के भीतर कांग्रेस के साथ सीट-साझेदारी का समीकरण अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ है, जो विपक्ष की एकजुटता पर सवाल खड़े करता है। राजभर ने इसी कमज़ोर नस पर उँगली रखी है।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर हमला क्यों किया?
राजभर ने अखिलेश यादव पर हमला इसलिए किया क्योंकि अखिलेश ने कथित तौर पर भाजपा सहयोगी दलों को मिलने वाली सीटों पर टिप्पणी की थी। राजभर ने स्पष्ट किया कि सीट-बँटवारा वे सीधे भाजपा से तय करेंगे।
राजभर ने एक्स पर अखिलेश को क्या दस सूत्री चुनौती दी?
राजभर ने अखिलेश को गठबंधन बचाने, कांग्रेस को मनाने, परिवार को जिताने, बागियों को रोकने, इमरान मसूद और ओवैसी को संभालने समेत दस मुद्दों की सूची सौंपी। उनका कहना था कि इतने काम होते हुए अखिलेश दूसरों की सीटों की चिंता क्यों कर रहे हैं।
सुभासपा और भाजपा के बीच सीट-बँटवारे की स्थिति क्या है?
राजभर के बयान के अनुसार, सुभासपा और भाजपा के बीच सीट-बँटवारे पर बातचीत जारी है और इसे वे आपस में तय करेंगे। अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
राजभर ने कांग्रेस को लेकर अखिलेश से क्या सवाल पूछा?
राजभर ने अखिलेश से सीधे पूछा कि वे इंडी गठबंधन में कांग्रेस को कितनी सीटें देंगे और यह भी स्पष्ट करें कि कांग्रेस उनका छोटा भाई है या बड़ा भाई। यह सवाल विपक्षी गठबंधन की आंतरिक दरार की ओर इशारा करता है।
यह विवाद यूपी 2027 चुनाव के संदर्भ में क्यों अहम है?
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं और सीट-बँटवारे को लेकर सभी दलों में मंथन जारी है। राजभर-अखिलेश का यह वाक्युद्ध दिखाता है कि छोटे दल अब अपनी शर्तों पर गठबंधन करना चाहते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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