राजभर का अखिलेश पर तीखा पलटवार: 'पहले अपना इंडी गठबंधन संभालिए, हमारी सीटों की फ़िक्र छोड़िए'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने 19 अगस्त 2026 को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें भाजपा सहयोगी दलों की सीटों की चिंता छोड़कर पहले अपने गठबंधन और पार्टी को संभालना चाहिए। राजभर ने यह हमला सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट के ज़रिए किया, जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई।
एयरहोस्टेस वाला तंज़
राजभर ने अपनी पोस्ट में व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा, 'मित्र अखिलेशजी, वैसे तो आप चार्टर प्लेन में चलते हैं लेकिन कभी जहाज़ में चले होंगे तो एयरहोस्टेस अनाउंसमेंट करती हैं कि दूसरों की सुरक्षा से पहले अपनी सुरक्षा खुद करें। ये नियम आप पर राजनीति में भी लागू होता है दोस्त।' यह तंज़ सीधे तौर पर अखिलेश यादव की उस कथित टिप्पणी पर था जिसमें उन्होंने भाजपा सहयोगी दलों को मिलने वाली सीटों पर सवाल उठाया था।
राजभर की चुनौती: 'पहले ये दस काम करिए'
राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव को दस सूत्री 'चिंता-सूची' सौंपी। उन्होंने लिखा कि अखिलेश को इन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए — गठबंधन कैसे बचाएँ, कांग्रेस को कैसे मनाएँ, परिवार को कैसे जिताएँ, चुनाव हार कर पार्टी कैसे बचाएँ, उद्दंड कार्यकर्ताओं को कैसे बचाएँ, अपराधियों को कैसे बचाएँ, 'चच्चू' को कैसे संभालें, बागियों को कैसे रोकें, इमरान मसूद का क्या करें, और ओवैसी को कैसे हैंडल करें। राजभर ने कहा, 'यही नहीं है, बहुत कुछ है जो आपको मैनेज करना है। कहाँ आप हमारी चिंता में लगे हैं।'
सीट-बँटवारे पर सीधा जवाब
सीट-बँटवारे के सवाल पर राजभर ने स्पष्ट किया कि भाजपा के साथ सीटों पर बातचीत वे खुद करेंगे और इसमें किसी बाहरी हस्तक्षेप की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने कहा, 'हमें कितनी सीटें मिलेंगी वो हम बीजेपी से बात करके तय कर लेंगे। इसकी चिंता आपको थोड़ी ना करनी है।' साथ ही उन्होंने अखिलेश से पलटकर पूछा कि वे कांग्रेस को कितनी सीटें देंगे और यह भी स्पष्ट करें कि कांग्रेस उनका 'छोटा भाई है या बड़ा भाई।'
एकता और आगे की राह
राजभर ने अपने गठबंधन की मज़बूती पर ज़ोर देते हुए कहा, 'हम लोग एक थे, एक हैं, एक रहेंगे।' उन्होंने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि वे जीतेंगे और जनता की सेवा करेंगे। राजभर ने अखिलेश के 'माइंड गेम' को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इससे उनका कोई नुकसान नहीं होगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे तेज़ हो रही हैं और सीट-बँटवारे को लेकर सभी दलों में आंतरिक मंथन जारी है।