केरल PSC भर्ती घोटाला: CM सतीशन बोले — साख बहाल करेंगे, यह जनता के साथ धोखा
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने 4 नवंबर 2026 को तिरुवनंतपुरम में कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए केरल लोक सेवा आयोग (PSC) भर्ती विवाद में सामने आ रहे खुलासों को 'खतरनाक' करार दिया और राज्य की प्रमुख भर्ती संस्था की साख पुनः स्थापित करने का संकल्प लिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि PSC के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ताओं और रिश्तेदारों की नियुक्ति आम जनता के साथ सरासर धोखा है।
PSC विवाद पर मुख्यमंत्री की चेतावनी
मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा, 'हर दिन कई PSC परीक्षाओं से जुड़ी शिकायतें सामने आ रही हैं। जो रिपोर्टें आ रही हैं, वे खतरनाक हैं। हमारा काम PSC की साख को बहाल करना है और हम ऐसा करेंगे।' उन्होंने यह भी बताया कि PSC बोर्ड के सदस्यों के बीच आपसी मतभेद सामने आए हैं, जो इस संस्था की आंतरिक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाते हैं। जाँच जारी रहने के कारण उन्होंने विस्तृत जानकारी देने से फिलहाल परहेज किया और सभी पक्षों से जाँच पूरी होने तक इंतजार करने की अपील की।
बिजली खरीद विवाद: विजयन पर पलटवार
निजी कंपनियों से बिजली खरीद के विवाद पर मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री विजयन पर बेबुनियाद बयान देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) सरकार ने भी उसी कंपनी से बिजली खरीदी थी जिससे मौजूदा सरकार बातचीत कर रही है। सतीशन ने यह भी कहा कि पिछली सरकार राज्य की बिजली जरूरतों का सही अंदाजा लगाने और समय पर ऑर्डर देने में विफल रही थी।
मिशन समुद्र और विझिनजाम का हवाला
प्रस्तावित मिशन समुद्र परियोजना पर वामपंथ द्वारा नकारात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने विझिनजाम बंदरगाह परियोजना का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि यदि तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI-M] के विरोध के आगे घुटने टेक दिए होते, तो केरल एक महत्त्वपूर्ण विकास अवसर से वंचित रह जाता। गौरतलब है कि विझिनजाम बंदरगाह अब राज्य के समुद्री बुनियादी ढाँचे का प्रमुख केंद्र बन चुका है। सरकार मछुआरा समुदाय के बच्चों के लिए एक विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम भी शुरू करने की योजना बना रही है, ताकि उन्हें बंदरगाह से जुड़ी गतिविधियों के विस्तार के साथ उपलब्ध होने वाले रोजगार अवसरों के लिए तैयार किया जा सके।
शराब नीति और पर्यटन परियोजनाएँ
मुख्यमंत्री सतीशन ने स्पष्ट किया कि पिछली सरकार ने अधिकारियों को नए बार के लिए लाइसेंस देने की अनुमति देने वाले नियम बनाए थे, लेकिन उनकी सरकार उस नीति पर नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि नई शराब नीति जल्द घोषित की जाएगी। इसके साथ ही दो बड़ी पर्यटन परियोजनाओं — एक ओशिनेरियम और एक समुद्री संग्रहालय — के मसौदा प्रस्तावों को सरकार की मंजूरी मिल गई है और अगले चरण में इन पर समझौता ज्ञापन (MOU) हस्ताक्षरित किए जाएँगे।
IAS तबादले नियमित प्रक्रिया : सतीशन
हाल ही में हुए IAS अधिकारियों के तबादले को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विभागों में एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है और सरकार ने सभी नियमों का पालन किया है। उन्होंने जोर दिया कि इस तरह के तबादले करना सरकार का संवैधानिक विशेषाधिकार है। PSC की जाँच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, राज्य की भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता की माँग और तेज होने की उम्मीद है।