केरल पीएससी घोटाले में BJP का राज्यपाल से हस्तक्षेप का आग्रह, राजीव चंद्रशेखर बोले — युवाओं को मिले न्याय
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने 29 अक्टूबर 2026 को तिरुवनंतपुरम में केरल के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर से मुलाकात कर केरल लोक सेवा आयोग (PSC) में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया और राज्य के युवाओं को कानूनी प्रक्रिया के ज़रिये न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया। यह भेंट ऐसे समय में हुई जब क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम (SIT) PSC अध्यक्ष डॉ. एमआर बैजू सहित तीन अन्य सदस्यों से पहले ही पूछताछ कर चुकी है।
मुख्य घटनाक्रम
राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए BJP के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक राजीव चंद्रशेखर ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने PSC भर्ती घोटाले की गंभीरता से राज्यपाल को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल माथुर ने पूर्व राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर के रुख से सहमति जताई है और युवाओं को राहत दिलाने वाला दृष्टिकोण अपनाने का आश्वासन दिया है।
उल्लेखनीय है कि अर्लेकर ने तमिलनाडु के राज्यपाल पद से कार्यमुक्त होने से ठीक पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर PSC अध्यक्ष एमआर बैजू और आयोग के अन्य सदस्यों को हटाने की सिफारिश की थी। यह कार्रवाई केरल राज्य योजना बोर्ड की रैंक सूची में कथित घोटाले के उजागर होने के बाद की गई थी।
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन था शामिल
राज्यपाल से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में BJP विधायक दल के नेता बीबी गोपाकुमार, BJP राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं विधायक वी. मुरलीधरन, युवा मोर्चा प्रभारी अधिवक्ता पी. सुधीर और युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष शिजिल भी शामिल रहे।
राहुल गांधी पर निशाना
चंद्रशेखर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की भी आलोचना की। उनका कहना था कि राहुल गांधी देशभर में छात्रों और युवाओं की आवाज उठाने की बात करते हैं, लेकिन केरल में PSC की कथित अनियमितताओं और युवाओं के साथ हो रहे अन्याय पर मौन हैं। चंद्रशेखर ने कहा, 'यदि कांग्रेस नेतृत्व छात्रों के अधिकारों की बात करता है तो उसे केरल के युवाओं की समस्याओं पर भी वही रुख अपनाना चाहिए।' उन्होंने जनता से इस 'कथित राजनीतिक विरोधाभास' को समझने का आह्वान किया।
जाँच का ताज़ा हाल
क्राइम ब्रांच की SIT फिलहाल योजना बोर्ड से जुड़े पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। बुधवार, 28 अक्टूबर को SIT ने PSC के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को गिरफ्तार किया, जबकि एक अन्य कार्यरत कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है जो फिलहाल फरार बताया जा रहा है।
सरकार पर आरोप और आगे की माँग
BJP विधायक बीबी गोपाकुमार ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार उन PSC रैंकधारकों की माँगें पूरी करने में विफल रही है जिन्होंने अपनी बात सरकार तक पहुँचाने के लिए सिर मुंडवाकर प्रदर्शन किया था। उन्होंने दावा किया कि सरकार करीब 150 दिनों तक इस मुद्दे पर उदासीन रही और तब कार्रवाई हुई जब राज्यपाल ने संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत राष्ट्रपति को कार्रवाई की सिफारिश की।
चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि PSC रैंकधारकों की शिकायतों का तत्काल समाधान और उनके भविष्य की रक्षा सुनिश्चित होने तक BJP यह मुद्दा मज़बूती से उठाती रहेगी — यह संकेत आने वाले दिनों में और राजनीतिक दबाव की ओर इशारा करता है।