29 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बनासकांठा में भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर का उद्घाटन करेंगे PM मोदी, ₹14,000 करोड़ की परियोजनाएं भी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बनासकांठा में भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर का उद्घाटन करेंगे PM मोदी, ₹14,000 करोड़ की परियोजनाएं भी

सारांश

बनासकांठा के 127 एकड़ में बना भारत का पहला कांकरेज नस्ल-समर्पित रिसर्च सेंटर सिर्फ एक उद्घाटन नहीं — यह विज्ञान को खेत तक ले जाने का दांव है। ET-IVF तकनीक से नस्ल सुधार की रफ्तार 20 गुना बढ़ाने का दावा है, और साथ में ₹19,000 करोड़ की PM-किसान किस्त से राजनीतिक संदेश भी साफ है।

मुख्य बातें

PM मोदी 30 अक्टूबर 2026 को बनासकांठा, गुजरात में भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) का उद्घाटन करेंगे।
केंद्र 127 एकड़ में फैला है और कांकरेज नस्ल के लिए देश का पहला समर्पित अनुसंधान केंद्र होगा।
ET-IVF तकनीक से नस्ल सुधार में 10 से 20 गुना तेजी आने की उम्मीद।
थराद (75 MT/दिन) और राधनपुर (100 MT/दिन) में बायो-सीएनजी संयंत्रों की आधारशिला रखी जाएगी।
PM-किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के रूप में करीब ₹19,000 करोड़ वितरित किए जाएंगे।
₹14,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का राष्ट्र-समर्पण; 521 कृषि अवसंरचना परियोजनाएं शामिल।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के बनासकांठा जिले के भिलड़ी में स्थापित भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) का उद्घाटन करेंगे, जो देश में गोवंश प्रजनन और डेयरी क्षेत्र की दिशा बदलने वाला एक अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र है। 127 एकड़ में फैले इस केंद्र से दूध उत्पादन में वृद्धि, स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है। यह उद्घाटन ₹14,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं के राष्ट्र-समर्पण के साथ होगा।

केंद्र की विशेषताएं और तकनीकी क्षमता

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, BBBRC को गोवंश प्रजनन, आनुवंशिक सुधार और आधुनिक प्रजनन तकनीकों पर केंद्रित एक उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। इसमें भ्रूण स्थानांतरण प्रौद्योगिकी और इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (ET-IVF) प्रयोगशाला की सुविधा होगी, जो नस्ल सुधार की प्रक्रिया में 10 से 20 गुना तक तेजी लाने में सक्षम बताई जा रही है।

यह केंद्र कांकरेज नस्ल के लिए समर्पित देश का अपनी तरह का पहला केंद्र होगा — एक ऐसी स्वदेशी गोवंश नस्ल जो गुजरात की पहचान से जुड़ी है और जिसकी संख्या में पिछले दशकों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'भारत के पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में अगली बड़ी छलांग कैसी होगी? यह जानने के लिए गुजरात के बनासकांठा आइए।'

बनास डेयरी और बायो-सीएनजी संयंत्रों की नींव

बनासकांठा में पहले से सक्रिय बनास डेयरी गुजरात की दुग्ध अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है और देश के सबसे बड़े सहकारी डेयरी नेटवर्कों में से एक है। प्रधानमंत्री इस दौरे के दौरान बनास डेयरी के दो बायो-सीएनजी संयंत्रों की आधारशिला भी रखेंगे — एक थराद में, जो प्रतिदिन 75 मीट्रिक टन गोबर के प्रसंस्करण की क्षमता वाला होगा, और दूसरा राधनपुर में, जिसकी क्षमता 100 मीट्रिक टन प्रतिदिन होगी।

इन परियोजनाओं का उद्देश्य डेयरी गतिविधियों को स्वच्छ ईंधन उत्पादन से जोड़ना है — एक ऐसा प्रयोग जो सफल रहा तो देश के अन्य डेयरी जिलों के लिए मॉडल बन सकता है।

अन्य विकास परियोजनाएं और PM-किसान किस्त

बनासकांठा दौरे में शामिल अन्य प्रमुख परियोजनाओं में अहमदाबाद मेट्रो का एयरपोर्ट और गिफ्ट सिटी की ओर विस्तार, अहमदाबाद-मेहसाणा सड़क को 4 लेन से 8 लेन करने का कार्य, और बच्चों के अनुकूल नए आंगनवाड़ी केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री कृषि अवसंरचना कोष के तहत 521 परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा और दो ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई जाएगी।

30 और 31 अक्टूबर के दो दिवसीय गुजरात दौरे में मोदी पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त भी जारी करेंगे, जिसके तहत करीब ₹19,000 करोड़ वितरित किए जाने हैं। गौरतलब है कि यह दौरा सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के साथ भी जुड़ा है।

किसानों पर संभावित असर और सीमाएं

पशुओं की आनुवंशिक गुणवत्ता में सुधार और ET-IVF जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग से दुग्ध उत्पादकता बढ़ाने की संभावना है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसका वास्तविक लाभ किसानों तक पहुँचना इन तकनीकों को अपनाने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। छोटे और सीमांत पशुपालकों तक इन सुविधाओं की पहुँच सुनिश्चित करना एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी रहेगी।

यह केंद्र ऐसे समय में खुल रहा है जब भारत विश्व का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है, लेकिन प्रति पशु दुग्ध उत्पादन कई विकसित देशों की तुलना में अब भी काफी कम है। BBBRC इस अंतर को पाटने की दिशा में एक ठोस वैज्ञानिक कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ET-IVF जैसी उन्नत तकनीकें उन लाखों छोटे पशुपालकों तक कैसे और कब पहुँचेंगी जिनके पास एक या दो पशु हैं। भारत विश्व का सबसे बड़ा दूध उत्पादक होने के बावजूद प्रति पशु उत्पादकता में पिछड़ा है — यह विरोधाभास दशकों पुराना है और सिर्फ एक शोध केंद्र से नहीं टूटेगा। बायो-सीएनजी संयंत्रों और PM-किसान किस्त को एक साथ जोड़ना राजनीतिक संदेश को वैज्ञानिक पहल से ऊपर रखने का जोखिम उठाता है। क्रियान्वयन की जवाबदेही और किसानों तक लाभ की वास्तविक पहुँच को मापने का कोई सार्वजनिक ढांचा अभी सामने नहीं आया है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) क्या है?
BBBRC गुजरात के बनासकांठा जिले के भिलड़ी में 127 एकड़ में स्थापित एक अत्याधुनिक गोवंश प्रजनन एवं अनुसंधान केंद्र है, जिसे PM मोदी 30 अक्टूबर 2026 को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह ET-IVF तकनीक से नस्ल सुधार में 10 से 20 गुना तेजी लाने और कांकरेज जैसी स्वदेशी नस्लों के संरक्षण पर केंद्रित है।
BBBRC से डेयरी किसानों को क्या फायदा होगा?
केंद्र से प्रति पशु अधिक दूध उत्पादन, आनुवंशिक रूप से बेहतर नस्लों की उपलब्धता और किसानों की आय में वृद्धि की उम्मीद है। हालांकि, इसका व्यावहारिक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि उन्नत प्रजनन तकनीकें छोटे और सीमांत पशुपालकों तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुँच पाती हैं।
PM-किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त कब और कितनी जारी होगी?
PM मोदी 30 अक्टूबर 2026 को अपने गुजरात दौरे के दौरान पीएम-किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी करेंगे, जिसके तहत करीब ₹19,000 करोड़ वितरित किए जाने हैं। यह राशि सीधे पात्र किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी।
बनास डेयरी के बायो-सीएनजी संयंत्र कहाँ बनेंगे और इनकी क्षमता क्या होगी?
दो बायो-सीएनजी संयंत्र क्रमशः थराद (75 मीट्रिक टन गोबर प्रसंस्करण प्रतिदिन) और राधनपुर (100 मीट्रिक टन प्रतिदिन) में स्थापित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य डेयरी गतिविधियों को स्वच्छ ईंधन उत्पादन से जोड़ना है।
PM मोदी के बनासकांठा दौरे में और क्या-क्या होगा?
30-31 अक्टूबर के दौरे में मोदी अहमदाबाद मेट्रो विस्तार, अहमदाबाद-मेहसाणा 8-लेन सड़क, 521 कृषि अवसंरचना परियोजनाओं का राष्ट्र-समर्पण और दो ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ करेंगे। साथ ही वे एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भी भाग लेंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 घंटे पहले
  2. 8 घंटे पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 4 दिन पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले