बनासकांठा में भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर का उद्घाटन करेंगे PM मोदी, ₹14,000 करोड़ की परियोजनाएं भी
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के बनासकांठा जिले के भिलड़ी में स्थापित भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) का उद्घाटन करेंगे, जो देश में गोवंश प्रजनन और डेयरी क्षेत्र की दिशा बदलने वाला एक अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र है। 127 एकड़ में फैले इस केंद्र से दूध उत्पादन में वृद्धि, स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है। यह उद्घाटन ₹14,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं के राष्ट्र-समर्पण के साथ होगा।
केंद्र की विशेषताएं और तकनीकी क्षमता
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, BBBRC को गोवंश प्रजनन, आनुवंशिक सुधार और आधुनिक प्रजनन तकनीकों पर केंद्रित एक उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। इसमें भ्रूण स्थानांतरण प्रौद्योगिकी और इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (ET-IVF) प्रयोगशाला की सुविधा होगी, जो नस्ल सुधार की प्रक्रिया में 10 से 20 गुना तक तेजी लाने में सक्षम बताई जा रही है।
यह केंद्र कांकरेज नस्ल के लिए समर्पित देश का अपनी तरह का पहला केंद्र होगा — एक ऐसी स्वदेशी गोवंश नस्ल जो गुजरात की पहचान से जुड़ी है और जिसकी संख्या में पिछले दशकों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'भारत के पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में अगली बड़ी छलांग कैसी होगी? यह जानने के लिए गुजरात के बनासकांठा आइए।'
बनास डेयरी और बायो-सीएनजी संयंत्रों की नींव
बनासकांठा में पहले से सक्रिय बनास डेयरी गुजरात की दुग्ध अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है और देश के सबसे बड़े सहकारी डेयरी नेटवर्कों में से एक है। प्रधानमंत्री इस दौरे के दौरान बनास डेयरी के दो बायो-सीएनजी संयंत्रों की आधारशिला भी रखेंगे — एक थराद में, जो प्रतिदिन 75 मीट्रिक टन गोबर के प्रसंस्करण की क्षमता वाला होगा, और दूसरा राधनपुर में, जिसकी क्षमता 100 मीट्रिक टन प्रतिदिन होगी।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य डेयरी गतिविधियों को स्वच्छ ईंधन उत्पादन से जोड़ना है — एक ऐसा प्रयोग जो सफल रहा तो देश के अन्य डेयरी जिलों के लिए मॉडल बन सकता है।
अन्य विकास परियोजनाएं और PM-किसान किस्त
बनासकांठा दौरे में शामिल अन्य प्रमुख परियोजनाओं में अहमदाबाद मेट्रो का एयरपोर्ट और गिफ्ट सिटी की ओर विस्तार, अहमदाबाद-मेहसाणा सड़क को 4 लेन से 8 लेन करने का कार्य, और बच्चों के अनुकूल नए आंगनवाड़ी केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री कृषि अवसंरचना कोष के तहत 521 परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा और दो ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई जाएगी।
30 और 31 अक्टूबर के दो दिवसीय गुजरात दौरे में मोदी पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त भी जारी करेंगे, जिसके तहत करीब ₹19,000 करोड़ वितरित किए जाने हैं। गौरतलब है कि यह दौरा सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के साथ भी जुड़ा है।
किसानों पर संभावित असर और सीमाएं
पशुओं की आनुवंशिक गुणवत्ता में सुधार और ET-IVF जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग से दुग्ध उत्पादकता बढ़ाने की संभावना है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसका वास्तविक लाभ किसानों तक पहुँचना इन तकनीकों को अपनाने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। छोटे और सीमांत पशुपालकों तक इन सुविधाओं की पहुँच सुनिश्चित करना एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी रहेगी।
यह केंद्र ऐसे समय में खुल रहा है जब भारत विश्व का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है, लेकिन प्रति पशु दुग्ध उत्पादन कई विकसित देशों की तुलना में अब भी काफी कम है। BBBRC इस अंतर को पाटने की दिशा में एक ठोस वैज्ञानिक कदम माना जा रहा है।