ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण: भूपेंद्र यादव ने कच्छ के नलिया में सॉफ्ट रिलीज सेंटर का उद्घाटन किया
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 14 सितंबर 2026 को गुजरात के कच्छ जिले के नलिया स्थित ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) आवास क्षेत्र का दौरा किया और गुजरात वन विभाग तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा संचालित संरक्षण एवं आवास प्रबंधन कार्यों की व्यापक समीक्षा की। इस दौरे के दौरान उन्होंने एक सॉफ्ट रिलीज सेंटर का उद्घाटन किया और 33 नए गश्ती व बचाव वाहन भी रवाना किए।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री भूपेंद्र यादव ने नलिया में स्थानीय जत सुमरा और दरबार समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ 'खातला सभा' में संवाद किया और पक्षी संरक्षण प्रयासों में उनके सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने सामाजिक मंच एक्स पर भी इस दौरे की जानकारी साझा की।
यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण में समुदाय-आधारित भागीदारी को प्राथमिकता दे रहा है। उनके अनुसार, कच्छ के स्थानीय पशुपालक और कृषक समुदाय GIB संरक्षण की सफलता में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं।
ज़मीनी स्तर पर संरक्षण कार्य
अधिकारियों ने मंत्री को क्षेत्र में हुई प्रमुख गतिविधियों की जानकारी दी। इनमें आक्रामक पौधे प्रोसोपिस जुलीफ्लोरा से प्रभावित लगभग 11 वर्ग किलोमीटर घास के मैदान का पुनर्स्थापन शामिल है। इसके अलावा 15 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए 30 किलोमीटर लंबी शिकारी-रोधी बाड़ लगाई गई है।
संरक्षण प्रजनन कार्यक्रम के अंतर्गत एक उल्लेखनीय पहल भी सामने आई — जंगली मादा GIB के निषेचित न होने वाले अंडों की जगह संरक्षण केंद्र में विकसित स्वस्थ अंडे रखे गए। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रयास से जन्मा चूजा जंगल में शुरुआती तीन महीने की महत्वपूर्ण अवधि सफलतापूर्वक पार कर चुका है, जो गुजरात में इस दुर्लभ पक्षी के संरक्षण की दिशा में एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है।
गश्ती वाहन और वन सुरक्षा
मंत्री ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण गतिविधियों को सुदृढ़ करने के लिए 33 नए गश्ती और बचाव वाहनों को रवाना किया। ये वाहन कच्छ वन परिक्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में वन सुरक्षा, वन्यजीव निगरानी, क्षेत्रीय गश्त और त्वरित प्रतिक्रिया कार्यों में इस्तेमाल होंगे।
सयारा वन कवच और वृक्षारोपण परियोजना
दौरे के दूसरे चरण में भूपेंद्र यादव ने सयारा स्थित हरियालु ग्राम वृक्षारोपण परियोजना का भ्रमण किया। यहाँ उन्हें सयारा वन कवच पहल और उससे जुड़े मधुमक्खी पालन केंद्र की जानकारी दी गई। मंत्री ने स्वयं एक पौधा भी लगाया और सयारा वन कवच परियोजना का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर वृक्षारोपण गतिविधियों के लिए दीनदयाल पोर्ट प्राधिकरण के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) का आदान-प्रदान भी हुआ, जिसके यादव साक्षी बने। यह MOU वन संरक्षण में सार्वजनिक-निजी भागीदारी का एक उदाहरण है।
आगे की राह
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड विश्व के सर्वाधिक संकटग्रस्त पक्षियों में से एक है और भारत में इसकी संख्या अत्यंत सीमित है। यह दौरा ऐसे समय में आया है जब वन्यजीव संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी और वैज्ञानिक हस्तक्षेप को समन्वित करने की माँग लगातार बढ़ रही है। नलिया में हुई प्रगति — विशेषकर चूजे का तीन महीने की अवधि पार करना — भविष्य के संरक्षण प्रयासों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।