डीजीएफटी में केंद्रीय प्रसंस्करण विभाग: अक्टूबर 2026 से फेसलेस व्यापार सुविधा प्रणाली लागू होगी
सारांश
मुख्य बातें
वाणिज्य मंत्रालय ने विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) में एक नया केंद्रीय प्रसंस्करण विभाग (CPD) स्थापित करने की घोषणा की है, जो निर्यातकों और आयातकों के लिए फेसलेस, पेपरलेस और क्षेत्राधिकार-मुक्त व्यापार सुविधा प्रणाली को संचालित करेगा। डीजीएफटी के एक आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, यह प्रणाली अक्टूबर 2026 के दूसरे पखवाड़े में राष्ट्र को समर्पित किए जाने का प्रस्ताव है।
केंद्रीय प्रसंस्करण विभाग: स्वरूप और संरचना
नया केंद्रीय प्रसंस्करण विभाग दिल्ली के केंद्रीय लाइसेंसिंग क्षेत्र (CLA) में स्थित होगा और व्यापार संबंधी आवेदनों के प्रसंस्करण के लिए एकल केंद्रीय इकाई के रूप में कार्य करेगा। इस विभाग में डीजीएफटी मुख्यालय और उसके विभिन्न क्षेत्रीय प्राधिकरणों से अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल किए जाएंगे।
ज्ञापन के अनुसार, दिल्ली और क्षेत्रीय केंद्रों से डीजीएफटी के 53 अधिकारियों को इस विभाग में तैनात या स्थानांतरित किया गया है। इनमें पाँच संयुक्त डीजीएफटी, 10 उप डीजीएफटी और सात सहायक डीजीएफटी सम्मिलित हैं।
अधिकारियों की तैनाती और प्रशिक्षण कार्यक्रम
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारी 30 सितंबर 2026 को अपने वर्तमान कार्यभार से मुक्त होंगे। इसके पश्चात उन्हें अभिविन्यास एवं प्रशिक्षण के लिए 5 अक्टूबर 2026 को डीजीएफटी मुख्यालय, वाणिज्य भवन, नई दिल्ली में रिपोर्ट करना होगा।
प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत अधिकारी CLA दिल्ली स्थित केंद्रीय प्रसंस्करण विभाग में कार्यभार ग्रहण करेंगे। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नियुक्ति को बनाए रखने, स्थगित करने या उसमें संशोधन के किसी भी अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा।
फेसलेस प्रणाली से व्यापार सुगमता पर असर
फेसलेस व्यापार सुविधा प्रणाली का उद्देश्य व्यापार संबंधी आवेदनों के प्रसंस्करण में पारदर्शिता बढ़ाना, प्रसंस्करण समय घटाना और निर्यातकों व आयातकों के लिए व्यापार सुगमता में व्यावहारिक सुधार करना है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार देश की Ease of Doing Business रैंकिंग को बेहतर करने और निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने पर विशेष बल दे रही है।
गौरतलब है कि फेसलेस प्रसंस्करण की अवधारणा पहले आयकर विभाग और सीमा शुल्क क्षेत्र में सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी है। विदेश व्यापार क्षेत्र में इसे लागू करने से व्यापारियों को अब अलग-अलग क्षेत्रीय कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और आवेदनों की स्वचालित, डिजिटल प्रोसेसिंग सुनिश्चित होगी।
क्षेत्रीय प्राधिकरणों की जिम्मेदारी
ज्ञापन के अनुसार, संबंधित क्षेत्रीय और क्षेत्रीय प्राधिकरणों के प्रमुख तथा डीजीएफटी मुख्यालय के संबंधित प्रभाग यह सुनिश्चित करेंगे कि अधिकारियों को 30 सितंबर 2026 को बिना किसी अपवाद के कार्यभार से मुक्त किया जाए। साथ ही, कार्यभार, लंबित फाइलें और मामलों के रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से सौंपे जाएँ।
यह कदम बताता है कि सरकार इस पहल को समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने के प्रति गंभीर है और किसी भी तरह की देरी की गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है। आने वाले हफ्तों में इस प्रणाली की परिचालन तैयारियों की स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।