14 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

डीजीएफटी में केंद्रीय प्रसंस्करण विभाग: अक्टूबर 2026 से फेसलेस व्यापार सुविधा प्रणाली लागू होगी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
डीजीएफटी में केंद्रीय प्रसंस्करण विभाग: अक्टूबर 2026 से फेसलेस व्यापार सुविधा प्रणाली लागू होगी

सारांश

वाणिज्य मंत्रालय ने डीजीएफटी में नया केंद्रीय प्रसंस्करण विभाग स्थापित किया है — 53 अधिकारियों की तैनाती के साथ। अक्टूबर 2026 के दूसरे पखवाड़े से फेसलेस, पेपरलेस और क्षेत्राधिकार-मुक्त व्यापार सुविधा प्रणाली निर्यातकों और आयातकों के लिए लागू होगी।

मुख्य बातें

वाणिज्य मंत्रालय ने डीजीएफटी में केंद्रीय प्रसंस्करण विभाग (CPD) की स्थापना की घोषणा की है।
नई फेसलेस, पेपरलेस व्यापार सुविधा प्रणाली अक्टूबर 2026 के दूसरे पखवाड़े में लागू होने का प्रस्ताव है।
विभाग CLA दिल्ली में स्थित होगा; इसमें 53 अधिकारी तैनात किए गए हैं।
संबंधित अधिकारी 30 सितंबर 2026 को कार्यभार मुक्त होंगे और 5 अक्टूबर को वाणिज्य भवन में प्रशिक्षण के लिए रिपोर्ट करेंगे।
इस प्रणाली का लक्ष्य प्रसंस्करण समय घटाना, पारदर्शिता बढ़ाना और निर्यातकों-आयातकों के लिए व्यापार सुगमता में सुधार करना है।

वाणिज्य मंत्रालय ने विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) में एक नया केंद्रीय प्रसंस्करण विभाग (CPD) स्थापित करने की घोषणा की है, जो निर्यातकों और आयातकों के लिए फेसलेस, पेपरलेस और क्षेत्राधिकार-मुक्त व्यापार सुविधा प्रणाली को संचालित करेगा। डीजीएफटी के एक आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, यह प्रणाली अक्टूबर 2026 के दूसरे पखवाड़े में राष्ट्र को समर्पित किए जाने का प्रस्ताव है।

केंद्रीय प्रसंस्करण विभाग: स्वरूप और संरचना

नया केंद्रीय प्रसंस्करण विभाग दिल्ली के केंद्रीय लाइसेंसिंग क्षेत्र (CLA) में स्थित होगा और व्यापार संबंधी आवेदनों के प्रसंस्करण के लिए एकल केंद्रीय इकाई के रूप में कार्य करेगा। इस विभाग में डीजीएफटी मुख्यालय और उसके विभिन्न क्षेत्रीय प्राधिकरणों से अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल किए जाएंगे।

ज्ञापन के अनुसार, दिल्ली और क्षेत्रीय केंद्रों से डीजीएफटी के 53 अधिकारियों को इस विभाग में तैनात या स्थानांतरित किया गया है। इनमें पाँच संयुक्त डीजीएफटी, 10 उप डीजीएफटी और सात सहायक डीजीएफटी सम्मिलित हैं।

अधिकारियों की तैनाती और प्रशिक्षण कार्यक्रम

ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारी 30 सितंबर 2026 को अपने वर्तमान कार्यभार से मुक्त होंगे। इसके पश्चात उन्हें अभिविन्यास एवं प्रशिक्षण के लिए 5 अक्टूबर 2026 को डीजीएफटी मुख्यालय, वाणिज्य भवन, नई दिल्ली में रिपोर्ट करना होगा।

प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत अधिकारी CLA दिल्ली स्थित केंद्रीय प्रसंस्करण विभाग में कार्यभार ग्रहण करेंगे। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नियुक्ति को बनाए रखने, स्थगित करने या उसमें संशोधन के किसी भी अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा।

फेसलेस प्रणाली से व्यापार सुगमता पर असर

फेसलेस व्यापार सुविधा प्रणाली का उद्देश्य व्यापार संबंधी आवेदनों के प्रसंस्करण में पारदर्शिता बढ़ाना, प्रसंस्करण समय घटाना और निर्यातकों व आयातकों के लिए व्यापार सुगमता में व्यावहारिक सुधार करना है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार देश की Ease of Doing Business रैंकिंग को बेहतर करने और निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने पर विशेष बल दे रही है।

गौरतलब है कि फेसलेस प्रसंस्करण की अवधारणा पहले आयकर विभाग और सीमा शुल्क क्षेत्र में सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी है। विदेश व्यापार क्षेत्र में इसे लागू करने से व्यापारियों को अब अलग-अलग क्षेत्रीय कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और आवेदनों की स्वचालित, डिजिटल प्रोसेसिंग सुनिश्चित होगी।

क्षेत्रीय प्राधिकरणों की जिम्मेदारी

ज्ञापन के अनुसार, संबंधित क्षेत्रीय और क्षेत्रीय प्राधिकरणों के प्रमुख तथा डीजीएफटी मुख्यालय के संबंधित प्रभाग यह सुनिश्चित करेंगे कि अधिकारियों को 30 सितंबर 2026 को बिना किसी अपवाद के कार्यभार से मुक्त किया जाए। साथ ही, कार्यभार, लंबित फाइलें और मामलों के रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से सौंपे जाएँ।

यह कदम बताता है कि सरकार इस पहल को समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने के प्रति गंभीर है और किसी भी तरह की देरी की गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है। आने वाले हफ्तों में इस प्रणाली की परिचालन तैयारियों की स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की गति होगी — डीजीएफटी के क्षेत्रीय कार्यालयों में वर्षों से चली आ रही लंबित फाइलों और पुरानी कार्य-संस्कृति को एक केंद्रीय इकाई से रातोंरात बदलना सरल नहीं है। आयकर विभाग की फेसलेस अपील योजना के शुरुआती दौर में तकनीकी खामियों और अधिकारियों के विरोध जैसी चुनौतियाँ देखी गई थीं — वाणिज्य मंत्रालय को वहाँ से सबक लेना होगा। इसके अलावा, 53 अधिकारियों की केंद्रीकृत टीम लाखों व्यापार आवेदनों के बोझ को कितनी तेज़ी से संभाल पाएगी, यह प्रश्न अनुत्तरित है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीजीएफटी की फेसलेस व्यापार सुविधा प्रणाली क्या है?
यह वाणिज्य मंत्रालय की एक नई पहल है जिसके तहत निर्यातकों और आयातकों के व्यापार संबंधी आवेदन बिना किसी व्यक्तिगत संपर्क, कागजी प्रक्रिया या क्षेत्राधिकार की बाध्यता के डिजिटल रूप से संसाधित किए जाएंगे। इसके लिए डीजीएफटी में एक नया केंद्रीय प्रसंस्करण विभाग (CPD) स्थापित किया जा रहा है।
यह प्रणाली कब से लागू होगी?
डीजीएफटी के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, फेसलेस व्यापार सुविधा प्रणाली अक्टूबर 2026 के दूसरे पखवाड़े में राष्ट्र को समर्पित किए जाने का प्रस्ताव है। इससे पहले संबंधित अधिकारी 5 अक्टूबर को प्रशिक्षण के लिए वाणिज्य भवन रिपोर्ट करेंगे।
केंद्रीय प्रसंस्करण विभाग (CPD) कहाँ स्थित होगा और इसमें कितने अधिकारी होंगे?
केंद्रीय प्रसंस्करण विभाग दिल्ली के केंद्रीय लाइसेंसिंग क्षेत्र (CLA) में स्थित होगा। इसमें डीजीएफटी दिल्ली और क्षेत्रीय केंद्रों से 53 अधिकारियों को तैनात किया गया है, जिनमें पाँच संयुक्त डीजीएफटी, 10 उप डीजीएफटी और सात सहायक डीजीएफटी शामिल हैं।
इस प्रणाली से निर्यातकों और आयातकों को क्या लाभ होगा?
इस प्रणाली से व्यापार आवेदनों का प्रसंस्करण तेज़ होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी और निर्यातकों-आयातकों को अलग-अलग क्षेत्रीय कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। क्षेत्राधिकार-मुक्त प्रसंस्करण से भ्रष्टाचार की संभावना भी कम होने की उम्मीद है।
अधिकारियों का स्थानांतरण और कार्यभार हस्तांतरण कैसे होगा?
ज्ञापन के अनुसार संबंधित अधिकारी 30 सितंबर 2026 को वर्तमान कार्यभार से मुक्त होंगे और लंबित फाइलें व केस रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से सौंपे जाएंगे। किसी भी स्थानांतरण को रोकने, स्थगित करने या संशोधित करने के अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले