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क्या दिल्ली में बस सुविधा होगी और मजबूत? बुधवार से नया रूट रेशनलाइजेशन लागू!

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क्या दिल्ली में बस सुविधा होगी और मजबूत? बुधवार से नया रूट रेशनलाइजेशन लागू!

सारांश

दिल्ली सरकार ने पश्चिम क्षेत्र के लिए नया रूट रेशनलाइजेशन लागू किया है। यह पहल डीटीसी द्वारा की गई है, जिसका लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन सेवा की विश्वसनीयता को बढ़ाना और लास्ट माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है। जानें, इस योजना के तहत क्या बदलाव होंगे!

मुख्य बातें

दिल्ली में नया रूट रेशनलाइजेशन 21 जनवरी से लागू होगा।
इससे बस यात्रियों की प्रतीक्षा समय कम होगा।
इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती की जाएगी।
181 रूट्स पर सेवाएं बेहतर होंगी।
दिल्ली सरकार का लक्ष्य 7000 इलेक्ट्रिक बसों का है।

नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली सरकार ने पश्चिम क्षेत्र के लिए नया रूट रेशनलाइजेशन लागू करने की प्रक्रिया शुरू की है। यह कार्य दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (डीटीसी) द्वारा किया गया है, जिसका उद्देश्य लास्ट माइल कनेक्टिविटी को और सुधारना, सार्वजनिक परिवहन सेवा की विश्वसनीयता को बढ़ाना और राजधानी दिल्ली में बस यात्रियों को लास्ट माइल कनेक्टिविटी की सुविधाएं प्रदान करना है।

दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कुशल नेतृत्व में दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि किसी भी बस यात्री को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। पश्चिम क्षेत्र में रूटों का रेशनलाइजेशन विश्वसनीयता बढ़ाने, यात्रियों की प्रतीक्षा समय को कम करने और सेवाओं में सुधार लाने के उद्देश्य से योजना बनाई गई है। हम दिल्ली के प्रत्येक नागरिक के लिए एक सशक्त और अधिक कुशल आधुनिक सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का निर्माण कर रहे हैं।

नया रूट रेशनलाइजेशन ढांचा बुधवार 21 जनवरी से लागू होगा। यह पहल यमुना क्षेत्र (पूर्व) में सफल रूट रेशनलाइजेशन के बाद शुरू की जा रही है, जिसके बाद अगला चरण जल्द ही उत्तर क्षेत्र में शुरू किया जाएगा।

पश्चिम क्षेत्र में यह रूट रेशनलाइजेशन ऐसे समय पर लागू किया जा रहा है, जब दिल्ली में वैधानिक दिशानिर्देशों के अनुसार 15 वर्ष पुरानी डीटीसी की सीएनजी लो-फ्लोर बसों को धीरे-धीरे हटाया जा रहा है। इस अनिवार्य प्रक्रिया के बावजूद, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने सुनिश्चित किया है कि दिल्ली में डीटीसी बसों की कोई कमी न हो।

पश्चिम क्षेत्र में ऑपरेशनल कंटिन्यूटी बनाए रखने, बसों के फ्लीट के इस्तेमाल को ऑप्टिमाइज़ करने और यात्रियों की प्रतीक्षा समय को कम करने के लिए सेवाओं को पुनर्गठित किया गया है। इस प्रक्रिया के साथ यह भी सुनिश्चित किया गया है कि 12 मीटर वाला कोई भी रूट बंद न हो, बल्कि रूट्स को वैज्ञानिक तरीके से रीऑर्गेनाइज़ किया गया है। पीक आवर्स में बस यात्रियों को बेहतर और सुगम सेवा प्रदान करने के लिए यूनिफाइड टाइम टेबल के तहत अतिरिक्त बसें भी तैनात की गई हैं।

इस रूट रेशनलाइजेशन में 9 मीटर वाली देवी इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती भी शामिल है, जिसके तहत मौजूदा इलेक्ट्रिक बस फ्लीट का लगभग 50 फीसदी हिस्सा इन चुनिंदा 12 मीटर वाले रूटों पर डीटीसी बस सेवा की निरंतरता बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसके अतिरिक्त, पश्चिम क्षेत्र में कुछ सीएनजी डिपो/बसों के बंद होने के चलते प्रभावित रूट्स के लिए भी रूट रेशनलाइजेशन के जरिए सही एडजस्टमेंट किए जा रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि डीटीसी की बस सेवा बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से चलती रहे। कुल मिलाकर, इस कदम से पश्चिम क्षेत्र के सभी 181 रूट्स पर बसों की सेवा डिलीवरी और बेहतर हुई है।

इस बीच, राजधानी दिल्ली में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में बदलाव तेज गति से हो रहा है। दिल्ली में हमारी सरकार बनने के बाद, अब तक 3600 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जा चुकी हैं। दिल्ली सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाकर 5000 से ज्यादा और नवंबर 2026 तक इसे 7000 से ज्यादा करने का है, जिससे दिल्ली सस्टेनेबल मोबिलिटी में वैश्विक नेता बन सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल यात्रियों की सुविधा को बढ़ाएगा, बल्कि सार्वजनिक परिवहन की विश्वसनीयता में भी सुधार करेगा। यह पहल न केवल पश्चिम क्षेत्र के लिए, बल्कि पूरे दिल्ली में परिवहन प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नया रूट रेशनलाइजेशन कब लागू होगा?
नया रूट रेशनलाइजेशन बुधवार, 21 जनवरी से लागू होगा।
इस रूट रेशनलाइजेशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य लास्ट माइल कनेक्टिविटी को सुधारना और बस यात्रियों की सुविधा को बढ़ाना है।
क्या रूट रेशनलाइजेशन में इलेक्ट्रिक बसों का इस्तेमाल होगा?
हाँ, इस रूट रेशनलाइजेशन में 9 मीटर वाली देवी इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती भी शामिल है।
कितने रूट्स पर यह नया सिस्टम लागू होगा?
यह नया सिस्टम पश्चिम क्षेत्र के सभी 181 रूट्स पर लागू होगा।
दिल्ली सरकार का इलेक्ट्रिक बसों का क्या लक्ष्य है?
दिल्ली सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाकर 5000 और नवंबर 2026 तक 7000 से अधिक करने का है।
राष्ट्र प्रेस
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