भारत तकनीकी विकास के एक नए युग में : डॉ. जितेंद्र सिंह का महत्वपूर्ण बयान
सारांश
Key Takeaways
- भारत प्रौद्योगिकी-आधारित विकास के नए चरण में है।
- अंतरिक्ष और कृत्रिम बुद्धिमत्ता सेक्टर में नवाचार हो रहा है।
- सरकार ने छात्रों को विज्ञान में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया है।
- परमाणु ऊर्जा दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का हिस्सा होगी।
- डिजिटल परिवर्तन के युग में ऊर्जा सुरक्षा आवश्यक है।
नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि भारत एक नवीनतम तकनीकी-आधारित राष्ट्रीय विकास के चरण में प्रवेश कर रहा है, जिसमें अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी, जो देश की भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था और राष्ट्रीय विकास को आकार देंगे।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित अल्टरनेट मीडिया कॉन्फ्रेंस ‘‘अनस्टॉपेबल भारत 2026’’ में एक अनौपचारिक चर्चा सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा, "युद्ध की प्रकृति तेजी से बदल रही है और प्रौद्योगिकी का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। पारंपरिक आमने-सामने की लड़ाई धीरे-धीरे कम होती जा रही है और उन्नत प्रौद्योगिकियां रणनीतिक तैयारियों और राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।"
डॉ. जितेंद्र सिंह ने अंतरिक्ष क्षेत्र में हाल ही में हुए सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में निजी भागीदारी और स्टार्टअप्स को शामिल करने से देश में नवाचार का एक सक्रिय तंत्र विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि आज भारत में तेजी से विकसित हो रहा अंतरिक्ष स्टार्टअप तंत्र है और उद्योग, अनुसंधान संस्थानों और युवा नवोन्मेषकों के सहयोग के कारण आने वाले वर्षों में देश की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में वैज्ञानिक प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और सरकार नवाचार को प्रारंभिक चरण से ही बढ़ावा देने के लिए अनुकूल वातावरण बनाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने विद्यालय और विश्वविद्यालय स्तर पर छात्रों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करने वाली पहलों का उल्लेख किया और कहा कि विज्ञान ज्योति जैसे कार्यक्रम और अन्य मार्गदर्शन पहल युवा छात्रों, विशेष रूप से लड़कियों को अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में अवसर तलाशने में सहायता कर रहे हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने डिजिटल परिवर्तन के युग में ऊर्जा सुरक्षा के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और बड़े डेटा केन्द्रों जैसी भविष्य की प्रौद्योगिकियों को निर्बाध और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति की आवश्यकता होती है और इसमें परमाणु ऊर्जा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा स्वच्छ और भरोसेमंद ऊर्जा स्रोत प्रदान करती है और यह भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगी।