4 नवंबर 2026
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हजारीबाग में एनआईए की बड़ी छापेमारी: दो ट्रांसपोर्टरों के घर सात घंटे तलाशी, मोबाइल-स्कैनर जब्त

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हजारीबाग में एनआईए की बड़ी छापेमारी: दो ट्रांसपोर्टरों के घर सात घंटे तलाशी, मोबाइल-स्कैनर जब्त

सारांश

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने हजारीबाग के दो ट्रांसपोर्टरों — उदय साव और प्रदीप कुमार साहू — के आवासों पर तड़के सात घंटे छापेमारी की। मोबाइल फोन और स्कैनर जब्त, लेकिन एनआईए ने कारण नहीं बताए। कत्था कारोबार से जुड़े नाम, जाँच की दिशा अस्पष्ट।

मुख्य बातें

एनआईए ने 4 नवंबर 2026 को हजारीबाग के बाबा पथ, सुभाष बारला गली में दो ट्रांसपोर्टरों के आवासों पर छापेमारी की।
तलाशी तड़के चार बजे शुरू होकर करीब सात घंटे तक चली।
जांच टीम मोबाइल फोन और एक प्रिंटर या स्कैनर जैसी मशीन अपने साथ ले गई।
दोनों ट्रांसपोर्टर — उदय साव और प्रदीप कुमार साहू — का नाम पहले कत्था कारोबार से भी जुड़ा रहा है।
परिवार का दावा है कि तलाशी में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और जब्ती का कारण नहीं बताया गया।
एनआईए ने कार्रवाई के बारे में अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 4 नवंबर 2026 को झारखंड के हजारीबाग में दो ट्रांसपोर्टरों के आवासों पर बड़ी छापेमारी की। तड़के करीब चार बजे शुरू हुई यह तलाशी सात घंटे से अधिक समय तक चली, जिसके बाद जांच टीम कुछ मोबाइल फोन और एक प्रिंटर या स्कैनर जैसी मशीन अपने साथ ले गई। एनआईए ने अब तक इस कार्रवाई के कारणों या जब्त सामान के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

छापेमारी का विवरण

एनआईए की टीम शहर के बाबा पथ स्थित सुभाष बारला गली में उदय साव और प्रदीप कुमार साहू के आवासों पर पहुँची। परिवार के अनुसार, अधिकारियों ने घर के ऊपरी और निचले हिस्से सहित विभिन्न कमरों और कोनों की बारीकी से जाँच की। तलाशी के दौरान परिवार के सदस्यों से मोबाइल फोन और घर में मौजूद अन्य सामान के बारे में पूछताछ की गई।

परिवार का पक्ष

प्रदीप कुमार साहू और उनकी पत्नी ने बताया कि एनआईए अधिकारी बुधवार तड़के करीब चार बजे उनके घर पहुँचे। परिवार का दावा है कि सात घंटे की तलाशी में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। उन्होंने यह भी कहा कि टीम जो मोबाइल फोन और प्रिंटर या स्कैनर अपने साथ ले गई, उसके लिए परिवार को कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया।

आरोपियों की पृष्ठभूमि

उदय साव और प्रदीप कुमार साहू दोनों ट्रांसपोर्टिंग के कारोबार से जुड़े हैं। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों का नाम पहले कत्था कारोबार से भी जुड़ा रहा है। एनआईए की कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर जाँच के संभावित कारणों को लेकर इलाके में चर्चा का माहौल बन गया है।

एनआईए की चुप्पी

एजेंसी ने छापेमारी के कारणों, जाँच के दायरे और बरामदगी को लेकर अब तक कोई बयान सार्वजनिक नहीं किया है। कार्रवाई की संवेदनशीलता को देखते हुए विस्तृत जानकारी सामने नहीं आ सकी है। एनआईए की ओर से आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही इस छापेमारी के पीछे की वजह और मामले की प्रकृति स्पष्ट हो सकेगी।

आगे क्या होगा

जब्त मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जाँच से मामले की दिशा तय हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, एनआईए आमतौर पर आतंकवाद, राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों या संगठित अपराध से जुड़े मामलों में इस तरह की कार्रवाई करती है। आने वाले दिनों में एजेंसी की ओर से स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन परिवार को जब्ती का कारण न बताना प्रक्रियागत पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हजारीबाग में एनआईए ने किन के घरों पर छापेमारी की?
एनआईए ने हजारीबाग के बाबा पथ स्थित सुभाष बारला गली में ट्रांसपोर्टर उदय साव और प्रदीप कुमार साहू के आवासों पर 4 नवंबर 2026 को छापेमारी की। दोनों ट्रांसपोर्टिंग कारोबार से जुड़े हैं और इनका नाम पहले कत्था व्यापार से भी जुड़ा रहा है।
एनआईए ने छापेमारी में क्या जब्त किया?
जाँच टीम कुछ मोबाइल फोन और एक प्रिंटर या स्कैनर जैसी मशीन अपने साथ ले गई। परिवार का कहना है कि उन्हें इन वस्तुओं की जब्ती का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया।
एनआईए ने छापेमारी क्यों की?
एनआईए ने अब तक इस कार्रवाई के कारणों के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। कार्रवाई की संवेदनशीलता को देखते हुए जाँच के दायरे और वजह स्पष्ट नहीं हो सके हैं।
छापेमारी कितने समय तक चली?
परिवार के मुताबिक, एनआईए की टीम बुधवार तड़के करीब चार बजे पहुँची और तलाशी करीब सात घंटे तक चली। अधिकारियों ने घर के ऊपरी और निचले हिस्से समेत विभिन्न कमरों की बारीकी से जाँच की।
इस मामले में आगे क्या होने की उम्मीद है?
जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जाँच से मामले की दिशा स्पष्ट होगी। एनआईए की ओर से आधिकारिक बयान आने के बाद ही छापेमारी के पीछे की वजह और मामले की प्रकृति सामने आ सकेगी।
राष्ट्र प्रेस
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