सुजीत मंडल हत्याकांड: मुर्शिदाबाद में क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान आरोपी समौन शेख एनकाउंटर में ढेर
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के समसेरगंज में सुजीत मंडल हत्याकांड की जाँच में एक निर्णायक मोड़ आया, जब 27 अक्टूबर 2026 को मंगलवार दोपहर आरोपी समौन शेख की सीआईडी के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब डाकबंगला इलाके में घटनास्थल का पुनर्निर्माण (क्राइम सीन रिक्रिएशन) चल रहा था।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
सूत्रों के अनुसार, क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान आरोपी समौन शेख ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद सीआईडी अधिकारियों ने गोलीबारी की। घायल आरोपी को तत्काल अनूपनगर अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उसकी मृत्यु हो गई। जाँच एजेंसी की ओर से इस संबंध में आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है।
सुजीत मंडल हत्याकांड की पृष्ठभूमि
सुजीत मंडल अगस्त 2026 के अंत में लापता हो गए थे। इसके बाद सितंबर में फरक्का फीडर नहर से उनके शरीर के कुछ अवशेष बरामद किए गए, जिसके बाद सीआईडी ने मामले की जाँच अपने हाथ में ली। यह मामला राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चल रही बहस के बीच सामने आया है।
उसी दिन एक और एनकाउंटर — नॉर्थ 24 परगना
मंगलवार को पश्चिम बंगाल से ही एनकाउंटर की एक और घटना सामने आई। नॉर्थ 24 परगना जिले के गाईघाटा में एक नाबालिग के दुष्कर्म और हत्या के आरोपी प्रह्लाद दास को पुलिस की कार्रवाई में मार गिराया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एस्कॉर्ट कर रहे एक पुलिसकर्मी की बंदूक छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी गोलीबारी में वह मारा गया।
पीड़ित परिवार और समुदाय की प्रतिक्रिया
मृत पीड़िता के पिता ने कहा, 'हमें अपनी बेटी वापस नहीं मिलेगी, लेकिन पुलिस ने सही काम किया है। आरोपी ने एक पुलिसवाले की बंदूक छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग भी की — पुलिस ने जवाबी फायरिंग में आरोपी को मार गिराया। वह ऐसे ही अंत का हकदार था।'
पीड़ित परिवार की एक पड़ोसी महिला ने कहा, 'आरोपी ने 17 वर्षीय नाबालिग के साथ जो किया, वह दया से भी परे जुर्म था। पुलिस कस्टडी में भी उसने हथियार छीनने और पुलिसकर्मियों पर हमले की कोशिश की — इसलिए जो हुआ, वह बिल्कुल सही था।' एक अन्य पड़ोसी ने कहा कि आरोपी के व्यवहार से साफ था कि उसे अपने कृत्य का कोई पछतावा नहीं था।
आगे की जाँच
समसेरगंज एनकाउंटर के बाद सीआईडी की जाँच अब नए सिरे से आकार लेगी, क्योंकि प्रमुख आरोपी की मृत्यु हो चुकी है। सुजीत मंडल हत्याकांड में अन्य संदिग्धों और साजिश के सूत्रों की तलाश जारी रहने की संभावना है। दोनों एनकाउंटर की परिस्थितियाँ स्वतंत्र जाँच के दायरे में आ सकती हैं।