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गाईघाटा एनकाउंटर पर बंगाल मंत्री अशोक कीर्तनिया बोले — 'कानून से ऊपर कोई नहीं'

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गाईघाटा एनकाउंटर पर बंगाल मंत्री अशोक कीर्तनिया बोले — 'कानून से ऊपर कोई नहीं'

सारांश

नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी प्रहलाद दास के गाईघाटा एनकाउंटर ने बंगाल की राजनीति में बहस छेड़ दी है। BJP मंत्री और सांसद पुलिस के साथ खड़े हैं, जबकि TMC ने न्यायिक जांच की माँग की है — सत्ता बदलते ही राज्य में कानून और जवाबदेही की बहस एक नए मोड़ पर है।

मुख्य बातें

नॉर्थ 24 परगना के गाईघाटा में नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी प्रहलाद दास को पुलिस एनकाउंटर में मारा गया।
बंगाल सरकार के मंत्री अशोक कीर्तनिया ने पुलिस कार्रवाई का पूर्ण समर्थन किया और अपराधियों को सख्त चेतावनी दी।
BJP सांसद राहुल सिन्हा ने कहा — महिलाओं के खिलाफ अपराध अब बर्दाश्त नहीं, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर अपराधियों का पक्ष लेने का आरोप लगाया।
TMC सांसद सौगत रॉय ने एनकाउंटर को 'पुलिस हत्या' करार देते हुए स्वतंत्र न्यायिक जांच की माँग की।
सूत्रों के अनुसार, दास ने क्राइम सीन पुनर्निर्माण के दौरान कथित तौर पर पुलिस अधिकारी का हथियार छीनकर गोली चलाई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और बाद में मृत घोषित किया गया।

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री अशोक कीर्तनिया और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद राहुल सिन्हा ने नॉर्थ 24 परगना जिले के गाईघाटा में नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी के एनकाउंटर पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। दोनों नेताओं ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन करते हुए महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधियों को कड़ा संदेश दिया। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत रॉय ने इस एनकाउंटर की न्यायिक जांच की मांग उठाई है।

एनकाउंटर का घटनाक्रम

पिछले हफ्ते नॉर्थ 24 परगना जिले के गाईघाटा में एक नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी प्रहलाद दास को मंगलवार तड़के एक एनकाउंटर में मारा गया। मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, दास को गिरफ्तारी के बाद घटनाओं के अनुक्रम को पुनर्निर्मित करने के लिए क्राइम सीन पर ले जाया गया था।

इसी दौरान, उसने कथित तौर पर एस्कॉर्ट कर रहे एक पुलिस अधिकारी का हथियार छीनकर पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी। एस्कॉर्ट दल ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दास गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में उसे एक सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मंत्री कीर्तनिया का रुख

मंत्री अशोक कीर्तनिया ने पुलिस की कार्रवाई का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'यह BJP सरकार है और सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री हैं। जो लोग गलत काम करते हैं और महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऐसे अपराध करते हैं, उन्हें उचित कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।'

कीर्तनिया ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस पर हमले को सहन नहीं किया जाएगा। उनके शब्दों में, 'अगर कोई पुलिसकर्मी या पुलिस डिपार्टमेंट पर हमला करता है, तो क्या पुलिस उन्हें छोड़ देगी? पुलिस को पूरे अधिकार दिए गए हैं।' आपराधिक गतिविधियों में लिप्त लोगों को सीधी चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि 'गुंडागर्दी करने वालों और दुष्कर्म करने वालों को अपनी हरकतें बंद कर देनी चाहिए, वरना भविष्य में उनका भी वही हाल होगा।'

भाजपा सांसद राहुल सिन्हा की प्रतिक्रिया

BJP सांसद राहुल सिन्हा ने कहा, 'हम किसी भी हालत में दुष्कर्मियों का साथ नहीं देंगे और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।' उन्होंने पूर्व की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में पहले महिलाओं के खिलाफ अपराध का माहौल था और तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कथित तौर पर अपराधियों का पक्ष लिया और पीड़ितों को बेइज्जत किया।

सिन्हा ने दावा किया कि अब राज्य सरकार महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध को पूरी तरह समाप्त करेगी और एक सुरक्षित माहौल बनाएगी।

विपक्ष की आपत्ति और न्यायिक जांच की मांग

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने एनकाउंटर की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कहा, 'नहीं, यह पुलिस द्वारा एनकाउंटर में की गई हत्या है। पुलिस ने पहले भी ऐसा किया है और ऐसा लगता है कि यहाँ भी ऐसा ही हुआ है। इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए।' रॉय का यह बयान राज्य में बदली हुई सत्ता के परिप्रेक्ष्य में महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि एनकाउंटर की प्रामाणिकता को लेकर विपक्ष पारदर्शिता की माँग कर रहा है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में नई सरकार कानून-व्यवस्था पर सख्त रवैया अपनाने का संकेत दे रही है। गौरतलब है कि एनकाउंटर की परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच की माँग अभी तक स्वीकार नहीं की गई है। आलोचकों का कहना है कि न्यायिक निगरानी के बिना ऐसी घटनाएँ जवाबदेही के सवाल खड़े करती हैं। सभी पक्षों की निगाहें अब इस पर हैं कि राज्य सरकार TMC की जांच माँग पर क्या रुख अपनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यही बात TMC की आपत्ति को महज राजनीतिक नहीं रहने देती। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है: भाजपा सरकार उन्हीं पुलिस तंत्रों पर निर्भर है जिन पर कभी TMC-शासन में मनमानी का आरोप लगाया गया था — फर्क सिर्फ सत्ताधारी दल का है। न्यायिक जांच की मांग को यदि अनसुना किया जाता है, तो यह उसी जवाबदेही-शून्यता को दर्शाएगा जिसकी आलोचना BJP खुद विपक्ष में रहते हुए करती थी।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाईघाटा एनकाउंटर क्या है और इसमें क्या हुआ?
पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के गाईघाटा में नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी प्रहलाद दास को पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। सूत्रों के अनुसार, क्राइम सीन पुनर्निर्माण के दौरान दास ने कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी का हथियार छीनकर गोली चलाई, जिसके बाद जवाबी फायरिंग में वह गंभीर रूप से घायल हुआ और बाद में अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई।
मंत्री अशोक कीर्तनिया ने एनकाउंटर पर क्या कहा?
मंत्री अशोक कीर्तनिया ने पुलिस कार्रवाई का पूर्ण समर्थन किया और कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को उचित परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि गुंडागर्दी और दुष्कर्म करने वाले अपनी हरकतें बंद करें, अन्यथा उनका भी वही हश्र होगा।
TMC ने एनकाउंटर पर आपत्ति क्यों जताई?
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने एनकाउंटर को 'पुलिस हत्या' करार देते हुए स्वतंत्र न्यायिक जांच की माँग की। रॉय का कहना है कि पुलिस पहले भी इस तरह की कार्रवाई कर चुकी है और इस मामले में भी परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच ज़रूरी है।
भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने क्या कहा?
BJP सांसद राहुल सिन्हा ने कहा कि वे किसी भी हालत में दुष्कर्मियों का साथ नहीं देंगे और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि उन्होंने कथित तौर पर अपराधियों का पक्ष लिया और पश्चिम बंगाल को महिलाओं के लिए असुरक्षित बना दिया था।
क्या इस एनकाउंटर की जांच होगी?
अभी तक राज्य सरकार की ओर से न्यायिक या स्वतंत्र जांच की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। TMC ने न्यायिक जांच की माँग की है, जबकि सत्तापक्ष ने पुलिस कार्रवाई को उचित ठहराया है। मामले का अगला घटनाक्रम इस बात पर निर्भर करेगा कि अदालत या संबंधित प्राधिकरण स्वतः संज्ञान लेते हैं या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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