गाईघाटा एनकाउंटर पर बंगाल मंत्री अशोक कीर्तनिया बोले — 'कानून से ऊपर कोई नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री अशोक कीर्तनिया और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद राहुल सिन्हा ने नॉर्थ 24 परगना जिले के गाईघाटा में नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी के एनकाउंटर पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। दोनों नेताओं ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन करते हुए महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधियों को कड़ा संदेश दिया। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत रॉय ने इस एनकाउंटर की न्यायिक जांच की मांग उठाई है।
एनकाउंटर का घटनाक्रम
पिछले हफ्ते नॉर्थ 24 परगना जिले के गाईघाटा में एक नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी प्रहलाद दास को मंगलवार तड़के एक एनकाउंटर में मारा गया। मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, दास को गिरफ्तारी के बाद घटनाओं के अनुक्रम को पुनर्निर्मित करने के लिए क्राइम सीन पर ले जाया गया था।
इसी दौरान, उसने कथित तौर पर एस्कॉर्ट कर रहे एक पुलिस अधिकारी का हथियार छीनकर पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी। एस्कॉर्ट दल ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दास गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में उसे एक सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मंत्री कीर्तनिया का रुख
मंत्री अशोक कीर्तनिया ने पुलिस की कार्रवाई का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'यह BJP सरकार है और सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री हैं। जो लोग गलत काम करते हैं और महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऐसे अपराध करते हैं, उन्हें उचित कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।'
कीर्तनिया ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस पर हमले को सहन नहीं किया जाएगा। उनके शब्दों में, 'अगर कोई पुलिसकर्मी या पुलिस डिपार्टमेंट पर हमला करता है, तो क्या पुलिस उन्हें छोड़ देगी? पुलिस को पूरे अधिकार दिए गए हैं।' आपराधिक गतिविधियों में लिप्त लोगों को सीधी चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि 'गुंडागर्दी करने वालों और दुष्कर्म करने वालों को अपनी हरकतें बंद कर देनी चाहिए, वरना भविष्य में उनका भी वही हाल होगा।'
भाजपा सांसद राहुल सिन्हा की प्रतिक्रिया
BJP सांसद राहुल सिन्हा ने कहा, 'हम किसी भी हालत में दुष्कर्मियों का साथ नहीं देंगे और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।' उन्होंने पूर्व की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में पहले महिलाओं के खिलाफ अपराध का माहौल था और तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कथित तौर पर अपराधियों का पक्ष लिया और पीड़ितों को बेइज्जत किया।
सिन्हा ने दावा किया कि अब राज्य सरकार महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध को पूरी तरह समाप्त करेगी और एक सुरक्षित माहौल बनाएगी।
विपक्ष की आपत्ति और न्यायिक जांच की मांग
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने एनकाउंटर की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कहा, 'नहीं, यह पुलिस द्वारा एनकाउंटर में की गई हत्या है। पुलिस ने पहले भी ऐसा किया है और ऐसा लगता है कि यहाँ भी ऐसा ही हुआ है। इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए।' रॉय का यह बयान राज्य में बदली हुई सत्ता के परिप्रेक्ष्य में महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि एनकाउंटर की प्रामाणिकता को लेकर विपक्ष पारदर्शिता की माँग कर रहा है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में नई सरकार कानून-व्यवस्था पर सख्त रवैया अपनाने का संकेत दे रही है। गौरतलब है कि एनकाउंटर की परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच की माँग अभी तक स्वीकार नहीं की गई है। आलोचकों का कहना है कि न्यायिक निगरानी के बिना ऐसी घटनाएँ जवाबदेही के सवाल खड़े करती हैं। सभी पक्षों की निगाहें अब इस पर हैं कि राज्य सरकार TMC की जांच माँग पर क्या रुख अपनाती है।