कुणाल घोष पर 18 घंटे में दूसरा हमला; अभिषेक बनर्जी ने BJP पर साधा निशाना, राज्यपाल से माँगा हस्तक्षेप
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने बेलियाघाटा के विधायक कुणाल घोष पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। 27 सितंबर 2026 को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि 18 घंटे से भी कम समय में यह दूसरा हमला है। अभिषेक ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा आरोप लगाया और राज्यपाल से तत्काल दखल देने की माँग की।
हमले का ब्यौरा और TMC का आरोप
अभिषेक बनर्जी ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'मैं बेलियाघाटा के विधायक कुणाल घोष पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूँ। 18 घंटे से भी कम समय में उन पर यह दूसरा हमला है।' TMC नेता का आरोप है कि कुणाल घोष को पाला बदलने से इनकार करने की 'सज़ा' दी जा रही है। उन्होंने लिखा, 'हथियारबंद गुंडों ने एक चुने हुए प्रतिनिधि को निशाना बनाया और परेशान किया, क्योंकि कथित तौर पर उन्होंने पाला बदलने से इनकार कर दिया था।'
अभिषेक ने जनसामान्य की सुरक्षा पर भी सवाल उठाया: 'अगर एक चुने हुए प्रतिनिधि की सुरक्षा का यह हाल है, तो कोई भी अंदाज़ा लगा सकता है कि पूरे पश्चिम बंगाल में आम नागरिकों के साथ क्या हो रहा होगा।'
राज्यपाल से हस्तक्षेप की अपील
TMC सांसद ने राज्यपाल आर. एन. रवि से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की। उन्होंने लिखा, 'राज्यपाल मामले में तुरंत दखल दें और पश्चिम बंगाल पुलिस के डीजीपी और कोलकाता के पुलिस कमिश्नर से बात करें। हर दोषी की पहचान कर उसे सज़ा मिलनी चाहिए और हिंसा व डराने-धमकाने का यह सिलसिला बंद होना चाहिए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में राजनीतिक हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।
BJP पर वोट चोरी का आरोप
अभिषेक बनर्जी ने BJP पर सीधा सवाल दागा: 'अगर उसे लगता है कि उसने लोगों के जनादेश से पश्चिम बंगाल जीता है, तो फिर पाला बदलने से इनकार करने वालों के खिलाफ डराने-धमकाने और ऐसी तरकीबों का सहारा क्यों लिया जा रहा है?' TMC का आरोप है कि BJP केंद्रीय एजेंसियों और दबाव की रणनीति से उनके विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दलबदल को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज़ है। गौरतलब है कि राज्य में विधायकों के दलबदल को लेकर विवाद नया नहीं है, लेकिन किसी बैठे विधायक पर इतने कम समय में दो हमलों का आरोप राजनीतिक तनाव की नई गहराई दिखाता है। अभिषेक ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया कि 'बंगाल की जनता शांति, सुरक्षा और कानून का राज चाहती है।'
आगे क्या होगा
राज्यपाल कार्यालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस की कार्रवाई और दोषियों की पहचान पर सभी की निगाहें टिकी हैं। यह मामला आने वाले दिनों में राज्य विधानसभा और राष्ट्रीय राजनीति दोनों में गरमाहट बनाए रखने की संभावना है।