आमहर्स्ट स्ट्रीट थाने में BJP कार्यकर्ताओं का हमला — TMC नेता कुणाल घोष का सीधा आरोप
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने 23 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के आमहर्स्ट स्ट्रीट थाने में हुई एक घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घोष का दावा है कि थाने में एक TMC कार्यकर्ता की गिरफ्तारी के सिलसिले में पुलिस के साथ शांतिपूर्ण बातचीत चल रही थी, तभी BJP कार्यकर्ताओं ने वहाँ हंगामा किया और उनके खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने इस घटना को पश्चिम बंगाल के लोकतंत्र पर सीधा हमला करार दिया है।
थाने में क्या हुआ
कुणाल घोष के अनुसार, जब उन्हें पता चला कि एक TMC कार्यकर्ता को आमहर्स्ट स्ट्रीट थाने में गिरफ्तार किया गया है, तो वे स्वयं वहाँ पहुँचे। उनके अनुसार पुलिस के साथ बातचीत सामान्य रूप से चल रही थी और दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क रख रहे थे। घोष ने कहा, 'अच्छी बातचीत हो रही थी। मेरा एक आरोप था, पुलिस अपना तर्क दे रही थी।' इसी दौरान, उनके मुताबिक, BJP कार्यकर्ताओं ने थाने पर हमला बोल दिया और 'कुणाल घोष भारत छोड़ो' जैसे नारे लगाए।
घोष ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'मैं क्या ब्रिटिश पुलिस हूँ जो भारत छोड़ दूँ?' उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने उनसे पीछे के दरवाज़े से निकलने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया और कहा कि पहले BJP कार्यकर्ताओं को हटाया जाए।
TMC कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर आरोप
घोष ने यह भी दावा किया कि चोर बागान पूजा कमेटी के शीर्ष पदों पर BJP के प्रभावशाली लोग हैं, फिर भी उन्हें नहीं पकड़ा गया। उनके अनुसार जिन TMC कार्यकर्ताओं ने इसके खिलाफ आंदोलन किया, उन्हें ही 'बेबुनियाद केस' में फँसाकर सुबह से गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'चोर वाला नारा BJP की घबराहट को दर्शाता है।'
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच ज़मीनी टकराव लंबे समय से जारी है और पूजा कमेटियों को लेकर विवाद नया नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में आगामी चुनावों की सरगर्मी तेज़ हो चुकी है।
आगामी चुनाव और राजनीतिक गठजोड़ पर बड़ा बयान
कुणाल घोष ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि सुवेंद्र अधिकारी ने खुद स्वीकार किया है कि जो 'लोकतांत्रिक कैंप' है, वह उनके समर्थन में है और अविश्वास प्रस्ताव आने पर उनके पक्ष में मतदान करेगा। घोष का तर्क था, 'यदि सुवेंद्र अधिकारी ने खुद कहा है कि वह उनकी बी-टीम है, तो फिर वह बी-टीम ही है।'
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उस गुट का काम BJP के निर्देशों का पालन करना है — चाहे चुनाव लड़ना हो या वोट काटने के लिए खड़ा होना।
उम्मीदवारों और नई पीढ़ी पर ममता बनर्जी की रणनीति
घोष ने कहा कि उम्मीदवारों की नियुक्ति को लेकर ममता बनर्जी स्वयं पूरी प्रक्रिया पर नज़र रख रही हैं। जो वरिष्ठ नेता दल बदलकर चले गए, वे अपने साथ कई अनुभवी लोगों को भी ले गए। ऐसे में जो सक्षम लोग अब तक उपेक्षित रहे, उन्हें जिम्मेदारियाँ दी जाएँगी और नई पीढ़ी को भी मौका मिलेगा।
आने वाले हफ्तों में TMC की उम्मीदवार सूची और BJP की जवाबी रणनीति — दोनों पश्चिम बंगाल की राजनीतिक दिशा तय करेंगी।