ट्रंप का दावा: ब्रिटेन उत्तरी सागर में बढ़ाएगा तेल उत्पादन, PM बर्नहैम से हुई चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि ब्रिटेन उत्तरी सागर में तेल उत्पादन का विस्तार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, और यह निर्णय नए ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के साथ उनकी बातचीत के बाद सामने आया है। ट्रंप ने कहा कि इस कदम से ब्रिटिश अर्थव्यवस्था को व्यापक फायदा होगा और ब्रिटेन एक बेहद समृद्ध देश बन सकता है।
बातचीत का मुख्य केंद्र: एबरडीन और उत्तरी सागर
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री बर्नहैम से ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा, 'हमने बहुत ही हल्के-फुल्के अंदाज में बात की। हमने मुख्य रूप से एबरडीन और उत्तरी सागर पर चर्चा की।' एबरडीन को ब्रिटिश अपतटीय ऊर्जा उद्योग का प्रमुख केंद्र माना जाता है, और उत्तरी सागर दशकों से यूरोप के सबसे बड़े तेल व गैस उत्पादक क्षेत्रों में शुमार रहा है।
ट्रंप के अनुसार, यह बातचीत केवल ऊर्जा तक सीमित नहीं रही — ईरान और यूक्रेन जैसे अंतरराष्ट्रीय संघर्षों पर भी हल्की चर्चा हुई, हालाँकि वे विषय केंद्र में नहीं थे।
दो साल से दबाव डाल रहे थे ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने खुलासा किया कि वे पिछले दो वर्षों से ब्रिटिश सरकारों पर उत्तरी सागर में तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार दबाव बनाते रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैं दो साल से उनसे ऐसा करने के लिए कह रहा हूँ।' यह बयान ट्रंप की उस व्यापक नीति के अनुरूप है जिसमें वे परंपरागत जीवाश्म ईंधन उत्पादन के विस्तार को प्राथमिकता देते रहे हैं।
स्टार्मर की आलोचना, बर्नहैम की तारीफ
ट्रंप ने पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की तुलना वर्तमान पीएम बर्नहैम से की। उन्होंने स्टार्मर को व्यक्तिगत तौर पर सज्जन बताते हुए कहा, 'वह बहुत अच्छे व्यक्ति हैं, लेकिन वह इसे कभी पूरा नहीं कर पाए।' इसके विपरीत, उन्होंने बर्नहैम को उन कदमों को उठाने का श्रेय दिया जो उनके पूर्ववर्ती नहीं उठा सके थे।
उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने यह भी माना कि बर्नहैम का तेल उत्पादन बढ़ाने का निर्णय उनकी पार्टी के कुछ राजनीतिक सिद्धांतों के विरुद्ध जा सकता है, लेकिन उन्होंने कहा कि बर्नहैम 'जानते हैं कि क्या सही है।'
ब्रिटेन की ऊर्जा नीति पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तरी सागर में तेल उत्पादन की भविष्य की दिशा को लेकर ब्रिटेन में घरेलू बहस चल रही है। एक ओर जहाँ ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक लाभ के समर्थक उत्पादन विस्तार की वकालत करते हैं, वहीं पर्यावरण समूह इसे जलवायु लक्ष्यों के लिए घातक मानते हैं। ट्रंप की टिप्पणियों से स्पष्ट है कि वे ब्रिटेन की ऊर्जा नीति में गहरी रुचि रखते हैं और पारंपरिक ईंधन उत्पादन के विस्तार को आर्थिक समृद्धि की कुंजी मानते हैं।
गौरतलब है कि उत्तरी सागर क्षेत्र में ब्रिटेन और नॉर्वे दशकों से महत्वपूर्ण उत्पादक रहे हैं, और इस क्षेत्र से यूरोप की ऊर्जा आपूर्ति में बड़ा योगदान होता है। आने वाले हफ्तों में यह देखना अहम होगा कि बर्नहैम सरकार इस मामले में कोई औपचारिक नीतिगत घोषणा करती है या नहीं।