यूएस की ओर बढ़ रहे खाली टैंकर: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा
सारांश
Key Takeaways
- डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि खाली टैंकर यूएस की ओर बढ़ रहे हैं।
- संघर्ष विराम के समय में यह बयान दिया गया है।
- सऊदी अरब और रूस की चर्चा की गई है।
- अमेरिका ने 2025 में 4 मिलियन बैरल कच्चा तेल निर्यात किया।
- ट्रंप ने नाटो देशों से मदद के लिए अपील की थी।
वाशिंगटन, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा किया है कि खाली टैंकर बड़ी संख्या में तेल और गैस लेने के लिए यूएस की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह महत्वपूर्ण बयान ट्रुथ सोशल पर दिया है। ट्रंप ने यह बात उस समय कही है जब संघर्ष विराम को लेकर इस्लामाबाद में दोनों देशों के प्रतिनिधियों की बैठक चल रही है।
ट्रंप ने कहा, "खाली टैंकर, जो कि दुनिया में सबसे बड़े हैं, अमेरिका की ओर बढ़ रहे हैं ताकि दुनिया का सबसे बेहतरीन और 'सबसे मीठा' तेल (और गैस!) भर सकें। हमारे पास अगली दो सबसे बड़ी तेल अर्थव्यवस्थाओं से भी ज्यादा तेल और बेहतर गुणवत्ता का है। हम आपका इंतजार कर रहे हैं। जल्दी ही काम पूरा होगा!"
ट्रंप का जिक्र उन दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की ओर है, जो सऊदी अरब और रूस हैं। सऊदी अरब तेल निर्यात के मामले में 2023-2024 में शीर्ष निर्यातक रहा, जबकि रूस प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा निर्यातक और तेल का दूसरा/तीसरा प्रमुख निर्यातक बना।
अमेरिका की निर्यात उपलब्धियों पर नज़र डालें तो, इसने 2025 में लगभग 4 मिलियन बैरल प्रति दिन कच्चा तेल निर्यात किया, जिसमें कुल वार्षिक आयात करीब 3.9 बिलियन बैरल रहा। मुख्य खरीदार देशों में नीदरलैंड्स, मेक्सिको, कनाडा, दक्षिण कोरिया, जापान, चीन और भारत (221 मिलियन बैरल) शामिल हैं। इसके अलावा, ब्राजील, यूनाइटेड किंगडम और स्पेन भी अमेरिका से तेल खरीदते हैं।
यह पहली बार नहीं है कि ट्रंप ने ट्रुथ पर तेल का ऑफर दिया है; इससे पहले भी उन्होंने इसी विषय पर बात की थी। पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ बंद कर दिया था, जिसके फलस्वरूप तेल और गैस की कीमतें बढ़ गई थीं। तब ट्रंप ने नाटो देशों से मदद की अपील की थी। जब मदद नहीं मिली, तो ट्रंप ने तीन विकल्प पेश किए: वहां से हट जाना, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को खुद खुलवाना, और अमेरिका से सीधे तेल और गैस खरीदने का विकल्प।