ईडी की बड़ी कार्रवाई: इकबाल कासकर से जुड़े अटैच फ्लैट में घुसपैठ पर ठाणे में एफआईआर दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोनल कार्यालय-1 ने 15 अक्टूबर 2026 को ठाणे (पश्चिम) स्थित एक अटैच फ्लैट में कथित अवैध घुसपैठ और ताले से छेड़छाड़ के मामले में कासारवडावली पुलिस स्टेशन, ठाणे में एफआईआर संख्या 662/2026 दर्ज कराई है। यह संपत्ति धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत उगाही मामले की जांच के दौरान पहले ही अटैच की जा चुकी थी।
मामले की पृष्ठभूमि
ईडी के अनुसार, यह मामला ठाणे के कासारवडावली पुलिस स्टेशन में दर्ज एक पूर्व एफआईआर से उपजा है, जिसमें इकबाल कासकर, मुमताज अजाज शेख उर्फ राजू, इसरार अली जमील सैयद और अन्य पर उगाही (एक्सटॉर्शन) के आरोप लगाए गए थे। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने धमकी और उगाही के ज़रिए लोगों को अपने नाम या सहयोगियों के नाम पर फ्लैट पंजीकृत कराने के लिए बाध्य किया।
इसी सिलसिले में फ्लैट नंबर 405 को वर्ष 2015 में मुमताज अजाज शेख उर्फ राजू के नाम पर पंजीकृत कराया गया था। ईडी ने इस संपत्ति को 8 अप्रैल 2022 को पीएमएलए के तहत अस्थायी रूप से अटैच किया था।
न्यायिक पुष्टि और कब्जा
न्यायनिर्णायक प्राधिकरण ने 29 सितंबर 2022 को इस अटैचमेंट की पुष्टि की। इसके बाद ईडी ने 17 दिसंबर 2024 को पीएमएलए की धारा 8(4) के तहत संपत्ति का कब्जा अपने हाथ में ले लिया। गौरतलब है कि इस कदम से संपत्ति कानूनी रूप से ईडी के अधीन आ गई थी और उस पर किसी भी तरह का निजी दावा निरस्त हो चुका था।
हालिया घुसपैठ और एफआईआर
ईडी के मुताबिक, हाल ही में कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उक्त अटैच फ्लैट में प्रवेश कर वहां लगे ताले से छेड़छाड़ की और परिसर में लगा कब्जे संबंधी नोटिस भी हटा दिया। साथ ही संपत्ति पर अपने स्वामित्व का दावा किया गया।
मामले की जानकारी मिलते ही ईडी ने तत्काल निरीक्षण किया और विशेष पीएमएलए अदालत को इसकी जानकारी दी। अदालत ने पुलिस सहायता लेकर संपत्ति का कब्जा पुनः बहाल करने के निर्देश दिए।
कब्जा बहाली और कानूनी कदम
अदालती आदेश के बाद ईडी अधिकारियों ने पुलिस और गवाहों की मौजूदगी में फ्लैट का ताला बदलकर संपत्ति का कब्जा बहाल किया। परिसर में नया नोटिस चस्पा किया गया, जिसमें स्पष्ट किया गया कि किसी भी व्यक्ति को आपत्ति है तो वह ईडी कार्यालय या संबंधित अदालत का रुख करे।
ईडी की शिकायत पर एफआईआर संख्या 662/2026 भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 329(4) और धारा 223 के तहत दर्ज की गई है। ईडी ने स्पष्ट किया है कि अटैच संपत्ति में कथित अवैध हस्तक्षेप करने वालों के विरुद्ध कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या होगा
यह मामला अब विशेष पीएमएलए अदालत की निगरानी में है। ईडी के इस कदम से यह संदेश गया है कि अटैच संपत्तियों में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप कानूनी कार्रवाई को आमंत्रित करेगा। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में ईडी द्वारा अटैच संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर प्रश्न उठ रहे हैं — और यह मामला एक मिसाल कायम कर सकता है।