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ईडी की बड़ी कार्रवाई: कट्ठीवाड़ा BEO गबन मामले में धार जिले के 56 रिहायशी प्लॉट जब्त, ₹6 करोड़ से अधिक की संपत्ति

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ईडी की बड़ी कार्रवाई: कट्ठीवाड़ा BEO गबन मामले में धार जिले के 56 रिहायशी प्लॉट जब्त, ₹6 करोड़ से अधिक की संपत्ति

सारांश

अलीराजपुर के कट्ठीवाड़ा BEO से ₹20.47 करोड़ के सरकारी फंड गबन का मामला अब धार जिले तक पहुँचा — ईडी ने 'श्री बालाजी धाम' के 56 रिहायशी प्लॉट जब्त किए, जिनकी कीमत ₹6 करोड़ से अधिक है। मुख्य आरोपी कमल राठौर पहले ही गिरफ्तार, जांच जारी।

मुख्य बातें

ईडी के इंदौर सब-जोनल ऑफिस ने PMLA, 2002 के तहत धार जिले में 56 रिहायशी प्लॉट अस्थायी रूप से जब्त किए।
जब्त संपत्ति की बाजार कीमत ₹6 करोड़ से अधिक ; मामला ₹20.47 करोड़ के सरकारी फंड गबन से जुड़ा है।
मुख्य आरोपी कमल राठौर को मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्तता के कारण पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
गबन की राशि से गंधवानी, धार में कृषि भूमि खरीदी गई, जिसे बाद में 'श्री बालाजी धाम' आवासीय परियोजना के रूप में विकसित किया गया।
इससे पहले आरोपियों की ₹4.43 करोड़ की संपत्ति जब्त हो चुकी है; 29 सितंबर 2025 को इंदौर PMLA कोर्ट में अभियोजन शिकायत दायर।
गबन की अवधि 2018 से 2023 के बीच; आगे की जांच जारी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के इंदौर स्थित सब-जोनल ऑफिस ने 25 जून 2026 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित 56 रिहायशी प्लॉट अस्थायी रूप से जब्त किए। यह कार्रवाई अलीराजपुर जिले के ब्लॉक एजुकेशन ऑफिस (BEO), कट्ठीवाड़ा से ₹20.47 करोड़ के सरकारी फंड के कथित गबन से जुड़ी चल रही जांच के तहत की गई है।

मामले की पृष्ठभूमि

ईडी ने अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर यह जांच शुरू की थी। उक्त एफआईआर 2018 से 2023 के बीच BEO कट्ठीवाड़ा से अलीराजपुर ट्रेजरी के माध्यम से ₹20.47 करोड़ के धोखाधड़ीपूर्ण ट्रेजरी भुगतान से संबंधित थी। जांच में पाया गया कि बिलों को फर्जी तरीके से मंजूरी दिलाकर सरकारी खजाने को चूना लगाया गया।

मुख्य आरोपी और धन का प्रवाह

ईडी की जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी कमल राठौर ने अन्य सहआरोपियों के साथ मिलकर अलीराजपुर ट्रेजरी से सरकारी धन का गबन किया। अधिकारियों के अनुसार, हेराफेरी किए गए फंड को राठौर और उसके परिवार के सदस्यों द्वारा नियंत्रित विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से घुमाया गया और नकद निकाला गया। इस राशि का उपयोग बाद में धार जिले के गंधवानी में कृषि भूमि खरीदने के लिए किया गया।

अपराध की आय से बनाया गया रिहायशी प्रोजेक्ट

जांच में यह भी उजागर हुआ कि अपराध से प्राप्त धन से खरीदी गई कृषि भूमि को बाद में 'श्री बालाजी धाम' नामक आवासीय परियोजना के तहत रिहायशी प्लॉट में विकसित किया गया। ईडी के अनुसार, यह विकास संपत्ति के अवैध स्रोत को छिपाने और काले धन को वैध दिखाने के इरादे से किया गया था। अब जब्त किए गए 56 रिहायशी प्लॉट की मौजूदा बाजार कीमत ₹6 करोड़ से अधिक आंकी गई है।

पूर्व की कार्रवाइयाँ

इस मामले में ईडी पहले भी कई महत्वपूर्ण कदम उठा चुकी है। पूर्व में की गई तलाशी में आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए और बैंक खाते फ्रीज किए गए। जांच के दौरान मुख्य आरोपी कमल राठौर को मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में संलिप्तता के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। इसके अतिरिक्त, आरोपियों की ₹4.43 करोड़ की संपत्ति को पहले अस्थायी रूप से जब्त किया गया था, जिसकी पुष्टि 10 मार्च को की गई।

अभियोजन और आगे की जांच

29 सितंबर 2025 को इंदौर की स्पेशल कोर्ट (PMLA) में कमल राठौर और अन्य आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दायर की जा चुकी है। ईडी के अनुसार, इस मामले से जुड़ी आगे की जांच अभी भी जारी है। यह मामला मध्य प्रदेश में शिक्षा विभाग के फंड में व्यापक अनियमितताओं की ओर इशारा करता है, और विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में और गिरफ्तारियाँ या संपत्ति जब्ती संभव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली जवाबदेही तब होगी जब यह स्पष्ट हो कि इतने लंबे समय तक यह धोखाधड़ी किन परिस्थितियों में अनदेखी रही।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कट्ठीवाड़ा BEO गबन मामला क्या है?
यह मामला मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के ब्लॉक एजुकेशन ऑफिस (BEO), कट्ठीवाड़ा से 2018 से 2023 के बीच ₹20.47 करोड़ के फर्जी ट्रेजरी भुगतान से जुड़ा है। मुख्य आरोपी कमल राठौर पर आरोप है कि उसने सहआरोपियों के साथ मिलकर सरकारी धन का गबन किया और उसे रियल एस्टेट में निवेश कर छिपाया।
ईडी ने धार जिले में कौन-सी संपत्ति जब्त की है?
ईडी ने धार जिले के गंधवानी में 'श्री बालाजी धाम' परियोजना के अंतर्गत विकसित 56 रिहायशी प्लॉट अस्थायी रूप से जब्त किए हैं, जिनकी बाजार कीमत ₹6 करोड़ से अधिक आंकी गई है। इससे पहले आरोपियों की ₹4.43 करोड़ की अन्य संपत्ति भी जब्त की जा चुकी है।
मुख्य आरोपी कमल राठौर के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
कमल राठौर को मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में संलिप्तता के आधार पर गिरफ्तार किया जा चुका है। 29 सितंबर 2025 को इंदौर की स्पेशल PMLA कोर्ट में उनके और अन्य आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की गई है।
गबन की रकम को रियल एस्टेट में कैसे बदला गया?
जांच के अनुसार, गबन की राशि को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से घुमाया गया और नकद निकाला गया। इस धन से धार जिले के गंधवानी में कृषि भूमि खरीदी गई, जिसे बाद में 'श्री बालाजी धाम' के नाम से रिहायशी प्लॉट में विकसित किया गया ताकि अवैध संपत्ति को वैध दिखाया जा सके।
इस मामले में आगे क्या होगा?
ईडी के अनुसार इस मामले से जुड़ी आगे की जांच अभी जारी है। इंदौर की स्पेशल PMLA कोर्ट में अभियोजन शिकायत पहले ही दायर हो चुकी है, और विशेषज्ञों का मानना है कि जांच के दायरे में और आरोपी या संपत्तियाँ आ सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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