दाहोद फर्जी सरकारी दफ्तर घोटाला: ईडी ने ₹22.70 करोड़ की संपत्ति जब्त की, 145 बैंक खाते उजागर
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अहमदाबाद जोनल शाखा ने गुजरात के दाहोद जिले में सामने आए फर्जी सरकारी दफ्तर घोटाले में ₹22.70 करोड़ की चल और अचल संपत्तियाँ जब्त की हैं। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है। जब्त की गई संपत्तियाँ मुख्य आरोपी अबूबकर जकीराली सैयद और उनके परिवार के सदस्यों तथा सहयोगियों के नाम पर हैं।
मुख्य घटनाक्रम
ईडी ने दाहोद टाउन 'ए' डिवीजन पुलिस स्टेशन में दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) के आधार पर जाँच शुरू की थी। जब्त संपत्तियों में जमीन के सात टुकड़े, म्यूचुअल फंड में किए गए निवेश और विभिन्न बैंक खातों में जमा राशि शामिल है।
यह मामला दाहोद जिले में सिंचाई और जल संसाधन विभाग के छह फर्जी सरकारी दफ्तर स्थापित किए जाने से जुड़ा है। जाँच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों का रूप धारण किया, जाली मुहरें और हस्ताक्षर तैयार किए, फर्जी दस्तावेज बनाए और धोखाधड़ी के जरिए सरकारी अनुदान हासिल किया।
घोटाले का तरीका
ईडी की जाँच में सामने आया कि आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से 121 फर्जी कार्यों की मंजूरी ली और सरकारी कोष से धन निकाला। अवैध रूप से प्राप्त यह धनराशि सबसे पहले फर्जी सरकारी दफ्तरों के नाम पर खोले गए 9 बैंक खातों में जमा की गई।
इसके बाद फंड को 18 मध्यवर्ती (इंटरमीडियरी) खातों के जरिए स्थानांतरित किया गया और अंततः आरोपियों से जुड़े व्यक्तियों एवं संस्थाओं के 118 अन्य बैंक खातों में बाँट दिया गया। इस प्रकार कुल 145 बैंक खाते इस वित्तीय जाल का हिस्सा रहे।
म्यूल अकाउंट की चेतावनी
ईडी ने आम नागरिकों को आगाह किया है कि वे छोटे-मोटे भुगतान, कमीशन या किसी भी आर्थिक लालच के बदले अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेक बुक, इंटरनेट बैंकिंग क्रेडेंशियल, ओटीपी या केवाईसी दस्तावेज किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें।
एजेंसी ने स्पष्ट किया कि धोखेबाज ऐसे खातों का उपयोग 'म्यूल अकाउंट' के रूप में साइबर धोखाधड़ी और वित्तीय घोटालों से प्राप्त अपराध की आय को इधर-उधर घुमाने के लिए करते हैं। ईडी ने यह भी कहा कि भले ही खाताधारक सीधे धोखाधड़ी में शामिल न हो, किंतु अपना खाता दूसरों को उपयोग करने देने पर भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
आगे क्या होगा
ईडी की जाँच अभी जारी है और आरोपियों की अन्य संपत्तियों की भी पड़ताल की जा रही है। नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध बैंकिंग अनुरोध की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।