नवीन पटनायक का BJP सरकार पर हमला: 'ओडिशा कठिन दौर में, हर काम में कुप्रबंधन'
सारांश
मुख्य बातें
बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष और ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने 2 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि ओडिशा इस समय एक गंभीर संकट से गुजर रहा है। पटनायक ने कहा कि पाठ्यपुस्तकों में हज़ारों गलतियाँ, वृद्धावस्था पेंशन में देरी, किसानों की दुर्दशा, महिलाओं की समस्याएँ और ध्वस्त होती कानून-व्यवस्था — ये सब BJP सरकार की नाकामी के प्रमाण हैं।
जन संपर्क पदयात्रा से किया आगाज़
पटनायक ने ये टिप्पणियाँ गांधी जयंती के अवसर पर भुवनेश्वर के एकमरा विधानसभा क्षेत्र से बीजद की वार्षिक 'जन संपर्क' पदयात्रा का शुभारंभ करते हुए कीं। यह पदयात्रा 2 नवंबर 2026 तक जारी रहेगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजद अपने अच्छे कार्यों के लिए जनता के दिलों में हमेशा बसी रही है और आगे भी रहेगी।
सरकार पर कुप्रबंधन के आरोप
पटनायक ने BJP सरकार की कार्यशैली पर निशाना साधते हुए कहा — 'बाढ़ राहत में कुप्रबंधन, धान खरीद में कुप्रबंधन, भर्ती परीक्षा में कुप्रबंधन, और वित्तीय प्रणाली में कुप्रबंधन — हर काम में यह सरकार विफल रही है।' उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि लोग अब मानने लगे हैं कि शायद BJP सरकार ने कुप्रबंधन में 'विशेष महारत' हासिल कर ली है। उन्होंने यह भी कहा कि BJP के नेतृत्व वाली सरकार एक रथ यात्रा का भी ठीक से आयोजन नहीं कर पाई।
खनन अधिकार और केंद्र पर निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने खानों पर ओडिशा के लोगों के अधिकारों को छीन लिया है, और राज्य सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने कहा कि ओडिशा के 20 BJP सांसद भी राज्य के लोगों की आवाज़ उठाने की बजाय मौन हैं, जबकि आरोप है कि वे खान मालिकों के हितों के लिए सक्रिय हैं।
पाठ्यपुस्तक और राजस्व विवाद
पटनायक ने पाठ्यपुस्तकों में 'हज़ारों गलतियों' का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार जवाबदेही लेने को तैयार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में राजस्व संग्रह घट रहा है और बजट आवंटन का पूरी तरह उपयोग नहीं हो रहा है — जो सरकारी तंत्र की अकुशलता का संकेत है।
आगे क्या
बीजद की यह जन संपर्क पदयात्रा अगले एक महीने तक ओडिशा के विभिन्न क्षेत्रों में चलेगी, जिसके माध्यम से पार्टी जनता तक अपनी बात पहुँचाने की कोशिश करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब 2024 के विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद बीजद अपनी ज़मीन पुनः मज़बूत करने में जुटी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पटनायक की यह आक्रामक रणनीति पार्टी को विपक्ष की भूमिका में स्थापित करने का प्रयास है।