दाऊद के भाई इकबाल कास्कर से जुड़े ठाणे के जब्त फ्लैट में घुसपैठ, ईडी ने 15 अक्टूबर को दर्ज की एफआईआर
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के छोटे भाई इकबाल कास्कर से जुड़े जबरन वसूली मामले में जब्त ठाणे (पश्चिम) स्थित एक फ्लैट में अनधिकृत प्रवेश करने वाले बदमाशों के खिलाफ 15 अक्टूबर 2026 को एफआईआर दर्ज की है। ठाणे के कासरवडवली पुलिस स्टेशन में दर्ज यह एफआईआर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत दायर की गई है। अधिकारियों ने 23 अक्टूबर को इस कार्रवाई की जानकारी दी।
मामले की पृष्ठभूमि
यह फ्लैट ईडी ने 8 अप्रैल, 2022 के अनंतिम कुर्की आदेश के तहत जब्त किया था। जांच इकबाल कास्कर, मुमताज अजाज शेख उर्फ राजू और इसरार अली जमील सैयद सहित अन्य के खिलाफ जबरन वसूली के आरोपों पर आधारित थी।
जांच के दौरान पता चला कि आरोपियों ने धमकियों और जबरन वसूली के बल पर फ्लैट को अपने नाम पर या अपने इशारे पर पंजीकृत कराने की माँग की थी। फ्लैट नंबर 405 को 29 मई को मुमताज अजाज शेख के नाम पर पंजीकृत किया गया था।
कुर्की की पुष्टि और कब्जा
न्याय निर्णायक प्राधिकरण ने पीएमएलए की धारा 8(3) के तहत 29 सितंबर, 2022 के आदेश द्वारा अनंतिम कुर्की की पुष्टि की। इसके बाद ईडी ने पीएमएलए की धारा 8(4) के तहत 17 दिसंबर, 2024 को फ्लैट का भौतिक कब्जा ले लिया।
गौरतलब है कि यह ईडी के मुंबई जोनल ऑफिस-वन के अधीन 'पुष्टि की गई जब्त संपत्ति' के रूप में वर्गीकृत है, जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी ईडी पर है।
घुसपैठ की घटना और ईडी की कार्रवाई
ईडी को सूचना मिली कि कुछ लोग फ्लैट में घुस गए, ताला तोड़ दिया और परिसर से ईडी का कब्जा नोटिस हटा दिया। इसके बाद ईडी ने तत्काल निरीक्षण किया और जब्त संपत्ति की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए।
मामले को विशेष पीएमएलए न्यायालय के समक्ष भी रखा गया, जिसने ईडी को निर्देश दिया कि यदि आवश्यक हो तो पुलिस की सहायता से कब्जा बहाल किया जाए। ईडी ने अनुपालन में पुलिसकर्मियों और गवाहों की उपस्थिति में फ्लैट का ताला बदलकर कब्जा बहाल कर दिया।
आगे की स्थिति
परिसर में एक नया नोटिस चिपकाया गया है, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि कोई भी पीड़ित व्यक्ति ईडी कार्यालय या संबंधित न्यायालय से संपर्क कर सकता है। ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई जब्त संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अतिक्रमणकारियों को दंडित करने की दिशा में एक निवारक कदम है।
यह ऐसे समय में आया है जब ईडी देशभर में अंडरवर्ल्ड से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में संलग्न संपत्तियों की निगरानी बढ़ा रही है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में आरोपियों पर अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।