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ईडी ने अटैच फ्लैट में अवैध घुसपैठ पर ठाणे में FIR दर्ज की, इकबाल कासकर से जुड़ा मामला

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ईडी ने अटैच फ्लैट में अवैध घुसपैठ पर ठाणे में FIR दर्ज की, इकबाल कासकर से जुड़ा मामला

सारांश

ईडी ने ठाणे में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अटैच फ्लैट में कथित अवैध घुसपैठ और ताले से छेड़छाड़ के बाद FIR दर्ज कराई है। मामला इकबाल कासकर से जुड़े उगाही केस का हिस्सा है और विशेष पीएमएलए अदालत के निर्देश पर कब्जा पुनः बहाल किया गया।

मुख्य बातें

ईडी मुंबई जोनल कार्यालय-1 ने 15 अक्टूबर 2026 को कासारवडावली पुलिस स्टेशन, ठाणे में एफआईआर 662/2026 दर्ज कराई।
संपत्ति को पहली बार 8 अप्रैल 2022 को PMLA, 2002 के तहत अस्थायी रूप से अटैच किया गया था; 29 सितंबर 2022 को न्यायनिर्णायक प्राधिकरण ने पुष्टि की।
फ्लैट नंबर 405 वर्ष 2015 में मुमताज अजाज शेख उर्फ राजू के नाम धमकी और उगाही के ज़रिए पंजीकृत कराया गया था।
कथित घुसपैठियों ने ताले से छेड़छाड़ की और ईडी का कब्जा नोटिस हटा दिया ।
विशेष पीएमएलए अदालत के निर्देश पर पुलिस और गवाहों की मौजूदगी में ताला बदलकर कब्जा पुनः बहाल किया गया।
मामला BNS, 2023 की धाराओं 329(4) और 223 के तहत दर्ज है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोनल कार्यालय-1 ने 15 अक्टूबर 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अटैच ठाणे (पश्चिम) स्थित एक फ्लैट में कथित अवैध घुसपैठ और कब्जे की कोशिश के विरुद्ध कासारवडावली पुलिस स्टेशन, ठाणे में एफआईआर संख्या 662/2026 दर्ज कराई है। यह कार्रवाई संबंधित संपत्ति का कब्जा पुनः बहाल किए जाने के तुरंत बाद की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराओं 329(4) और 223 के तहत दर्ज है।

संपत्ति का पृष्ठभूमि और अटैचमेंट

ईडी के अनुसार, यह फ्लैट धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत 8 अप्रैल 2022 को अस्थायी रूप से अटैच किया गया था। यह कार्रवाई इकबाल कासकर, मुमताज अजाज शेख उर्फ राजू, इसरार अली जमील सैयद और अन्य आरोपियों के विरुद्ध दर्ज उगाही (एक्सटॉर्शन) मामले की जांच के दौरान हुई थी।

गौरतलब है कि 29 सितंबर 2022 को न्यायनिर्णायक प्राधिकरण ने इस अटैचमेंट की औपचारिक पुष्टि कर दी थी। इसके बाद 17 दिसंबर 2024 को ईडी ने पीएमएलए की धारा 8(4) के तहत संपत्ति का भौतिक कब्जा अपने हाथ में लिया था।

मुख्य घटनाक्रम: धमकी और फर्जी पंजीकरण

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने धमकी और उगाही के ज़रिए लोगों पर दबाव बनाकर फ्लैट अपने नाम या सहयोगियों के नाम करवाए। इसी कड़ी में फ्लैट नंबर 405 को वर्ष 2015 में मुमताज अजाज शेख उर्फ राजू के नाम पंजीकृत कराया गया था।

यह ऐसे समय में आया है जब ईडी संगठित आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी संपत्तियों पर अपनी पकड़ मज़बूत कर रही है। कासकर का नाम दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क से जुड़े विभिन्न मामलों में पहले भी सामने आ चुका है।

ताले से छेड़छाड़ और नोटिस हटाने का आरोप

ईडी के मुताबिक, कुछ लोगों ने हाल ही में फ्लैट में प्रवेश कर वहाँ लगे ताले से छेड़छाड़ की और संपत्ति पर अपने स्वामित्व का दावा करते हुए ईडी का कब्जा संबंधी नोटिस हटा दिया। मामले की जानकारी मिलने पर ईडी ने तत्काल निरीक्षण किया और सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए।

ईडी ने यह मामला विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष भी रखा, जहाँ अदालत ने ज़रूरत पड़ने पर पुलिस सहायता लेकर संपत्ति का कब्जा बहाल करने के निर्देश दिए।

अदालती आदेश के बाद कब्जा पुनः बहाल

अदालती निर्देशों के पालन में ईडी अधिकारियों ने पुलिस और गवाहों की मौजूदगी में फ्लैट का ताला बदलकर संपत्ति का कब्जा पुनः अपने हाथ में ले लिया। परिसर में नया नोटिस भी चस्पा किया गया, जिसमें स्पष्ट किया गया कि यदि किसी को संपत्ति को लेकर कोई आपत्ति है तो वह ईडी कार्यालय या संबंधित अदालत का रुख कर सकता है।

ईडी की चेतावनी

ईडी ने स्पष्ट किया है कि अटैच संपत्ति में कथित अवैध प्रवेश और हस्तक्षेप करने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आगे यह देखना होगा कि विशेष पीएमएलए अदालत इस मामले में क्या कदम उठाती है और गिरफ्तारी की नौबत आती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो इससे प्रवर्तन तंत्र की ज़मीनी पकड़ पर सवाल उठता है। इकबाल कासकर से जुड़े इस मामले में संपत्ति के कागजात 2015 से फर्जी तरीके से तैयार किए गए थे, जो बताता है कि आपराधिक नेटवर्क कानूनी प्रक्रिया के बाद भी संपत्तियों पर अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश करते हैं। ईडी का यह कदम एक मिसाल बनाने की कोशिश है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि अदालत इस एफआईआर में कितनी तेज़ी से कार्रवाई सुनिश्चित करती है।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने ठाणे में किस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है?
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अटैच ठाणे (पश्चिम) स्थित फ्लैट नंबर 405 में कथित अवैध घुसपैठ और ताले से छेड़छाड़ के विरुद्ध 15 अक्टूबर 2026 को एफआईआर 662/2026 दर्ज कराई है। यह मामला इकबाल कासकर और अन्य आरोपियों से जुड़े उगाही केस से संबंधित है।
इस संपत्ति को ईडी ने कब और क्यों अटैच किया था?
ईडी ने 8 अप्रैल 2022 को PMLA, 2002 के तहत इस फ्लैट को अस्थायी रूप से अटैच किया था। यह कार्रवाई इकबाल कासकर, मुमताज अजाज शेख उर्फ राजू और इसरार अली जमील सैयद के विरुद्ध उगाही मामले की जांच के दौरान की गई थी। 29 सितंबर 2022 को न्यायनिर्णायक प्राधिकरण ने इस अटैचमेंट की पुष्टि कर दी।
कथित घुसपैठियों ने क्या किया?
ईडी के अनुसार, कुछ लोगों ने अटैच फ्लैट में प्रवेश कर वहाँ लगे ताले से छेड़छाड़ की और संपत्ति पर अपना स्वामित्व दावा करते हुए ईडी का कब्जा नोटिस हटा दिया। इसके बाद ईडी ने विशेष पीएमएलए अदालत का रुख किया, जिसने पुलिस सहायता से कब्जा बहाल करने के निर्देश दिए।
यह मामला किन कानूनी धाराओं के तहत दर्ज है?
एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराओं 329(4) और 223 के तहत दर्ज की गई है। PMLA की धारा 8(4) के तहत ईडी ने 17 दिसंबर 2024 को इस संपत्ति का भौतिक कब्जा लिया था।
राष्ट्र प्रेस
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