21 जुलाई 2026
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खान सर पर हत्या की कोशिश का केस: BJP, JDU, RJD नेताओं ने कहा — दोषी बख्शे नहीं जाएंगे

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खान सर पर हत्या की कोशिश का केस: BJP, JDU, RJD नेताओं ने कहा — दोषी बख्शे नहीं जाएंगे

सारांश

पटना में खान सर के खिलाफ हत्या की कोशिश का केस दर्ज होते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई। BJP ने SIT की माँग करते हुए इसे 'कोचिंग माफिया' की समस्या बताया, जबकि JDU और RJD ने भी दोषियों पर कार्रवाई की बात कही। बिहार में कोचिंग उद्योग के नियमन की बहस अब केंद्र में आ गई है।

मुख्य बातें

फैसल खान (खान सर) के खिलाफ 6 जून 2026 को पटना में हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज।
जाँच में सामने आया कि खान सर के सुरक्षा गार्ड ने गोली चलाई थी और उसने यह बात स्वीकार भी की।
श्रीनिवास ने केंद्र व राज्य सरकारों से SIT गठन और कोचिंग संस्थानों पर नकेल कसने की माँग की।
JDU नेता नीरज कुमार ने कहा — 'कानून सभी के लिए एक समान है', विधि सम्मत कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
RJD नेता मृत्युंजय तिवारी ने शिक्षा में व्यावसायीकरण पर सरकारी नियंत्रण की ज़रूरत बताई।

पटना में फैसल खान, जिन्हें 'खान सर' के नाम से जाना जाता है, के खिलाफ 6 जून 2026 को हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। फायरिंग मामले में यह कार्रवाई होते ही बिहार के प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। सभी दलों ने एकस्वर में कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

मुख्य घटनाक्रम

मामले की पृष्ठभूमि में दो कोचिंग संस्थानों के बीच का विवाद है। जाँच के दौरान पटना पुलिस को पता चला कि खान सर के एक सुरक्षा गार्ड ने गोली चलाई थी, और बाद में उस गार्ड ने यह बात स्वीकार भी कर ली। इससे पहले विवाद में एक कोचिंग मैनेजर को जेल भेजा जा चुका था। शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर के बाद अब जाँच जारी है।

BJP की प्रतिक्रिया: SIT गठन की माँग

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता टी.आर. श्रीनिवास ने इस मामले को 'कोचिंग माफिया' की समस्या से जोड़ा। उन्होंने कहा, 'यह एक बहुत बड़ा कोचिंग माफिया है, जो न सिर्फ बिहार में बल्कि राजस्थान, दिल्ली और हर जगह फैला हुआ है।' श्रीनिवास ने शिक्षा मंत्री, केंद्र सरकार, बिहार सरकार और राजस्थान सरकार से एक विशेष जाँच दल (SIT) गठित करने और सभी कोचिंग संस्थानों पर नकेल कसने की माँग की।

JDU नेताओं की राय: कानून अपना काम करेगा

जनता दल (यूनाइटेड) नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि पटना पुलिस की ओर से केस दर्ज हो चुका है और जाँच जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जाँच पूरी होने के बाद विधि सम्मत निर्णय लिया जाएगा। वहीं जदयू के एक अन्य नेता नीरज कुमार ने कहा, 'कानून सभी के लिए एक समान है। कानून के हाथ लंबे होते हैं — मेरा मानना है कि इसका एहसास कोचिंग संस्थाओं को भी हो गया होगा।'

RJD का रुख: शिक्षा में व्यापार पर अंकुश ज़रूरी

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता मृत्युंजय तिवारी ने इस घटना को शिक्षा के व्यावसायीकरण से जोड़ा। उन्होंने कहा, 'शिक्षा में संस्कार के बदले बाज़ार या व्यापार शुरू कर दिया जाए, तो उस पर सरकार को नियंत्रण करना ही चाहिए। जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।' तिवारी ने इसे पुलिस जाँच का विषय बताते हुए न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा जताया।

आगे क्या होगा

पटना पुलिस की जाँच अभी जारी है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। BJP की SIT माँग पर सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह मामला बिहार में कोचिंग उद्योग के नियमन की व्यापक बहस को नई धार दे रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बिना स्थायी विधायी सुधार के यह मामला भी पिछले कई विवादों की तरह सुर्खियों तक सिमटकर रह सकता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खान सर (फैसल खान) पर क्या केस दर्ज हुआ है?
पटना पुलिस ने फैसल खान उर्फ खान सर के खिलाफ हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। यह कार्रवाई फायरिंग की उस घटना के बाद हुई जिसमें उनके सुरक्षा गार्ड ने गोली चलाई थी।
पटना फायरिंग मामले में गोली किसने चलाई?
जाँच के दौरान पता चला कि खान सर के एक सुरक्षा गार्ड ने गोली चलाई थी। गार्ड ने बाद में यह बात स्वीकार भी कर ली, जिसके बाद पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की।
BJP ने इस मामले में क्या माँग की है?
BJP नेता टी.आर. श्रीनिवास ने केंद्र सरकार, बिहार सरकार और राजस्थान सरकार से एक विशेष जाँच दल (SIT) बनाने की माँग की है। उन्होंने कहा कि देशभर में फैले कोचिंग माफिया पर नकेल कसी जाए।
इस मामले में JDU और RJD का क्या रुख है?
JDU नेताओं ने पटना पुलिस की जाँच पर भरोसा जताते हुए विधि सम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया। RJD नेता मृत्युंजय तिवारी ने शिक्षा के व्यावसायीकरण पर सरकारी नियंत्रण की ज़रूरत बताई और कहा कि दोषी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
इस विवाद की पृष्ठभूमि क्या है?
यह विवाद दो कोचिंग संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा से उपजा है। इससे पहले एक कोचिंग मैनेजर को जेल भेजा जा चुका था। शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई और जाँच में सुरक्षा गार्ड की संलिप्तता सामने आई।
राष्ट्र प्रेस
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