खान सर को पटना सिविल कोर्ट से अग्रिम जमानत, कोचिंग विवाद में दो बॉडीगार्ड को भी नियमित जमानत
सारांश
मुख्य बातें
खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक और बिहार के चर्चित शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर को पटना सिविल कोर्ट ने 13 जुलाई को अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) प्रदान कर दी। यह राहत 2 जून को पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में कोचिंग संस्थान के बाहर हुई कथित मारपीट और फायरिंग की घटना से जुड़े मामले में मिली है। इसी मामले में न्यायिक हिरासत में बंद दो सुरक्षा कर्मियों को भी अदालत ने नियमित जमानत (रेगुलर बेल) दे दी।
मुख्य घटनाक्रम
खान सर के अधिवक्ता अरविंद कुमार ने बताया कि अदालत ने मामले के कानूनी पहलुओं और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद कुल छह आरोपियों को राहत प्रदान की। सबसे पहले खान सर की अग्रिम जमानत मंजूर की गई, इसके बाद उनके तीन स्टाफ सदस्यों की एंटीसिपेटरी बेल स्वीकार की गई। हवा में फायरिंग के आरोप में गिरफ्तार दो सुरक्षा कर्मियों को नियमित जमानत मिल गई।
मामले की पृष्ठभूमि
यह विवाद 2 जून को कदमकुआं थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुसल्लहपुर हाट इलाके में उस समय सामने आया जब खान सर के कोचिंग संस्थान और 'ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी' के संचालक रोशन आनंद से जुड़े विवाद के दौरान कथित तौर पर मारपीट, तोड़फोड़ और फायरिंग की घटना हुई। पुलिस ने खान सर, उनके स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ हत्या के प्रयास तथा आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी।
अदालत का आधार
अधिवक्ता अरविंद कुमार के अनुसार, मामले में आर्म्स एक्ट के आरोपों का विरोध किया गया था। अदालत ने पुलिस की जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद यह आदेश पारित किया। गौरतलब है कि पुलिस ने अपनी केस डायरी में तथ्यों के अनुरूप जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसे अदालत ने राहत देने का आधार माना।
पूर्व में मिली थी अंतरिम राहत
यह ऐसे समय में आया है जब इससे पहले अदालत ने खान सर की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक पहले ही लगा दी थी। मामले की सुनवाई कई बार टलने के बाद सोमवार को अदालत ने अपना अंतिम आदेश सुनाया। हालांकि, पुलिस जांच अभी भी जारी है और मामले का अंतिम निपटारा होना बाकी है।
आगे क्या होगा
जमानत मिलने के बावजूद इस मामले में पुलिस की जांच जारी रहेगी। आरोपों की गंभीरता — हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट — को देखते हुए मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। बिहार में कोचिंग संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा और विवादों की यह घटना राज्य में शिक्षा क्षेत्र की बदलती प्रतिस्पर्धी तस्वीर को भी उजागर करती है।