पटना फायरिंग मामला: खान सर के वकील अरविंद कुमार बोले — 'सरेंडर की ज़रूरत नहीं, अग्रिम जमानत का रास्ता खुला'
सारांश
मुख्य बातें
पटना के एक कोचिंग सेंटर में हुई फायरिंग की घटना में चर्चित शिक्षक खान सर का नाम एफआईआर में दर्ज होने के बाद उनके वकील अरविंद कुमार ने 6 जून 2026 को अपना पक्ष स्पष्ट किया। वकील ने साफ कहा कि खान सर के सरेंडर का कोई सवाल नहीं उठता, क्योंकि कानूनी विकल्प के रूप में अग्रिम जमानत याचिका दायर की जाएगी।
वकील का पक्ष: सरेंडर क्यों?
वकील अरविंद कुमार ने कहा, 'जब अग्रिम जमानत का रास्ता उपलब्ध है, तो याचिका दायर की जाएगी। खान सर सरेंडर क्यों करेंगे? पुलिस को गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से वारंट लेना होगा।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक बेल या सरेंडर को लेकर कोई याचिका दायर नहीं की गई है।
मामले की प्रकृति पर सवाल
वकील ने इस मामले की प्रकृति पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार इस प्रकरण में कोई पीड़ित पक्ष नहीं है और न ही किसी पीड़ित की ओर से कोई शिकायत दर्ज कराई गई है। उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस स्वयं इनफॉर्मेंट है और आरोप भी पुलिस की ओर से ही लगाए गए हैं।
खान सर की भूमिका पर स्पष्टीकरण
वकील अरविंद कुमार ने बताया कि खान सर ने स्वयं पुलिस को बुलाकर अपने गार्ड को हैंडओवर किया था। पुलिस जाँच के लिए गार्ड को ले गई और इसके बाद एफआईआर दर्ज कर दी, जिसमें खान सर का नाम भी शामिल कर दिया गया। उनके अनुसार इस पूरे मामले में खान सर की ओर से कोई आपराधिक भूमिका नहीं है।
वकील ने यह भी बताया कि खान सर के संस्थान के एक प्राधिकारी की ओर से एक अन्य संस्थान के डायरेक्टर और अन्य लोगों के खिलाफ गार्ड के साथ मारपीट करने का मामला दर्ज किया गया है।
सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रिया
बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश ने पत्रकारों से कहा कि इस घटना में विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी और पुलिस-प्रशासन मामले पर संज्ञान ले रहा है। वहीं समाजवादी पार्टी के नेता फखरुल हसन चांद ने कहा कि कोचिंग संस्थान पर हमले के दौरान वहाँ मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने अपने विवेक से निर्णय लिया होगा।
आगे क्या होगा
कानूनी जानकारों के अनुसार यदि अग्रिम जमानत याचिका दायर होती है, तो अदालत पुलिस का पक्ष सुनने के बाद निर्णय लेगी। पुलिस के पास गिरफ्तारी वारंट के लिए कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने का विकल्प भी उपलब्ध है। यह मामला बिहार की कोचिंग राजनीति और कानून-व्यवस्था के बीच टकराव की एक नई कड़ी बनता दिख रहा है।