27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

खान सर की अग्रिम जमानत याचिका: पटना कोर्ट ने सुनवाई 30 जून तक स्थगित की, अंतरिम राहत जारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
खान सर की अग्रिम जमानत याचिका: पटना कोर्ट ने सुनवाई 30 जून तक स्थगित की, अंतरिम राहत जारी

सारांश

पटना सिविल कोर्ट ने खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई 30 जून तक टाल दी। पुलिस की केस डायरी में फायरिंग को आत्मरक्षा नहीं, बल्कि दहशत फैलाने का प्रयास बताया गया है। अंतरिम गिरफ्तारी राहत अभी जारी है।

मुख्य बातें

पटना सिविल कोर्ट ने फैसल खान उर्फ खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई 30 जून 2026 तक स्थगित की।
पुलिस की अपडेटेड केस डायरी की जांच के लिए कोर्ट ने तीन दिन का अतिरिक्त समय दिया।
अगली सुनवाई तक खान सर की अंतरिम गिरफ्तारी सुरक्षा बरकरार रहेगी।
पुलिस केस डायरी के अनुसार 2 जून की फायरिंग आत्मरक्षा में नहीं, दहशत फैलाने के इरादे से की गई थी।
खान सर के दो सुरक्षा गार्ड अभी न्यायिक हिरासत में हैं; उनकी जमानत याचिका पर भी 30 जून को सुनवाई होगी।
जांच के दौरान फैसल खान का नाम FIR में बाद में जोड़ा गया था — पुलिस जांच रिपोर्ट।

पटना सिविल कोर्ट ने 27 जून 2026 को शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई 30 जून तक के लिए स्थगित कर दी। पुलिस द्वारा अदालत में पेश की गई अपडेटेड केस डायरी की विस्तृत जांच के लिए कोर्ट ने तीन दिन का अतिरिक्त समय दिया। इस अवधि में खान सर को गिरफ्तारी से मिली अंतरिम सुरक्षा राहत यथावत बनी रहेगी।

कोर्ट में क्या हुआ

शनिवार की सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत के समक्ष ताज़ा केस डायरी प्रस्तुत की। खान सर की ओर से उपस्थित अधिवक्ता अरविंद कुमार मौर ने इस विलंब का विरोध करते हुए तर्क दिया कि सरकारी वकील को अपडेटेड केस डायरी पहले ही सौंपी जा चुकी थी और बहस उसी दिन पूरी की जा सकती थी। दूसरी ओर, सरकारी वकील और रोशन आनंद का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता ने केस डायरी की सामग्री एवं कानूनी पहलुओं के अध्ययन हेतु अतिरिक्त समय की माँग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए अगली तारीख 30 जून नियत की।

सुरक्षा गार्डों की जमानत पर भी होगी सुनवाई

30 जून को कोर्ट खान सर के दो निजी सुरक्षा गार्डों की जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई करेगा। 2 जून की फायरिंग घटना के सिलसिले में दोनों सुरक्षाकर्मी अभी न्यायिक हिरासत में हैं।

पुलिस की केस डायरी में क्या है

अदालत में पेश केस डायरी के अनुसार, 2 जून को हुई फायरिंग आत्मरक्षा में नहीं की गई थी। पुलिस का आरोप है कि फायरिंग का मकसद दहशत फैलाना था। जांच टीम ने यह भी बताया कि जांच के दौरान फैसल खान का नाम बाद में प्राथमिकी (FIR) में जोड़ा गया था। गौरतलब है कि पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज से बाहरी लोगों द्वारा फायरिंग के शुरुआती आरोपों की पुष्टि नहीं हुई; बाद के फुटेज में कथित तौर पर खान सर के दो सुरक्षा गार्ड हवा में फायरिंग करते दिखे।

मामले की पृष्ठभूमि

2 जून को पटना स्थित खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर कथित तौर पर हिंसा हुई थी। आरोपों के अनुसार, कोचिंग परिसर में तैनात एक सुरक्षा गार्ड के साथ बुरी तरह मारपीट की गई, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। खान सर ने ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े लोगों — जिनमें रोशन आनंद भी शामिल हैं — पर अपने कोचिंग सेंटर पर हमले का आरोप लगाया था।

दोनों पक्षों का रुख

बचाव पक्ष का कहना है कि खान सर को इस मामले में झूठा फंसाया गया है और फायरिंग की घटना में उनकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी। दूसरी ओर, अभियोजन पक्ष केस डायरी में दर्ज तथ्यों पर भरोसा करते हुए फायरिंग की परिस्थितियों पर सवाल उठा रहा है। 30 जून की सुनवाई में अंतिम दलीलें पेश होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि कोर्ट अग्रिम जमानत पर क्या रुख अपनाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अदालत का रुख यह भी तय करेगा कि सार्वजनिक शख्सियतों से जुड़े ऐसे संवेदनशील मामलों में न्यायिक प्रक्रिया कितनी पारदर्शी दिखती है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर अगली सुनवाई कब होगी?
पटना सिविल कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 30 जून 2026 तय की है। तब तक खान सर को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा राहत मिली हुई है।
खान सर के खिलाफ मामला क्या है?
2 जून 2026 को पटना में खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर कथित हिंसा हुई थी। पुलिस का आरोप है कि खान सर के सुरक्षा गार्डों ने दहशत फैलाने के इरादे से हवा में फायरिंग की, जिसके आधार पर दोनों गार्डों को गिरफ्तार किया गया और बाद में खान सर का नाम भी FIR में जोड़ा गया।
पुलिस की केस डायरी में क्या कहा गया है?
पुलिस की केस डायरी के अनुसार 2 जून की फायरिंग आत्मरक्षा में नहीं की गई थी और इसका मकसद दहशत फैलाना था। साथ ही, जांच के दौरान फैसल खान का नाम FIR में बाद में जोड़ा गया था।
खान सर के सुरक्षा गार्डों की स्थिति क्या है?
खान सर के दोनों निजी सुरक्षा गार्ड फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। 30 जून को कोर्ट उनकी जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई करेगा।
बचाव पक्ष का क्या कहना है?
खान सर के अधिवक्ता अरविंद कुमार मौर का कहना है कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है और फायरिंग की घटना में उनकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी। बचाव पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी वकील के पास केस डायरी पहले से उपलब्ध थी, फिर भी सुनवाई टाली गई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 2 सप्ताह पहले
  7. 3 सप्ताह पहले
  8. 3 सप्ताह पहले