पटना कोर्ट ने 'खान सर' फैसल खान को 3 जुलाई तक गिरफ्तारी से दी अंतरिम सुरक्षा, केस डायरी तलब
सारांश
मुख्य बातें
पटना सिविल कोर्ट ने मंगलवार, 30 जून को कोचिंग संस्थान झड़प मामले में 'खान सर' के नाम से मशहूर फैसल खान की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें 3 जुलाई 2025 तक गिरफ्तारी समेत किसी भी सख्त कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की। अदालत ने जांच अधिकारियों से अपडेटेड केस डायरी और बॉडीगार्ड्स के हथियारों के लाइसेंस की वेरिफिकेशन रिपोर्ट माँगने के बाद आगे की सुनवाई 3 जुलाई तक स्थगित कर दी।
मुख्य घटनाक्रम
अदालत ने स्पष्ट किया कि फैसल खान की अग्रिम जमानत याचिका पर आगे विचार तभी होगा, जब पुलिस अपेक्षित दस्तावेज रिकॉर्ड पर प्रस्तुत करेगी। तब तक उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम राहत जारी रहेगी। यह मामला बिहार के जाने-माने शिक्षक रोशन आनंद के साथ चल रहे कानूनी विवाद से जुड़ा है।
विवाद की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, 2 जून की रात पटना में फैसल खान और रोशन आनंद के कोचिंग संस्थानों से जुड़े दोनों गुटों के बीच तनाव बढ़ा, जिसके चलते इलाके में तोड़फोड़ हुई। विरोधी गुट के सदस्यों का आरोप है कि फैसल खान के निजी सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ में दहशत फैलाने के लिए हवा में गोलियाँ चलाईं — हालाँकि ये आरोप अभी जाँच के दायरे में हैं।
घटना के बाद पटना पुलिस ने फैसल खान, रोशन आनंद, उनके सुरक्षाकर्मियों और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास और दंगे सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की। कथित तौर पर फायरिंग में शामिल दो सुरक्षा गार्ड गिरफ्तार हो चुके हैं और अभी न्यायिक हिरासत में हैं।
कानूनी कार्यवाही का ब्यौरा
फैसल खान ने 9 जून को अग्रिम जमानत के लिए अदालत में आवेदन किया था। दूसरी तरफ, रोशन आनंद को 15 जून को नियमित जमानत मिल चुकी है। फैसल खान की शिकायत में रोशन आनंद और उनके भाई प्रिंस यादव का नाम भी आरोपियों में शामिल था। इस बीच, विवाद के दौरान खबर आई कि प्रिंस यादव की नेपाल में मृत्यु हो गई।
अदालत की अगली सुनवाई
पटना सिविल कोर्ट 3 जुलाई को पुलिस की अपडेटेड केस डायरी और बॉडीगार्ड्स के हथियारों के लाइसेंस की वेरिफिकेशन रिपोर्ट देखने के बाद फैसल खान की अग्रिम जमानत याचिका पर पुनः विचार करेगी। मामले की जाँच अभी जारी है।