खान सर को पटना अदालत से राहत, फायरिंग मामले में गिरफ्तारी पर रोक बरकरार; 25 जून को अगली सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
पटना की एक अदालत ने शनिवार, 20 जून को कोचिंग संस्थान से जुड़े फायरिंग मामले में फैसल खान उर्फ खान सर को अंतरिम राहत प्रदान की। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अगले आदेश तक उनके विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर प्रभावी रोक लग गई है। उनके स्टाफ के तीन सदस्यों को भी समान अंतरिम सुरक्षा दी गई है।
अदालत में क्या हुआ
सुनवाई के दौरान पटना पुलिस ने अदालत के समक्ष केस डायरी प्रस्तुत की। दस्तावेजों की समीक्षा के बाद न्यायालय ने खान सर और उनसे जुड़े अन्य व्यक्तियों को 25 जून तक की अगली सुनवाई तक अंतरिम सुरक्षा प्रदान कर दी। इस सुनवाई में दो गार्डों की नियमित जमानत और खान सर की अग्रिम जमानत याचिका — दोनों पर एक साथ विचार किया गया।
वकील का बयान
खान सर के अधिवक्ता अरविंद कुमार मौर्य ने बताया कि पुलिस द्वारा जमा की गई केस डायरी अब सरकारी अभियोजक के पास है और उन्हें 23 जून तक यह डायरी वापस करनी होगी। उन्होंने कहा, 'अदालत ने अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी से सुरक्षा दी है और केस डायरी व अभिलेखों में रखे अन्य दस्तावेजों की जाँच के बाद मामले पर आगे विचार किया जाएगा।'
खान सर का पक्ष
इससे पूर्व फैसल खान ने फायरिंग की घटना के संबंध में पटना सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। याचिका में उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि गोलीबारी की घटना में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। उनके वकील ने तर्क दिया कि लगाए गए आरोप निराधार हैं और उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि जेल से रिहाई के बाद रोशन आनंद ने आरोप लगाया था कि उन्हें जान से मारने की कोशिश की गई। उन्होंने खान सर पर अपने विरुद्ध साजिश में शामिल होने और प्रिंस यादव की हत्या में संलिप्तता का भी आरोप लगाया था। जब रोशन आनंद ने खान सर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया और मामला तत्काल दर्ज नहीं हुआ, तो उन्होंने थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। यह सभी आरोप अभी तक न्यायालय में सिद्ध नहीं हुए हैं।
आगे क्या होगा
मामले की अगली निर्णायक सुनवाई 25 जून को निर्धारित है, जब केस डायरी और संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत जाँच के बाद न्यायालय अग्रिम जमानत पर अपना अंतिम फैसला सुनाएगा। तब तक खान सर और उनके स्टाफ सदस्यों को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण मिला रहेगा।