एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला हॉकी टीम फाइनल में, साउथ कोरिया को 2-0 से हराकर मेडल पक्का
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में बुधवार, 30 सितंबर को जापान के काकामिगहारा में साउथ कोरिया को 2-0 से पराजित कर गोल्ड मेडल मुकाबले में जगह पक्की कर ली। इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में कम से कम रजत पदक सुनिश्चित कर लिया है। अब शुक्रवार को खिताबी मैच में भारत का सामना चीन से होगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
1982 के बाद से एशियन गेम्स में महिला हॉकी में स्वर्ण पदक का इंतजार कर रही भारतीय टीम के लिए यह जीत 44 साल के सूखे को खत्म करने के सपने को जीवित रखती है। कप्तान सलीमा टेटे की अगुवाई में भारतीय दस्ते ने इस टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं गँवाया और पूल से लेकर नॉकआउट तक अजेय रहा। गौरतलब है कि यह वही टीम है जिसने पूल चरण में उज्बेकिस्तान को 19-0, इंडोनेशिया को 17-1, थाईलैंड को 20-1, मेजबान जापान को 3-1 और सिंगापुर को 7-0 से रौंदा था।
मैच का घटनाक्रम
पहले क्वार्टर में भारत को कई पेनाल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन साउथ कोरिया के अनुशासित डिफेंस के सामने कोई भी मौका गोल में नहीं बदल सका। नवनीत कौर के बेहतरीन पास के बाद लालरेम्सियामी हमारजोटे भी गोल से चूक गईं। दूसरे क्वार्टर में नवनीत ने तीखा शॉट लगाया, मगर कोरियाई गोलकीपर ने डाइव लगाकर बचाव कर लिया और हाफ-टाइम तक स्कोर 0-0 रहा।
तीसरे क्वार्टर में भारत का धैर्य रंग लाया। 44वें मिनट में इशिका ने मिडफील्ड से बने मूव को शानदार फिनिश में तब्दील करते हुए पहला गोल दागा और भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। चौथे क्वार्टर की शुरुआत में कप्तान सलीमा टेटे ने दाईं ओर से शूटिंग सर्कल में बॉल पहुँचाई और बेसलाइन से पास दिया — गेंद कोरियाई डिफेंडर की स्टिक से लगकर नेट में चली गई और स्कोर 2-0 हो गया।
साउथ कोरिया का प्रदर्शन
पूल-ए में दूसरे स्थान पर रही दक्षिण कोरियाई टीम ने इस सेमीफाइनल से पहले अपने पाँच में से चार मैच जीते थे; उसे एकमात्र हार चीन के खिलाफ मिली थी। बुधवार के मुकाबले में कोरियाई खिलाड़ियों ने दोनों छोर से अटैक किया और भारत के एक और पेनाल्टी कॉर्नर का कड़ा बचाव भी किया, किंतु अंतत: वे भारत की मज़बूत रक्षापंक्ति को नहीं भेद पाए।
फाइनल की राह और आगे की चुनौती
भारत अब शुक्रवार को चीन से भिड़ेगा — वही चीन जिसने पूल चरण में दक्षिण कोरिया को हराया था। 1982 के बाद से एशियन गेम्स का महिला हॉकी स्वर्ण जीतने की भारत की यह सबसे बड़ी मौका है। सलीमा टेटे और उनकी टीम पर पूरे देश की निगाहें होंगी कि क्या वे चार दशक से अधिक के इंतजार को इतिहास में बदल सकती हैं।