चक्रवात 'मुरासु' के बाद तमिलनाडु के थेनी-कोयंबटूर में भारी बारिश का अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 नवंबर 2026 को तमिलनाडु के थेनी और कोयंबटूर जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब भीषण चक्रवाती तूफान 'मुरासु' ओंगोल के निकट दक्षिणी आंध्र प्रदेश का तट पार करने के बाद कमज़ोर पड़ चुका है। विभाग के अनुसार, तूफान के अवशेष अगले दो दिनों तक तमिलनाडु के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों को प्रभावित करते रहेंगे।
चक्रवात 'मुरासु' का पथ और कमज़ोर पड़ना
2 नवंबर को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय यह भीषण चक्रवाती तूफान उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा। 3 नवंबर को तड़के 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच यह नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के पास आंध्र प्रदेश के तट से टकराया।
तट से टकराने के बाद तूफान उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ता रहा और इसकी तीव्रता क्रमशः घटती गई। IMD के अनुसार, यह पहले एक चक्रवाती तूफान और फिर 'डीप डिप्रेशन' (गहरे दबाव के क्षेत्र) में बदल गया।
तमिलनाडु में बारिश का पूर्वानुमान
IMD ने बुधवार के लिए थेनी और कोयंबटूर जिलों के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान जताया है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश संभव है। चेन्नई में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और शहर के कुछ क्षेत्रों में मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
गुरुवार के लिए विभाग ने मदुरै, थेनी और डिंडीगुल जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है। बाकी तमिलनाडु में मध्यम बारिश होने की संभावना है। IMD ने स्पष्ट किया है कि बारिश की मात्रा स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के अनुसार कम या अधिक हो सकती है।
सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र
IMD के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, बारिश मुख्य रूप से पश्चिमी घाट से सटे जिलों में केंद्रित रहेगी। पश्चिमी और दक्षिणी तमिलनाडु के पहाड़ी इलाकों में स्थानीय मौसमी स्थितियों के कारण अतिरिक्त तेज़ वर्षा हो सकती है। गौरतलब है कि थेनी और कोयंबटूर जैसे जिले पहाड़ी भूगोल के कारण अधिक संवेदनशील हैं।
आम जनता के लिए सलाह
मौसम विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चक्रवाती तूफान के कमज़ोर पड़ने का यह अर्थ नहीं कि उससे जुड़ी बारिश तत्काल रुक जाएगी। भारी बारिश के अनुमान वाले जिलों में रहने वाले लोगों — विशेषकर निचले और संवेदनशील इलाकों में — को ताज़ा मौसम जानकारी पर निरंतर नज़र रखने की सलाह दी गई है।
IMD वायुमंडलीय परिस्थितियों की निगरानी जारी रखेगा और जिलेवार बारिश के पूर्वानुमान अपडेट करता रहेगा। यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के तटीय इलाके 'मुरासु' से पहले से ही सतर्क थे।