क्या अयोध्या दीपोत्सव-2025 ने राम नगरी को रोशनी से भर दिया?

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क्या अयोध्या दीपोत्सव-2025 ने राम नगरी को रोशनी से भर दिया?

सारांश

अयोध्या में दीपोत्सव-2025 का आयोजन, सीएम योगी ने सरयू आरती के साथ किया शुभारंभ। लाखों दीयों की रोशनी में राम नगरी जगमगाई। जानें इस उत्सव की खास बातें और मुख्यमंत्री के संदेश।

मुख्य बातें

दीपोत्सव-2025 का शुभारंभ सीएम योगी ने किया।
लाखों दीपों से सजी अयोध्या ने भक्ति का अद्भुत नज़ारा पेश किया।
सरयू नदी किनारे मां सरयू की विधिवत आरती हुई।
इस उत्सव का 9वां संस्करण उत्तर प्रदेश की नई पहचान है।
अयोध्या अब एक नई रोशनी में उभर रही है।

अयोध्या, 19 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। रविवार की संध्या को राम नगरी अयोध्या भक्ति और रोशनी में खिल उठी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरयू नदी के तट पर मां सरयू की आरती करके दीपोत्सव-2025 का शुभारंभ किया। लाखों दीपों से सजी अयोध्या में उन्होंने कहा कि रामभक्तों के बलिदान से सजी यह नगरी आज दीपों की रोशनी में चमक रही है। यही नया भारत है, जो अपनी आस्था, पहचान और विकास के साथ आत्मविश्वास से भरपूर है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरयू घाट पर मां सरयू की विधिवत पूजा के बाद आरती की। इस अवसर पर उनके साथ कई मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इसके पश्चात् राम कथा पार्क पहुंचकर उन्होंने जनता को संबोधित किया। सीएम योगी ने कहा कि दीपोत्सव का यह 9वां संस्करण उत्तर प्रदेश की नई पहचान है। उन्होंने वहाँ उपस्थित रामभक्तों से स्मार्टफोन की रोशनी जलाकर जय श्री राम का उद्घोष करने का आग्रह किया, जिससे पूरा पार्क रोशनी से जगमगा उठा।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने अयोध्या को अपमान से मुक्त किया है। पहले जो लोग आस्था का मजाक उड़ाते थे और राम भक्तों की गरिमा को ठेस पहुँचाते थे, आज उन्हें 26 लाख 17 हजार से अधिक दीपों की यह रोशनी चुभ रही है। ये दीप स्थानीय प्रजापति और कुम्हार समुदाय द्वारा निर्मित हैं, जो रोजगार का भी एक स्रोत हैं। लेकिन रामद्रोही इसे सहन नहीं कर पा रहे।

सीएम योगी ने कहा कि उन्हें श्री राम जन्मभूमि पर पहले दीप जलाने का सौभाग्य मिला। रामलला का भव्य मंदिर भारत की आस्था का प्रतीक है, जो एक भारत-श्रेष्ठ भारत का संकेत है। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राम को न मानने वाले और भक्तों पर गोली चलाने वाले अब इस रोशनी के सामने असहज हैं। ये लोग पहले सत्ता में रहकर दीपावली से दूर रहते थे, लेकिन अब जातिवाद और विद्वेष के जाल में जनता को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि ऐसे रामद्रोही दीपोत्सव को कैसे पसंद कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ रहा है। दीपोत्सव जनता के सहयोग से वैश्विक पहचान बना रहा है। सरकार बिना रुकावट और बिना झुकाव के विकास की यात्रा जारी रखेगी। भारत एक रहेगा तो कोई आस्था का अपमान नहीं कर पाएगा। उन्होंने कहा कि लाखों श्रद्धालु इस कार्यक्रम के साक्षी बने, जो संतों, अधिकारियों और सलाहकारों की मेहनत का परिणाम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दीपोत्सव और दीपावली की शुभकामनाएं दीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

अयोध्या दीपोत्सव-2025 एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक घटना है, जो न केवल धार्मिक आस्था को प्रोत्साहित करती है, बल्कि समाज में एकता और विकास का संदेश भी देती है। यह उत्सव भारतीय संस्कृति की गहरी जड़ों को दर्शाता है और इसे वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक कदम है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपोत्सव-2025 का उद्देश्य क्या है?
दीपोत्सव-2025 का उद्देश्य अयोध्या की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को बढ़ावा देना है।
इस वर्ष के दीपोत्सव में कितने दीप जलाए गए?
इस वर्ष 26 लाख 17 हजार से अधिक दीप जलाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने किस नदी के किनारे आरती की?
मुख्यमंत्री ने सरयू नदी के किनारे मां सरयू की आरती की।
दीपोत्सव में कौन-कौन शामिल हुए?
इस उत्सव में मुख्यमंत्री, मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
क्या यह दीपोत्सव वैश्विक पहचान बना रहा है?
जी हां, यह दीपोत्सव जनता के सहयोग से वैश्विक पहचान बना रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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