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पंजाब चुनाव 2027: पठानकोट में BJP, भोआ में AAP, सुजानपुर में कांग्रेस — 2022 के नतीजे क्या कहते हैं

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पंजाब चुनाव 2027: पठानकोट में BJP, भोआ में AAP, सुजानपुर में कांग्रेस — 2022 के नतीजे क्या कहते हैं

सारांश

पंजाब चुनाव 2027 की उलटी गिनती में पठानकोट जिले की तीनों सीटें चर्चा में हैं। 2022 में यहाँ तीन अलग दलों — भाजपा, कांग्रेस और AAP — ने एक-एक सीट जीती थी, जो इस जिले की राजनीतिक अनिश्चितता को दर्शाती है। 2027 में यहाँ कड़ी त्रिकोणीय जंग के आसार हैं।

मुख्य बातें

सुजानपुर में कांग्रेस के नरेश पुरी ने 2022 में भाजपा के दिनेश कुमार को 4,636 वोटों से हराया; भाजपा का 15 साल का किला टूटा।
भोआ (सुरक्षित) में AAP के लाल चंद कटारूचक ने कांग्रेस को महज़ 1,204 मतों से हराया — पंजाब के सबसे करीबी मुकाबलों में से एक।
पठानकोट में भाजपा के अश्विनी कुमार शर्मा ने कांग्रेस के अमित विज को 7,759 वोटों से पराजित किया।
पठानकोट जिले में 2022 में तीनों सीटों पर तीन अलग-अलग दलों की जीत हुई — इस जिले में कोई एकल प्रभुत्वशाली दल नहीं।
पठानकोट सीट पर शहरी और दलित मतदाता निर्णायक भूमिका में; 2027 में भाजपा - कांग्रेस सीधी टक्कर की संभावना।

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियाँ तेज़ होने के साथ ही पठानकोट जिले की तीनों सीटों — सुजानपुर, भोआ (सुरक्षित) और पठानकोट — पर राजनीतिक समीकरण नए सिरे से बनने लगे हैं। 2022 के चुनाव परिणाम इन सीटों की ज़मीनी हकीकत समझने की सबसे ज़रूरी कुंजी हैं, जहाँ तीनों सीटों पर तीन अलग-अलग दलों को जीत मिली थी।

सुजानपुर: कांग्रेस ने तोड़ा भाजपा का 15 साल का दबदबा

सुजानपुर सीट पर 2007, 2012 और 2017 में लगातार तीन बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) का परचम लहराता रहा, लेकिन 2022 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के उम्मीदवार नरेश पुरी ने भाजपा के विजय क्रम को विराम दे दिया।

नरेश पुरी ने भाजपा प्रत्याशी दिनेश कुमार (बब्बू) को 4,636 मतों के अंतर से पराजित किया। नरेश पुरी को 46,916 वोट मिले, जबकि दिनेश कुमार 42,280 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। आम आदमी पार्टी (AAP) के अमित सिंह मंटो 29,310 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। गौरतलब है कि यह सीट भाजपा के गढ़ मानी जाती थी, इसलिए कांग्रेस की यह जीत राजनीतिक दृष्टि से विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।

भोआ (सुरक्षित): AAP ने रोमांचक मुकाबले में कांग्रेस को पछाड़ा

भोआ (सुरक्षित) सीट पर 2022 का मुकाबला पंजाब के सबसे कड़े मुकाबलों में से एक रहा। आम आदमी पार्टी (AAP) के लाल चंद कटारूचक ने कांग्रेस के जोगिंदर पाल को महज़ 1,204 मतों के अत्यंत संकरे अंतर से हराकर यह सीट अपने नाम की।

लाल चंद कटारूचक को 50,339 वोट मिले, जबकि जोगिंदर पाल 49,135 वोट के साथ बेहद करीबी दूसरे स्थान पर रहे। भाजपा की सीमा कुमारी 29,132 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहीं। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और दलित मतदाताओं की निर्णायक भूमिका यहाँ की राजनीति की पहचान है।

पठानकोट: भाजपा ने कांग्रेस को 7,759 मतों से हराया

पठानकोट विधानसभा सीट पर 2022 में भाजपा के अश्विनी कुमार शर्मा ने कांग्रेस के अमित विज को 7,759 मतों के उल्लेखनीय अंतर से पराजित कर सीट अपने नाम की।

अश्विनी कुमार शर्मा को 43,132 वोट मिले। अमित विज 35,373 वोट पाकर दूसरे और आम आदमी पार्टी (AAP) के विभूति शर्मा 31,451 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे। यह सीट शहरी और दलित मतदाताओं के मिश्रित आधार के लिए जानी जाती है, जो जीत-हार तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

2027 की रणनीतिक तस्वीर

तीनों सीटों पर 2022 के परिणामों का सार यह है कि पठानकोट जिले में कोई एक दल हावी नहीं है — तीनों सीटों पर तीन अलग दलों की जीत इस क्षेत्र की राजनीतिक जटिलता को रेखांकित करती है। पठानकोट सीट पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर के आसार हैं, जबकि भोआ में AAP का दबाव बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी।

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में AAP सरकार अपने कामकाज का लेखा-जोखा मतदाताओं के सामने रख रही है और विपक्षी दल नई रणनीतियाँ तलाश रहे हैं। 2027 में पठानकोट जिले के तीनों क्षेत्रों में त्रिकोणीय संघर्ष की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

204 मतों की संकरी जीत दर्शाती है कि जिले में सत्ता-परिवर्तन बेहद मामूली बदलाव से हो सकता है। मुख्यधारा की चर्चा अक्सर पूरे पंजाब को AAP के गढ़ की तरह पेश करती है, लेकिन पठानकोट जैसे जिले बताते हैं कि ज़मीनी तस्वीर कहीं अधिक खंडित है। 2027 में असली परीक्षा यह होगी कि क्या AAP सत्ता में रहते हुए इस तरह के 'स्विंग' क्षेत्रों को अपने पक्ष में बनाए रख पाती है या विपक्षी दल बिखरे हुए मत एकजुट करने में सफल होते हैं।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2022 में पंजाब के पठानकोट जिले की तीन सीटों पर किस दल ने जीत हासिल की?
2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में पठानकोट जिले की तीनों सीटों पर तीन अलग दलों ने जीत दर्ज की। पठानकोट सीट पर भाजपा के अश्विनी कुमार शर्मा, भोआ (सुरक्षित) पर AAP के लाल चंद कटारूचक और सुजानपुर पर कांग्रेस के नरेश पुरी विजयी रहे।
सुजानपुर सीट पर 2022 में क्या हुआ था?
सुजानपुर में कांग्रेस के नरेश पुरी ने भाजपा के दिनेश कुमार (बब्बू) को 4,636 मतों के अंतर से हराकर भाजपा का 15 साल का दबदबा तोड़ा। नरेश पुरी को 46,916 और दिनेश कुमार को 42,280 वोट मिले थे।
भोआ (सुरक्षित) सीट पर 2022 का चुनावी मुकाबला कितना करीबी रहा?
भोआ सीट पर AAP के लाल चंद कटारूचक ने कांग्रेस के जोगिंदर पाल को महज़ 1,204 मतों के अत्यंत संकरे अंतर से हराया। कटारूचक को 50,339 और जोगिंदर पाल को 49,135 वोट मिले थे, जो इसे 2022 के पंजाब चुनाव के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक बनाता है।
पठानकोट विधानसभा सीट पर 2027 में किनके बीच टक्कर संभावित है?
2022 में भाजपा के अश्विनी कुमार शर्मा ने कांग्रेस के अमित विज को 7,759 मतों से हराया था। 2027 में यहाँ भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है, क्योंकि शहरी और दलित मतदाता इस सीट की जीत-हार तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 कब होने की संभावना है?
पंजाब विधानसभा का कार्यकाल 2027 में समाप्त होता है और इसी दौरान चुनाव होने की उम्मीद है। सभी प्रमुख दलों ने अभी से अपनी-अपनी रणनीतियाँ बनानी शुरू कर दी हैं और चुनावी गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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