पंजाब चुनाव 2027: पठानकोट में BJP, भोआ में AAP, सुजानपुर में कांग्रेस — 2022 के नतीजे क्या कहते हैं
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियाँ तेज़ होने के साथ ही पठानकोट जिले की तीनों सीटों — सुजानपुर, भोआ (सुरक्षित) और पठानकोट — पर राजनीतिक समीकरण नए सिरे से बनने लगे हैं। 2022 के चुनाव परिणाम इन सीटों की ज़मीनी हकीकत समझने की सबसे ज़रूरी कुंजी हैं, जहाँ तीनों सीटों पर तीन अलग-अलग दलों को जीत मिली थी।
सुजानपुर: कांग्रेस ने तोड़ा भाजपा का 15 साल का दबदबा
सुजानपुर सीट पर 2007, 2012 और 2017 में लगातार तीन बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) का परचम लहराता रहा, लेकिन 2022 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के उम्मीदवार नरेश पुरी ने भाजपा के विजय क्रम को विराम दे दिया।
नरेश पुरी ने भाजपा प्रत्याशी दिनेश कुमार (बब्बू) को 4,636 मतों के अंतर से पराजित किया। नरेश पुरी को 46,916 वोट मिले, जबकि दिनेश कुमार 42,280 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। आम आदमी पार्टी (AAP) के अमित सिंह मंटो 29,310 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। गौरतलब है कि यह सीट भाजपा के गढ़ मानी जाती थी, इसलिए कांग्रेस की यह जीत राजनीतिक दृष्टि से विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
भोआ (सुरक्षित): AAP ने रोमांचक मुकाबले में कांग्रेस को पछाड़ा
भोआ (सुरक्षित) सीट पर 2022 का मुकाबला पंजाब के सबसे कड़े मुकाबलों में से एक रहा। आम आदमी पार्टी (AAP) के लाल चंद कटारूचक ने कांग्रेस के जोगिंदर पाल को महज़ 1,204 मतों के अत्यंत संकरे अंतर से हराकर यह सीट अपने नाम की।
लाल चंद कटारूचक को 50,339 वोट मिले, जबकि जोगिंदर पाल 49,135 वोट के साथ बेहद करीबी दूसरे स्थान पर रहे। भाजपा की सीमा कुमारी 29,132 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहीं। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और दलित मतदाताओं की निर्णायक भूमिका यहाँ की राजनीति की पहचान है।
पठानकोट: भाजपा ने कांग्रेस को 7,759 मतों से हराया
पठानकोट विधानसभा सीट पर 2022 में भाजपा के अश्विनी कुमार शर्मा ने कांग्रेस के अमित विज को 7,759 मतों के उल्लेखनीय अंतर से पराजित कर सीट अपने नाम की।
अश्विनी कुमार शर्मा को 43,132 वोट मिले। अमित विज 35,373 वोट पाकर दूसरे और आम आदमी पार्टी (AAP) के विभूति शर्मा 31,451 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे। यह सीट शहरी और दलित मतदाताओं के मिश्रित आधार के लिए जानी जाती है, जो जीत-हार तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
2027 की रणनीतिक तस्वीर
तीनों सीटों पर 2022 के परिणामों का सार यह है कि पठानकोट जिले में कोई एक दल हावी नहीं है — तीनों सीटों पर तीन अलग दलों की जीत इस क्षेत्र की राजनीतिक जटिलता को रेखांकित करती है। पठानकोट सीट पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर के आसार हैं, जबकि भोआ में AAP का दबाव बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी।
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में AAP सरकार अपने कामकाज का लेखा-जोखा मतदाताओं के सामने रख रही है और विपक्षी दल नई रणनीतियाँ तलाश रहे हैं। 2027 में पठानकोट जिले के तीनों क्षेत्रों में त्रिकोणीय संघर्ष की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।