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उत्तराखंड चुनाव 2027: हरिद्वार जिले की 6 सीटों पर कांग्रेस का दबदबा, BJP के पास सिर्फ 3 सीटें थीं

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उत्तराखंड चुनाव 2027: हरिद्वार जिले की 6 सीटों पर कांग्रेस का दबदबा, BJP के पास सिर्फ 3 सीटें थीं

सारांश

2027 चुनाव से पहले हरिद्वार जिले की तस्वीर साफ है — 11 में से 6 सीटें कांग्रेस के पास, BJP के पास सिर्फ 3। रुड़की में 2,277 और मंगलौर में 422 मतों का रोमांचक अंतर बताता है कि यह जिला 2027 में उत्तराखंड की सत्ता का फैसला करेगा।

मुख्य बातें

हरिद्वार जिले की 11 विधानसभा सीटों में से वर्तमान में 6 पर कांग्रेस , 3 पर BJP , 1 पर BSP और 1 खानपुर सीट रिक्त है।
मंगलौर उपचुनाव 2024 में कांग्रेस के काजी मुहम्मद निजामुद्दीन ने BJP को महज 422 मतों से हराया।
हरिद्वार सीट पर 2002 से BJP का कब्जा; मदन कौशिक लगातार 5 बार विधायक।
निर्दलीय उमेश कुमार ने खानपुर सीट से 28 अक्टूबर 2026 को कार्यकाल से पहले इस्तीफा दिया।
रुड़की सीट पर BJP की जीत का अंतर 2022 में केवल 2,277 मत — यह सीट 2027 में सबसे हॉट सीटों में शामिल।
हरिद्वार ग्रामीण सीट पर जिले में सर्वाधिक 81.95% मतदान दर्ज।

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच हरिद्वार जिले की राजनीतिक तस्वीर तेज़ी से बदल रही है। 2022 के विधानसभा चुनाव और उसके बाद हुए उपचुनाव के परिणामस्वरूप वर्तमान में जिले की 11 सीटों में से 6 पर कांग्रेस का कब्जा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पास केवल 3 सीटें हैं। यह जिला उत्तराखंड की सत्ता की दिशा तय करने में ऐतिहासिक रूप से निर्णायक भूमिका निभाता आया है।

हरिद्वार जिले की 11 सीटों का मौजूदा समीकरण

हरिद्वार जिले में कुल 11 विधानसभा सीटें हैं — हरिद्वार, भेल रानीपुर, ज्वालापुर (सुरक्षित), भगवानपुर (सुरक्षित), झबरेड़ा (सुरक्षित), पिरान कलियर, रुड़की, खानपुर, मंगलौर, लक्सर और हरिद्वार ग्रामीण। 2022 के चुनाव में BJP को 3, कांग्रेस को 5, बहुजन समाज पार्टी (BSP) को 2 और एक निर्दलीय को जीत मिली थी। इसके बाद मंगलौर सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस की जीत से उसकी संख्या बढ़कर 6 हो गई।

BJP के गढ़ — हरिद्वार और भेल रानीपुर

हरिद्वार विधानसभा सीट पर 2002 से लगातार BJP का कब्जा है। BJP नेता मदन कौशिक यहाँ से लगातार पाँच बार विधायक चुने गए हैं। 2022 के चुनाव में मदन कौशिक ने 53,147 वोट पाकर कांग्रेस उम्मीदवार सतपाल ब्रह्मचारी को 15,237 मतों के अंतर से हराया। इस क्षेत्र में 64.23% मतदान दर्ज हुआ।

भेल रानीपुर सीट से BJP उम्मीदवार आदेश चौहान लगातार तीन बार विधायक हैं। 2022 में उन्होंने 57,544 वोट पाकर कांग्रेस के राजबीर सिंह चौहान को 13,862 वोटों से पराजित किया। इस सीट पर 69.32% मतदान हुआ था।

कांग्रेस की मजबूत सीटें — ज्वालापुर से हरिद्वार ग्रामीण तक

अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित ज्वालापुर सीट पर 2022 में कांग्रेस के रवि बहादुर ने BJP उम्मीदवार सुरेश राठौड़ को 13,343 मतों से हराया। इस सीट पर रिकॉर्ड 79.30% मतदान हुआ।

भगवानपुर (सुरक्षित) सीट पर 2015 के उपचुनाव से कांग्रेस की ममता राकेश का कब्जा है। 2022 में ममता राकेश ने 44,808 वोट पाकर BSP के सुबोध राकेश को 4,811 मतों से हराया। झबरेड़ा (सुरक्षित) सीट पर भी 2022 में कांग्रेस के वीरेंद्र कुमार ने BJP के राजपाल सिंह को 8,216 मतों से शिकस्त दी।

पिरान कलियर सीट पर 2012 से कांग्रेस के फुरकान अहमद लगातार तीन बार विधायक हैं। 2022 में उन्होंने BJP उम्मीदवार मुनीश कुमार सैनी को 15,743 मतों से हराया। हरिद्वार ग्रामीण से कांग्रेस की अनुपमा रावत ने तत्कालीन BJP विधायक यतीश्वरानंद को 4,472 मतों से पराजित किया। इस सीट पर जिले में सर्वाधिक 81.95% मतदान दर्ज हुआ था।

रोमांचक मुकाबले — रुड़की, खानपुर और मंगलौर

रुड़की सीट पर 2022 का मुकाबला बेहद करीबी रहा। BJP के प्रदीप बत्रा ने 36,986 वोट पाए, जबकि कांग्रेस के यशपाल राणा को 34,709 वोट मिले — जीत का अंतर मात्र 2,277 मतों का था।

खानपुर सीट से 2022 में निर्दलीय उमेश कुमार ने 38,767 वोट पाकर जीत हासिल की थी। गौरतलब है कि उमेश कुमार ने अपना कार्यकाल समाप्त होने से पहले 28 अक्टूबर 2026 को इस्तीफा दे दिया। मंगलौर सीट परंपरागत रूप से BSP का गढ़ मानी जाती है। 2022 में BSP के सरवत करीम अंसारी जीते थे। उनके निधन के बाद 2024 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के काजी मुहम्मद निजामुद्दीन ने BJP के करतार सिंह भडाना को महज 422 मतों के अंतर से हराया।

लक्सर सीट पर 2022 में BSP उम्मीदवार शहजाद ने 34,899 वोट पाकर तत्कालीन BJP विधायक संजय गुप्ता को 10,440 मतों से शिकस्त दी।

2027 की राह — हरिद्वार में क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में सत्ताधारी BJP 2027 के चुनाव के लिए अपनी रणनीति बना रही है। हरिद्वार जिले में खानपुर सीट पर उमेश कुमार के इस्तीफे के बाद उपचुनाव की संभावना भी बन रही है। 2022 के परिणामों को देखते हुए यहाँ BSP और निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका भी निर्णायक रही है, जो 2027 में त्रिकोणीय या बहुकोणीय मुकाबले की जमीन तैयार कर सकती है। देवभूमि का यह पवित्र जिला एक बार फिर उत्तराखंड की सियासत का केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ 2027 में वापसी के लिए उसे न केवल अपनी 3 सीटें बचानी होंगी, बल्कि कांग्रेस के गढ़ों में सेंध लगानी होगी। रुड़की में 2,277 और मंगलौर में 422 मतों का अंतर बताता है कि यहाँ जमीन बेहद फिसलन भरी है। BSP की घटती ताकत और खानपुर की रिक्त सीट नए समीकरण बना सकती है, जिसका फायदा किसे मिलेगा यह इस क्षेत्र में अभी स्पष्ट नहीं है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि हरिद्वार जिले में धार्मिक-सामाजिक विविधता — हिंदू आस्था केंद्र के साथ-साथ मुस्लिम बहुल पिरान कलियर और मंगलौर सीटें — उत्तराखंड की राजनीति को उतना सरल नहीं रहने देती जितना बाहर से दिखती है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तराखंड 2027 चुनाव से पहले हरिद्वार जिले में कौन-सा दल सबसे मजबूत है?
वर्तमान में कांग्रेस सबसे मजबूत स्थिति में है — जिले की 11 में से 6 सीटें उसके पास हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव और 2024 के मंगलौर उपचुनाव के बाद यह बढ़त बनी है।
हरिद्वार जिले में BJP कितनी सीटों पर है और कौन-सी हैं?
BJP के पास जिले में 3 सीटें हैं — हरिद्वार (मदन कौशिक), भेल रानीपुर (आदेश चौहान) और रुड़की (प्रदीप बत्रा)। तीनों सीटों पर पार्टी ने 2022 में जीत दर्ज की थी।
खानपुर सीट पर उपचुनाव क्यों होगा?
खानपुर से 2022 में निर्दलीय विजेता उमेश कुमार ने 28 अक्टूबर 2026 को कार्यकाल समाप्त होने से पहले इस्तीफा दे दिया। इससे इस सीट पर उपचुनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
मंगलौर उपचुनाव 2024 में क्या हुआ था?
BSP विधायक सरवत करीम अंसारी के निधन के बाद 2024 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के काजी मुहम्मद निजामुद्दीन ने BJP के करतार सिंह भडाना को महज 422 मतों के अंतर से हराया। यह अब तक के सबसे करीबी उपचुनाव परिणामों में से एक रहा।
हरिद्वार विधानसभा सीट पर 2022 का नतीजा क्या रहा?
BJP के मदन कौशिक ने 53,147 वोट पाकर कांग्रेस के सतपाल ब्रह्मचारी को 15,237 मतों के अंतर से हराया। कौशिक यहाँ से लगातार पाँचवीं बार विधायक चुने गए।
राष्ट्र प्रेस
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