उत्तराखंड चुनाव 2027: हरिद्वार जिले की 6 सीटों पर कांग्रेस का दबदबा, BJP के पास सिर्फ 3 सीटें थीं
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच हरिद्वार जिले की राजनीतिक तस्वीर तेज़ी से बदल रही है। 2022 के विधानसभा चुनाव और उसके बाद हुए उपचुनाव के परिणामस्वरूप वर्तमान में जिले की 11 सीटों में से 6 पर कांग्रेस का कब्जा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पास केवल 3 सीटें हैं। यह जिला उत्तराखंड की सत्ता की दिशा तय करने में ऐतिहासिक रूप से निर्णायक भूमिका निभाता आया है।
हरिद्वार जिले की 11 सीटों का मौजूदा समीकरण
हरिद्वार जिले में कुल 11 विधानसभा सीटें हैं — हरिद्वार, भेल रानीपुर, ज्वालापुर (सुरक्षित), भगवानपुर (सुरक्षित), झबरेड़ा (सुरक्षित), पिरान कलियर, रुड़की, खानपुर, मंगलौर, लक्सर और हरिद्वार ग्रामीण। 2022 के चुनाव में BJP को 3, कांग्रेस को 5, बहुजन समाज पार्टी (BSP) को 2 और एक निर्दलीय को जीत मिली थी। इसके बाद मंगलौर सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस की जीत से उसकी संख्या बढ़कर 6 हो गई।
BJP के गढ़ — हरिद्वार और भेल रानीपुर
हरिद्वार विधानसभा सीट पर 2002 से लगातार BJP का कब्जा है। BJP नेता मदन कौशिक यहाँ से लगातार पाँच बार विधायक चुने गए हैं। 2022 के चुनाव में मदन कौशिक ने 53,147 वोट पाकर कांग्रेस उम्मीदवार सतपाल ब्रह्मचारी को 15,237 मतों के अंतर से हराया। इस क्षेत्र में 64.23% मतदान दर्ज हुआ।
भेल रानीपुर सीट से BJP उम्मीदवार आदेश चौहान लगातार तीन बार विधायक हैं। 2022 में उन्होंने 57,544 वोट पाकर कांग्रेस के राजबीर सिंह चौहान को 13,862 वोटों से पराजित किया। इस सीट पर 69.32% मतदान हुआ था।
कांग्रेस की मजबूत सीटें — ज्वालापुर से हरिद्वार ग्रामीण तक
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित ज्वालापुर सीट पर 2022 में कांग्रेस के रवि बहादुर ने BJP उम्मीदवार सुरेश राठौड़ को 13,343 मतों से हराया। इस सीट पर रिकॉर्ड 79.30% मतदान हुआ।
भगवानपुर (सुरक्षित) सीट पर 2015 के उपचुनाव से कांग्रेस की ममता राकेश का कब्जा है। 2022 में ममता राकेश ने 44,808 वोट पाकर BSP के सुबोध राकेश को 4,811 मतों से हराया। झबरेड़ा (सुरक्षित) सीट पर भी 2022 में कांग्रेस के वीरेंद्र कुमार ने BJP के राजपाल सिंह को 8,216 मतों से शिकस्त दी।
पिरान कलियर सीट पर 2012 से कांग्रेस के फुरकान अहमद लगातार तीन बार विधायक हैं। 2022 में उन्होंने BJP उम्मीदवार मुनीश कुमार सैनी को 15,743 मतों से हराया। हरिद्वार ग्रामीण से कांग्रेस की अनुपमा रावत ने तत्कालीन BJP विधायक यतीश्वरानंद को 4,472 मतों से पराजित किया। इस सीट पर जिले में सर्वाधिक 81.95% मतदान दर्ज हुआ था।
रोमांचक मुकाबले — रुड़की, खानपुर और मंगलौर
रुड़की सीट पर 2022 का मुकाबला बेहद करीबी रहा। BJP के प्रदीप बत्रा ने 36,986 वोट पाए, जबकि कांग्रेस के यशपाल राणा को 34,709 वोट मिले — जीत का अंतर मात्र 2,277 मतों का था।
खानपुर सीट से 2022 में निर्दलीय उमेश कुमार ने 38,767 वोट पाकर जीत हासिल की थी। गौरतलब है कि उमेश कुमार ने अपना कार्यकाल समाप्त होने से पहले 28 अक्टूबर 2026 को इस्तीफा दे दिया। मंगलौर सीट परंपरागत रूप से BSP का गढ़ मानी जाती है। 2022 में BSP के सरवत करीम अंसारी जीते थे। उनके निधन के बाद 2024 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के काजी मुहम्मद निजामुद्दीन ने BJP के करतार सिंह भडाना को महज 422 मतों के अंतर से हराया।
लक्सर सीट पर 2022 में BSP उम्मीदवार शहजाद ने 34,899 वोट पाकर तत्कालीन BJP विधायक संजय गुप्ता को 10,440 मतों से शिकस्त दी।
2027 की राह — हरिद्वार में क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में सत्ताधारी BJP 2027 के चुनाव के लिए अपनी रणनीति बना रही है। हरिद्वार जिले में खानपुर सीट पर उमेश कुमार के इस्तीफे के बाद उपचुनाव की संभावना भी बन रही है। 2022 के परिणामों को देखते हुए यहाँ BSP और निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका भी निर्णायक रही है, जो 2027 में त्रिकोणीय या बहुकोणीय मुकाबले की जमीन तैयार कर सकती है। देवभूमि का यह पवित्र जिला एक बार फिर उत्तराखंड की सियासत का केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।