जितिन प्रसाद की वारसॉ में बड़ी बैठकें: भारत-पोलैंड रक्षा, अंतरिक्ष और IT सहयोग को नई दिशा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने पोलैंड की राजधानी वारसॉ में 4 नवंबर 2026 को रक्षा, अंतरिक्ष, सूचना प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से उच्चस्तरीय बैठकें कीं। इन बैठकों का उद्देश्य भारत-पोलैंड आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग को नई ऊँचाई पर ले जाना और दोनों देशों के बीच औद्योगिक साझेदारी को सुदृढ़ करना था।
मुख्य बैठकें और चर्चा के बिंदु
मंत्री जितिन प्रसाद ने रक्षा एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र की पोलिश कंपनी डब्ल्यूबी ग्रुप के अध्यक्ष पिओटर वोज्चेखोव्स्की से मुलाकात की। इस बैठक में अगली पीढ़ी की रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, मानवरहित हवाई प्रणालियों (यूएवी), उन्नत संचार तकनीकों, स्वायत्त प्रणालियों और सामरिक इलेक्ट्रॉनिक्स में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
वैश्विक आईटी और क्लाउड सेवा कंपनी बिलेनियम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गावेल लोपिंस्की के साथ हुई बैठक में भारत के डिजिटल टैलेंट इकोसिस्टम, क्लाउड ट्रांसफॉर्मेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आईटी क्षेत्र में नए निवेश एवं सहयोग की संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई। उल्लेखनीय है कि बिलेनियम की भारत के पुणे में पहले से उपस्थिति है।
अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएँ
अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के मोर्चे पर मंत्री ने पोलैंड की स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी क्रियोटेक इंस्ट्रूमेंट्स के सह-संस्थापक डॉ. ग्रेजेगोरज ब्रॉना और उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी ग्रेजेगोर्ज व्रोचना के साथ बैठक की। इस दौरान माइक्रो-सैटेलाइट्स, अंतरिक्ष हार्डवेयर, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स और क्वांटम प्रौद्योगिकियों में सहयोग विस्तार तथा भारत के तेजी से बढ़ते अंतरिक्ष क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान और निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र निजी भागीदारी के साथ तेज़ी से विस्तार कर रहा है और इसरो की व्यावसायिक शाखाएँ वैश्विक सहयोग को सक्रिय रूप से आमंत्रित कर रही हैं।
वारसॉ दूतावास में अतिरिक्त बैठकें
मंत्री जितिन प्रसाद ने वारसॉ स्थित भारतीय दूतावास में बोरिस्जेव ग्रुप के बोर्ड सदस्य एडम होलेवा तथा मैफ्लो और बीएपी ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से भी मुलाकात की। इन बैठकों में तकनीकी सहयोग, संयुक्त उद्यमों (जॉइंट वेंचर) और नए निवेश अवसरों को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई।
मेक इन इंडिया और PLI पर विशेष फोकस
प्रसाद ने बताया कि सभी वार्ताओं में भारत सरकार की मेक इन इंडिया पहल और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं के तहत निवेश संभावनाओं को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। साथ ही, वैश्विक सप्लाई चेन को सशक्त बनाने के लिए भारत और पोलैंड की औद्योगिक साझेदारी को और गहरा करने के उपायों पर भी सहमति बनाई गई।
आगे क्या
गौरतलब है कि ये बैठकें ऐसे समय में हुई हैं जब दोनों देश रणनीतिक क्षेत्रों में आर्थिक और तकनीकी सहयोग को संस्थागत रूप देने की दिशा में सक्रिय हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सहयोग की रूपरेखा तय होने के बाद यह साझेदारी भारत की व्यापक यूरोपीय औद्योगिक नीति को भी नई गति दे सकती है।