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उत्तराखंड चुनाव 2027: चमोली की तीन सीटों पर BJP-कांग्रेस की तैयारी तेज, 2022 और उपचुनाव के नतीजे तय करेंगे रणनीति

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उत्तराखंड चुनाव 2027: चमोली की तीन सीटों पर BJP-कांग्रेस की तैयारी तेज, 2022 और उपचुनाव के नतीजे तय करेंगे रणनीति

सारांश

उत्तराखंड में 2027 का चुनावी शंखनाद बज चुका है। चमोली जिले की तीन सीटों — बद्रीनाथ, कर्णप्रयाग, थराली — पर 2022 और 2024 के नतीजों ने पेचीदा समीकरण बनाए हैं। BJP दो सीटें थामे है, कांग्रेस उपचुनाव की जीत के हौसले से मैदान में है।

मुख्य बातें

चमोली जिले की तीनों विधानसभा सीटों — बद्रीनाथ , कर्णप्रयाग , थराली (सुरक्षित) — पर 2027 चुनाव की तैयारियाँ शुरू।
2022 के चुनाव में BJP ने तीन में से दो सीटें जीती थीं; 2024 के बद्रीनाथ उपचुनाव में कांग्रेस के लखपत सिंह बुटोला ने 5,224 वोटों से जीत हासिल की।
कर्णप्रयाग में BJP के अनिल नौटियाल ने 2022 में 6,715 वोटों से जीत दर्ज की थी; यह सीट गैरसैंण (ग्रीष्मकालीन राजधानी) क्षेत्र को समाहित करती है।
थराली (सुरक्षित) पर BJP के भोपाल राम टमटा ने 2022 में 8,302 वोटों से जीत पाई; राज्य गठन के बाद से यहाँ BJP चार में से तीन बार विजयी रही है।
दोनों दल अभी से चुनावी बैठकें और रणनीति निर्माण में जुट गए हैं।

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियाँ चमोली जिले में अभी से शुरू हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) दोनों दल बद्रीनाथ, कर्णप्रयाग और थराली (सुरक्षित) — इन तीन सीटों पर अपनी रणनीति धार देने में जुट गए हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में BJP ने तीन में से दो सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को एक सीट मिली थी; हालाँकि 2024 के बद्रीनाथ उपचुनाव में कांग्रेस ने वह सीट भी अपने नाम कर ली थी।

मुख्य चुनावी पृष्ठभूमि

चमोली जिला उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र का राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में BJP ने कर्णप्रयाग और थराली पर कब्जा बनाए रखा, जबकि बद्रीनाथ सीट कांग्रेस के पाले में गई। यह ऐसे समय में महत्त्वपूर्ण है जब उत्तराखंड में सत्ता परिवर्तन का इतिहास रहा है — राज्य बनने के बाद से BJP और कांग्रेस बारी-बारी से सत्ता में आती रही हैं।

बद्रीनाथ सीट: उपचुनाव में कांग्रेस की वापसी

बद्रीनाथ विधानसभा सीट पर 2022 में कांग्रेस के राजेंद्र सिंह भंडारी ने BJP उम्मीदवार महेंद्र भट्ट को 30,595 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। परंतु बाद में भंडारी ने BJP का दामन थाम लिया, जिसके चलते यह सीट रिक्त हुई और 2024 में उपचुनाव कराया गया।

उपचुनाव में कांग्रेस ने लखपत सिंह बुटोला को उतारा, जिन्होंने BJP के राजेंद्र सिंह भंडारी को 5,224 वोटों से पराजित किया। बुटोला को 28,161 वोट मिले, जबकि भंडारी को 22,937 वोट। इस जीत ने बद्रीनाथ को फिलहाल कांग्रेस के खेमे में ला दिया है और 2027 में यह सीट दोनों दलों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई है।

कर्णप्रयाग: BJP का मजबूत गढ़

2022 के चुनाव में कर्णप्रयाग से BJP उम्मीदवार अनिल नौटियाल ने कांग्रेस के मुकेश सिंह नेगी को 6,715 वोटों से हराया। नौटियाल को 28,911 वोट मिले, नेगी को 22,196 वोट मिले।

गौरतलब है कि कर्णप्रयाग को BJP का परंपरागत मजबूत किला माना जाता है — यहाँ ज़्यादातर चुनावों में BJP को ही सफलता मिली है। यह सीट भौगोलिक दृष्टि से भी विशेष महत्त्व रखती है क्योंकि यह गढ़वाल और कुमाऊँ मंडल को जोड़ती है और उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण का क्षेत्र भी इसमें समाहित है।

थराली (सुरक्षित): BJP का लगातार दबदबा

थराली (सुरक्षित) सीट पर राज्य गठन के बाद से अब तक तीन विधानसभा चुनाव और एक उपचुनाव हो चुके हैं। चारों में से तीन बार BJP ने जीत हासिल की है और एक बार कांग्रेस विजयी रही है।

2022 के चुनाव में BJP के भोपाल राम टमटा ने कांग्रेस के डॉ. जीत राम को 8,302 वोटों के अंतर से हराया। टमटा को 32,852 वोट मिले, डॉ. जीत राम को 24,550 वोट मिले। आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रत्याशी गुड्डू लाल तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें 1,866 वोट प्राप्त हुए।

2027 की चुनावी तस्वीर और आगे की राह

आँकड़ों के अनुसार, 2022 के नतीजों और 2024 के बद्रीनाथ उपचुनाव के संदर्भ में चमोली जिले में इस समय BJP के पास दो सीटें (कर्णप्रयाग, थराली) हैं और कांग्रेस के पास एक (बद्रीनाथ)। दोनों दल 2027 के लिए अपने-अपने समीकरण साधने में लगे हैं। BJP जहाँ कर्णप्रयाग और थराली को बरकरार रखते हुए बद्रीनाथ वापस पाने की कोशिश करेगी, वहीं कांग्रेस बद्रीनाथ की जीत को आधार बनाकर अन्य सीटों में सेंध लगाने की रणनीति बना रही है। 2027 के चुनाव में चमोली की ये तीनों सीटें प्रदेश की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएँगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

उससे कहीं ज़्यादा पेचीदा है — बद्रीनाथ में 2022 की रिकॉर्ड जीत के बावजूद राजेंद्र सिंह भंडारी का दलबदल और फिर उपचुनाव में हार, BJP की आंतरिक प्रबंधन चुनौती को उजागर करती है। कर्णप्रयाग की 'अजेय' छवि और थराली का अनुसूचित वर्ग आधार — दोनों BJP के 2027 के लिए स्तंभ हैं, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज यह अनदेखा करती है कि उपचुनाव की लहर प्रायः असली रुझान से अलग होती है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या कांग्रेस बद्रीनाथ की जीत को संगठनात्मक ऊर्जा में बदल पाती है, या वह महज एक एकल-सीट अपवाद बनकर रह जाती है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तराखंड चुनाव 2027 में चमोली जिले की कितनी विधानसभा सीटें हैं?
चमोली जिले में तीन विधानसभा सीटें हैं — बद्रीनाथ, कर्णप्रयाग और थराली (सुरक्षित)। 2022 के चुनाव में BJP ने दो (कर्णप्रयाग और थराली) और कांग्रेस ने एक (बद्रीनाथ) जीती थी।
बद्रीनाथ उपचुनाव 2024 में क्या हुआ था?
2024 के बद्रीनाथ उपचुनाव में कांग्रेस के लखपत सिंह बुटोला ने BJP के राजेंद्र सिंह भंडारी को 5,224 वोटों से हराया। बुटोला को 28,161 और भंडारी को 22,937 वोट मिले थे।
कर्णप्रयाग सीट BJP का गढ़ क्यों मानी जाती है?
कर्णप्रयाग में ज़्यादातर चुनावों में BJP को सफलता मिली है। 2022 में BJP के अनिल नौटियाल ने 6,715 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। यह सीट गढ़वाल और कुमाऊँ को जोड़ती है और उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण का क्षेत्र भी इसमें आता है।
थराली (सुरक्षित) सीट पर राज्य गठन के बाद से किसका दबदबा रहा है?
थराली (सुरक्षित) सीट पर राज्य गठन के बाद चार चुनावों में से तीन बार BJP ने जीत हासिल की है। 2022 में BJP के भोपाल राम टमटा ने कांग्रेस के डॉ. जीत राम को 8,302 वोटों से पराजित किया था।
2027 के उत्तराखंड चुनाव में चमोली जिले का राजनीतिक समीकरण क्या है?
फिलहाल BJP के पास कर्णप्रयाग और थराली हैं, जबकि कांग्रेस के पास बद्रीनाथ है। BJP बद्रीनाथ वापस पाने की कोशिश करेगी, वहीं कांग्रेस उपचुनाव की जीत को आधार बनाकर अन्य सीटों पर दावेदारी ठोकने की रणनीति में है।
राष्ट्र प्रेस
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