वीवीएस लक्ष्मण के 52वें जन्मदिन पर विशेष: 281 रन की वो पारी जिसने ऑस्ट्रेलिया को झुकाया
सारांश
मुख्य बातें
वीवीएस लक्ष्मण — भारतीय क्रिकेट के उस 'कलाई के जादूगर' का नाम, जिन्हें दुनिया 'चौथी पारी का गॉड' कहती है — आज 1 नवंबर 2026 को अपना 52वाँ जन्मदिन मना रहे हैं। हैदराबाद में जन्मे इस महान बल्लेबाज़ ने भारतीय टेस्ट क्रिकेट को कई ऐसी पारियाँ दीं, जो आज भी क्रिकेट प्रेमियों के ज़हन में ज़िंदा हैं।
करियर की शुरुआत और पहचान
लक्ष्मण ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत नवंबर 1996 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट से की। वनडे प्रारूप में उनका पदार्पण 9 अप्रैल 1998 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुआ। सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली और वीरेंद्र सहवाग जैसे दिग्गजों की मौजूदगी में भी लक्ष्मण ने टेस्ट टीम में अपनी अनिवार्य जगह बनाई — यही उनकी असाधारण क्षमता का प्रमाण है।
दाएँ हाथ के इस बल्लेबाज़ की पहचान उनकी कलाई की उस खास तकनीक से थी, जो तेज़ गेंदबाज़ों की शॉर्ट पिच डिलीवरी को भी सहज ही बाउंड्री तक भेज देती थी। उन्होंने निचले क्रम के बल्लेबाज़ों के साथ साझेदारी करते हुए टीम को कई बार हार के मुँह से जीत दिलाई — इसीलिए उन्हें 'चौथी पारी का गॉड' की उपाधि मिली।
यादगार पारियाँ जो इतिहास बन गईं
लक्ष्मण की सबसे प्रसिद्ध पारी 2001 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई 281 रन की वो ऐतिहासिक पारी थी, जो उस समय किसी भी भारतीय बल्लेबाज़ का टेस्ट क्रिकेट में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर था। इस पारी में उन्होंने राहुल द्रविड़ के साथ मिलकर भारत को फ़ॉलो-ऑन के बाद भी जीत दिलाई — जो क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक मानी जाती है।
इसके अलावा उनकी अन्य यादगार पारियों में 2000 में सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 167 रन, 2003 में एडिलेड में 148 रन, 2004 में नेपियर में 124 रन और 2010 में कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ 103 रन की पारियाँ शामिल हैं। इनमें से अधिकांश चौथी पारी में खेली गई थीं। इनके अलावा कई अर्धशतकीय मैच-विजयी और मैच-बचाने वाली पारियाँ भी उनके खाते में दर्ज हैं।
करियर के आँकड़े
लक्ष्मण ने भारत के लिए 134 टेस्ट मैचों की 225 पारियों में 17 शतक और 56 अर्धशतक की मदद से 8,781 रन बनाए। वनडे क्रिकेट में 86 मैचों की 83 पारियों में 6 शतक और 10 अर्धशतक के साथ 2,338 रन उनके नाम हैं। 18 अगस्त 2012 को उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की।
संन्यास के बाद की भूमिका
मैदान छोड़ने के बाद लक्ष्मण कमेंट्री और आईपीएल में बतौर मेंटॉर सक्रिय रहे। उनके मार्गदर्शन में सनराइजर्स हैदराबाद ने 2016 का आईपीएल खिताब जीता। 13 दिसंबर 2021 को उन्हें नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) में हेड ऑफ क्रिकेट नियुक्त किया गया।
NCA की ज़िम्मेदारी के साथ-साथ वह अंडर-19 और इंडिया ए टीम के कोच की भूमिका भी निभाते हैं। उनकी कोचिंग में भारतीय टीम ने एशियन गेम्स में 2 बार स्वर्ण पदक जीते हैं। जब भी ज़रूरत पड़ी, वह भारतीय सीनियर टीम के अंतरिम हेड कोच की भूमिका में भी नज़र आए।
पुरस्कार और सम्मान
क्रिकेट में उनके असाधारण योगदान के लिए भारत सरकार ने 2011 में लक्ष्मण को पद्मश्री से नवाज़ा। भारतीय क्रिकेट के विकास में उनकी भूमिका को देखते हुए यह माना जाता है कि भविष्य में उन्हें और भी बड़ी ज़िम्मेदारियाँ सौंपी जा सकती हैं।