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लक्ष्मीपति बालाजी का 45वाँ जन्मदिन: IPL हैट्रिक से इंडिया-A कोच तक का सफर

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लक्ष्मीपति बालाजी का 45वाँ जन्मदिन: IPL हैट्रिक से इंडिया-A कोच तक का सफर

सारांश

IPL की पहली हैट्रिक से लेकर इंडिया-A के हेड कोच तक — लक्ष्मीपति बालाजी का सफर बताता है कि मैदान पर छोटा करियर भी विरासत को बड़ा बना सकता है। 45वें जन्मदिन पर वह ऑस्ट्रेलिया-A के खिलाफ पहला अनाधिकारिक टेस्ट जीत चुके हैं।

मुख्य बातें

लक्ष्मीपति बालाजी का जन्म 27 सितंबर 1981 को चेन्नई, तमिलनाडु में हुआ था।
उन्होंने 8 टेस्ट में 27 , 30 वनडे में 34 और 5 टी20 में 10 विकेट लिए।
IPL इतिहास की पहली हैट्रिक का रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज है।
106 प्रथम श्रेणी मैचों में 330 और 100 लिस्ट ए मैचों में 145 विकेट लिए।
2016 में संन्यास के बाद KKR और CSK में गेंदबाजी कोच रहे।
अभी इंडिया-A के हेड कोच ; उनकी कोचिंग में टीम ने ऑस्ट्रेलिया-A के खिलाफ पहला अनाधिकारिक टेस्ट जीता।

भारतीय तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी आज 27 सितंबर 2026 को अपना 45वाँ जन्मदिन मना रहे हैं। चेन्नई, तमिलनाडु में जन्मे बालाजी ने एक छोटे लेकिन यादगार अंतरराष्ट्रीय करियर के बाद कोचिंग की दुनिया में अपनी खास पहचान बनाई है। फिलहाल वह इंडिया-A टीम के हेड कोच के रूप में ऑस्ट्रेलिया-A के खिलाफ सीरीज में टीम की अगुआई कर रहे हैं।

खिलाड़ी से कोच तक का सफर

27 सितंबर 1981 को मद्रास (अब चेन्नई) में जन्मे बालाजी दाएं हाथ के मध्यम गति के तेज गेंदबाज रहे। उनकी गेंदबाजी में विविधता उनकी सबसे बड़ी ताकत थी — स्विंग, कटर और यॉर्कर के संयोजन ने उन्हें बल्लेबाजों के लिए मुश्किल विकल्प बनाया। 2016 में संन्यास के बाद उन्होंने कोचिंग को अपना अगला मैदान चुना।

अंतरराष्ट्रीय करियर: संक्षिप्त पर प्रभावशाली

बालाजी ने 18 नवंबर 2002 को वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे से अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया। टेस्ट डेब्यू 2002 में न्यूजीलैंड के खिलाफ और टी20 डेब्यू 2012 में न्यूजीलैंड के विरुद्ध हुआ। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच अक्टूबर 2012 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक टी20 मुकाबला था।

आँकड़ों के अनुसार, बालाजी ने 8 टेस्ट में 27 विकेट, 30 वनडे में 34 विकेट और 5 टी20 में 10 विकेट लिए। चोटों ने उनका करियर प्रभावित किया, लेकिन हर बार वापसी ने उनका हौसला साबित किया। 2003-04 में पाकिस्तान दौरे पर उनकी गेंदबाजी और शोएब अख्तर को लगाया गया यादगार छक्का आज भी क्रिकेट प्रेमियों की जुबान पर है।

घरेलू क्रिकेट में लंबी पारी

तमिलनाडु की ओर से खेलते हुए बालाजी का घरेलू करियर अत्यंत सफल रहा। 2001-02 सीजन में प्रथम श्रेणी पदार्पण के बाद उन्होंने 106 प्रथम श्रेणी मैचों में 330 विकेट और 100 लिस्ट ए मैचों में 145 विकेट झटके। यह आँकड़े उनकी निरंतरता और कौशल को दर्शाते हैं।

IPL में ऐतिहासिक योगदान

2008 से 2014 के बीच बालाजी ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK), कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और पंजाब किंग्स के लिए 73 मैच खेले और 76 विकेट लिए। उनके नाम IPL इतिहास की पहली हैट्रिक का रिकॉर्ड दर्ज है — एक उपलब्धि जो आज भी बेजोड़ है। CSK के साथ उन्होंने IPL खिताब भी जीता।

कोच के रूप में नई उपलब्धियाँ

संन्यास के बाद बालाजी ने कोचिंग में उल्लेखनीय प्रगति की। 2017 में उन्हें KKR का गेंदबाजी कोच और मेंटर नियुक्त किया गया। 2018 में CSK ने उन्हें गेंदबाजी कोच बनाया, हालाँकि उन्होंने 2022 में इस पद से इस्तीफा दे दिया। वर्तमान में वह इंडिया-A टीम के हेड कोच हैं और उनकी देखरेख में टीम ने ऑस्ट्रेलिया-A के खिलाफ पहला अनाधिकारिक टेस्ट जीता है। यह जीत कोच के रूप में उनकी बढ़ती प्रतिष्ठा को और मजबूत करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी जो खेल छोड़ने के बाद उससे जुड़ा रहा। कोचिंग में उनकी वापसी यह रेखांकित करती है कि घरेलू क्रिकेट का लंबा अनुभव और IPL की बारीकियाँ एक कोच को मैदानी समझ देती हैं जो सिद्धांत से नहीं आती। इंडिया-A को पहला अनाधिकारिक टेस्ट जिताना एक संकेत है, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब इस कोचिंग पाइपलाइन से तैयार खिलाड़ी सीनियर टीम में योगदान देंगे।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लक्ष्मीपति बालाजी का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
लक्ष्मीपति बालाजी का जन्म 27 सितंबर 1981 को मद्रास (अब चेन्नई ), तमिलनाडु में हुआ था। वह दाएं हाथ के मध्यम गति के तेज गेंदबाज रहे हैं।
IPL में पहली हैट्रिक किसने ली थी?
लक्ष्मीपति बालाजी ने IPL इतिहास की पहली हैट्रिक ली थी। यह रिकॉर्ड आज भी उनके नाम दर्ज है और भारतीय क्रिकेट में उनकी पहचान का एक अहम हिस्सा है।
लक्ष्मीपति बालाजी का अंतरराष्ट्रीय करियर कैसा रहा?
बालाजी ने 8 टेस्ट में 27 विकेट , 30 वनडे में 34 विकेट और 5 टी20 में 10 विकेट लिए। उनका पहला अंतरराष्ट्रीय मैच नवंबर 2002 में वेस्टइंडीज के खिलाफ था और आखिरी अक्टूबर 2012 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ।
लक्ष्मीपति बालाजी अभी क्या कर रहे हैं?
बालाजी फिलहाल इंडिया-A टीम के हेड कोच हैं। उनकी कोचिंग में टीम ने ऑस्ट्रेलिया-A के खिलाफ पहला अनाधिकारिक टेस्ट जीता है। इससे पहले वह KKR और CSK के गेंदबाजी कोच रह चुके हैं।
बालाजी ने क्रिकेट से कब संन्यास लिया?
लक्ष्मीपति बालाजी ने 2016 में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया था। इसके बाद उन्होंने कोचिंग में करियर शुरू किया और 2017 से IPL फ्रेंचाइजी कोच के रूप में सक्रिय हैं।
राष्ट्र प्रेस
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