लक्ष्मीपति बालाजी का 45वाँ जन्मदिन: IPL हैट्रिक से इंडिया-A कोच तक का सफर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी आज 27 सितंबर 2026 को अपना 45वाँ जन्मदिन मना रहे हैं। चेन्नई, तमिलनाडु में जन्मे बालाजी ने एक छोटे लेकिन यादगार अंतरराष्ट्रीय करियर के बाद कोचिंग की दुनिया में अपनी खास पहचान बनाई है। फिलहाल वह इंडिया-A टीम के हेड कोच के रूप में ऑस्ट्रेलिया-A के खिलाफ सीरीज में टीम की अगुआई कर रहे हैं।
खिलाड़ी से कोच तक का सफर
27 सितंबर 1981 को मद्रास (अब चेन्नई) में जन्मे बालाजी दाएं हाथ के मध्यम गति के तेज गेंदबाज रहे। उनकी गेंदबाजी में विविधता उनकी सबसे बड़ी ताकत थी — स्विंग, कटर और यॉर्कर के संयोजन ने उन्हें बल्लेबाजों के लिए मुश्किल विकल्प बनाया। 2016 में संन्यास के बाद उन्होंने कोचिंग को अपना अगला मैदान चुना।
अंतरराष्ट्रीय करियर: संक्षिप्त पर प्रभावशाली
बालाजी ने 18 नवंबर 2002 को वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे से अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया। टेस्ट डेब्यू 2002 में न्यूजीलैंड के खिलाफ और टी20 डेब्यू 2012 में न्यूजीलैंड के विरुद्ध हुआ। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच अक्टूबर 2012 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक टी20 मुकाबला था।
आँकड़ों के अनुसार, बालाजी ने 8 टेस्ट में 27 विकेट, 30 वनडे में 34 विकेट और 5 टी20 में 10 विकेट लिए। चोटों ने उनका करियर प्रभावित किया, लेकिन हर बार वापसी ने उनका हौसला साबित किया। 2003-04 में पाकिस्तान दौरे पर उनकी गेंदबाजी और शोएब अख्तर को लगाया गया यादगार छक्का आज भी क्रिकेट प्रेमियों की जुबान पर है।
घरेलू क्रिकेट में लंबी पारी
तमिलनाडु की ओर से खेलते हुए बालाजी का घरेलू करियर अत्यंत सफल रहा। 2001-02 सीजन में प्रथम श्रेणी पदार्पण के बाद उन्होंने 106 प्रथम श्रेणी मैचों में 330 विकेट और 100 लिस्ट ए मैचों में 145 विकेट झटके। यह आँकड़े उनकी निरंतरता और कौशल को दर्शाते हैं।
IPL में ऐतिहासिक योगदान
2008 से 2014 के बीच बालाजी ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK), कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और पंजाब किंग्स के लिए 73 मैच खेले और 76 विकेट लिए। उनके नाम IPL इतिहास की पहली हैट्रिक का रिकॉर्ड दर्ज है — एक उपलब्धि जो आज भी बेजोड़ है। CSK के साथ उन्होंने IPL खिताब भी जीता।
कोच के रूप में नई उपलब्धियाँ
संन्यास के बाद बालाजी ने कोचिंग में उल्लेखनीय प्रगति की। 2017 में उन्हें KKR का गेंदबाजी कोच और मेंटर नियुक्त किया गया। 2018 में CSK ने उन्हें गेंदबाजी कोच बनाया, हालाँकि उन्होंने 2022 में इस पद से इस्तीफा दे दिया। वर्तमान में वह इंडिया-A टीम के हेड कोच हैं और उनकी देखरेख में टीम ने ऑस्ट्रेलिया-A के खिलाफ पहला अनाधिकारिक टेस्ट जीता है। यह जीत कोच के रूप में उनकी बढ़ती प्रतिष्ठा को और मजबूत करती है।