सरदार पटेल जयंती पर UP डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लॉन्च की 'कौशल विकास योजना', विपक्ष पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 31 अक्टूबर 2026 को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर लखनऊ में 'सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल विकास योजना' का शुभारंभ किया, जिसके तहत प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं को कंपनियों में सीधा प्लेसमेंट दिया जाएगा। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने कई कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं। पाठक ने कहा कि युवाओं को एकता और विकसित भारत से जोड़ना ही सरदार पटेल के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
योजना की मुख्य विशेषताएँ
ब्रजेश पाठक ने बताया कि यह योजना पूरे उत्तर प्रदेश में युवाओं को कौशल विकास से जोड़ेगी। प्रशिक्षण केंद्रों से गुजरने के बाद युवाओं को सीधे कंपनियों में रोज़गार मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के सभी युवाओं के लिए यह एक ऐतिहासिक अवसर है।
डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि विभिन्न कंपनियों के साथ एमओयू साइन किए जा चुके हैं, जिससे प्लेसमेंट की प्रक्रिया सुनिश्चित होगी। गौरतलब है कि यह योजना सरदार पटेल की जयंती — जो राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है — पर लॉन्च की गई है, जो इसे प्रतीकात्मक रूप से भी महत्त्वपूर्ण बनाती है।
विपक्ष पर पाठक का हमला
पाठक ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है और वे केवल अखबार की सुर्खियों के लिए आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष प्रदेश और देश को अस्थिर करने की कोशिश में लगा है।
डिप्टी सीएम ने यह भी दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) तीसरी बार प्रचंड बहुमत से सत्ता में वापस आएगी और तब विपक्ष का आंदोलन स्वतः थम जाएगा।
राहुल गांधी पर भाजपा नेता परिणय फुके के तीखे तेवर
भाजपा एमएलसी और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री परिणय फुके ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तीखी आलोचना की। फुके ने कहा कि संसद और लोकसभा विपक्ष की आवाज़ उठाने के लिए संविधान-प्रदत्त मंच हैं, लेकिन सड़क पर 'महाभियोग' जैसी कार्रवाई संविधान के विरुद्ध है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संवैधानिक संस्थाओं पर बार-बार सवाल उठाकर जनता का उन पर से विश्वास कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं। फुके ने कहा कि यह देश में कम्युनिस्ट विचारधारा स्थापित करने का प्रयास है — हालाँकि, उनके इन आरोपों पर कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
विश्व बैंक रिपोर्ट का हवाला
फुके ने विश्व बैंक की एक रिपोर्ट का संदर्भ देते हुए कहा कि उसके अनुसार भारत में 50.6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले 12 वर्षों के शासन और 'एकात्म मानववाद' की विचारधारा का परिणाम बताया।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज़ हो रही हैं और सत्तारूढ़ दल व विपक्ष के बीच बयानबाज़ी का सिलसिला जारी है। आने वाले महीनों में इस योजना के क्रियान्वयन और युवाओं तक इसकी पहुँच ही यह तय करेगी कि यह ऐलान ज़मीन पर कितना असर करता है।