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योगी आदित्यनाथ का दावा: 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश बना 'कौशल प्रदेश', युवाओं को दिया कौशल विकास का संदेश

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योगी आदित्यनाथ का दावा: 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश बना 'कौशल प्रदेश', युवाओं को दिया कौशल विकास का संदेश

सारांश

विश्व युवा कौशल दिवस पर CM योगी आदित्यनाथ ने 'योगी की पाती' के ज़रिए युवाओं को संदेश दिया कि 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश 'कौशल प्रदेश' बन चुका है। 'कौशल सखी', 'कौशल साथी' और AI हब जैसी पहलें राज्य को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में ले जाने का दावा करती हैं।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 20 जुलाई 2025 को विश्व युवा कौशल दिवस पर युवाओं के नाम 'योगी की पाती' लिखी।
मुख्यमंत्री का दावा — बीते 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश को 'कौशल प्रदेश' के रूप में स्थापित किया गया।
'कौशल सखी' और 'कौशल साथी' जैसी नई पहलें इस अवसर पर लॉन्च की गईं।
एक जनपद-एक उत्पाद , टेक युवा-समर्थ युवा , फिनिशिंग स्कूल और सिंगल डोमेन स्किल प्रशिक्षण योजनाएँ सक्रिय हैं।
प्रदेश को IT, इलेक्ट्रॉनिक्स और AI का हब बनाने का लक्ष्य; MSME क्षेत्र में करोड़ों रोज़गार अवसर।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 जुलाई 2025 को विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर प्रदेश के युवाओं के नाम 'योगी की पाती' लिखकर कौशल विकास को विकसित उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि बीते 9 वर्षों में राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश को एक 'कौशल प्रदेश' के रूप में स्थापित किया है और हर युवा को कम से कम एक कौशल अवश्य सीखना चाहिए।

मुख्यमंत्री का संदेश और दृष्टिकोण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पाती में लिखा कि प्रदेश के अनेक युवाओं से मिलने और उनकी सफलता की प्रेरक कहानियाँ सुनने के बाद उनका यह विश्वास और मज़बूत हुआ है कि देश की सबसे बड़ी युवा शक्ति वाला उत्तर प्रदेश विकसित भारत और ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने इस विश्वास का आधार कर्म और कौशल को सर्वोच्च स्थान देने वाली सनातन संस्कृति को बताया।

मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के जीवन और भगवान श्रीकृष्ण के गीता उपदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि ज्ञान, शिल्प, व्यापार और कार्यकुशलता की परंपरा ने समाज को आगे बढ़ाने का काम किया है।

प्रमुख योजनाएँ और पहलें

राज्य सरकार की ओर से कौशल विकास के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त बनी हैं। इस अवसर पर 'कौशल सखी' और 'कौशल साथी' जैसी नई पहलें भी शुरू की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का हब बनता जा रहा है। 'एक जनपद-एक उत्पाद' योजना से पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान मिली है, जबकि 'टेक युवा-समर्थ युवा' पहल नई पीढ़ी को भविष्य की तकनीकों से जोड़ रही है। इसके अलावा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, पॉलीटेक्निक संस्थानों में रोज़गारपरक शिक्षा, 'सिंगल डोमेन स्किल' प्रशिक्षण और 'फिनिशिंग स्कूल' जैसी योजनाएँ युवाओं को रोज़गार और स्वरोज़गार के लिए तैयार कर रही हैं।

युवाओं से अपील

मुख्यमंत्री ने युवाओं से आग्रह किया कि वे अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ किसी एक कौशल में दक्षता अवश्य हासिल करें। उन्होंने कहा कि यह कौशल उन्हें केवल नौकरी दिलाने वाला नहीं, बल्कि दूसरों को रोज़गार देने वाला भी बनाएगा। एमएसएमई क्षेत्र में करोड़ों युवाओं के लिए रोज़गार के अवसरों को उन्होंने प्रदेश की आर्थिक प्रगति का प्रमाण बताया।

आगे की राह

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश के अंत में युवाओं से कौशल विकास योजनाओं का लाभ उठाने और अन्य युवाओं को भी इससे जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि 'कौशल ही आत्मनिर्भरता का आधार, स्वाभिमान का संबल और विकसित उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति है।' यह संदेश ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार युवा बेरोज़गारी को कम करने और उत्तर प्रदेश को एक औद्योगिक एवं तकनीकी केंद्र के रूप में स्थापित करने के प्रयासों को गति दे रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि इन योजनाओं से कितने युवाओं को सत्यापन-योग्य, टिकाऊ रोज़गार मिला। उत्तर प्रदेश में युवा बेरोज़गारी दर राष्ट्रीय औसत से ऊपर रही है और MSME क्षेत्र में 'करोड़ों अवसर' के दावे अक्सर औपचारिक रोज़गार के आँकड़ों से मेल नहीं खाते। 'योगी की पाती' एक प्रेरणादायी दस्तावेज़ है, परंतु कौशल प्रशिक्षण और वास्तविक नियुक्ति के बीच की खाई को पाटने के लिए ठोस डेटा और स्वतंत्र मूल्यांकन की आवश्यकता है — जो अभी तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'योगी की पाती' क्या है और इसे क्यों लिखा गया?
'योगी की पाती' मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उत्तर प्रदेश के युवाओं को संबोधित एक विशेष पत्र है, जो विश्व युवा कौशल दिवस (20 जुलाई) के अवसर पर लिखा गया। इसमें कौशल विकास को आत्मनिर्भरता और रोज़गार का मूल आधार बताया गया है।
उत्तर प्रदेश को 'कौशल प्रदेश' कैसे बनाया गया?
मुख्यमंत्री के अनुसार, बीते 9 वर्षों में राज्य सरकार ने 'एक जनपद-एक उत्पाद', मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, फिनिशिंग स्कूल, सिंगल डोमेन स्किल प्रशिक्षण और ग्रामीण आजीविका मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को कौशल से जोड़ा है। इसके अलावा प्रदेश को IT, इलेक्ट्रॉनिक्स और AI का हब बनाने की दिशा में काम हो रहा है।
'कौशल सखी' और 'कौशल साथी' पहल क्या हैं?
ये दोनों पहलें विश्व युवा कौशल दिवस 2025 पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई हैं। इनका उद्देश्य युवाओं — विशेषकर महिलाओं — को कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ना और उन्हें रोज़गार एवं स्वरोज़गार के लिए तैयार करना है।
CM योगी ने युवाओं को क्या सलाह दी?
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ कम से कम एक कौशल में दक्षता हासिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह कौशल उन्हें न केवल नौकरी दिलाएगा बल्कि दूसरों को रोज़गार देने में भी सक्षम बनाएगा।
उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए MSME क्षेत्र का क्या महत्व है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने MSME क्षेत्र को प्रदेश की आर्थिक प्रगति का प्रमाण बताया, जहाँ करोड़ों युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर उपलब्ध हैं। यह क्षेत्र कौशल प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के लिए स्वरोज़गार और उद्यमिता का प्रमुख माध्यम माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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