क्या कौशल विकास मिशन से रोजगार सृजन तेज हुआ है? सीएम योगी के प्रयासों से युवाओं को मिला काम: कपिल देव अग्रवाल
सारांश
Key Takeaways
- कौशल विकास मिशन ने लाखों युवाओं को रोजगार से जोड़ा है।
- योगी सरकार का उद्देश्य पलायन को रोकना है।
- 2026 में बड़े रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा।
- 4.32 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिल चुका है।
- आर्थिक विकास के लिए कौशल प्रशिक्षण आवश्यक है।
लखनऊ, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित कौशल विकास मिशन, राज्य में रोजगार सृजन का एक प्रभावशाली साधन बन गया है। कौशल प्रशिक्षण, उद्योग सहभागिता, और रोजगार मेलों के समन्वित ढांचे के माध्यम से, योगी सरकार ने लाखों युवाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
इस पहल को आगे बढ़ाते हुए, वर्ष 2026 की शुरुआत में राज्य के पांच जनपदों में मंडल स्तरीय बड़े रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा। इन मेलों के माध्यम से बड़ी संख्या में निजी कंपनियां लगभग एक लाख युवाओं को मौके पर ही रोजगार प्रदान करेंगी।
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि योगी सरकार का लक्ष्य युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार दिलाना, पलायन को रोकना और प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में, प्रदेश सरकार कौशल प्रशिक्षण को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने पर काम कर रही है, ताकि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके।
हर रोजगार मेले में औसतन 100 कंपनियां भाग लेंगी और लगभग 20 हजार युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जाएगा। इस प्रकार, पांचों रोजगार मेलों के माध्यम से एक लाख रोजगार का लक्ष्य रखा गया है। इन मेलों में संबंधित मंडलों के कई जनपदों के युवा प्रतिभाग करेंगे।
यह उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 से अब तक जनपद और मंडल स्तर पर 186 बड़े रोजगार मेलों का आयोजन किया जा चुका है। इन मेलों के द्वारा 4.32 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है, जो योगी सरकार की रोजगारपरक नीतियों की सफलता का प्रतीक है।
योगी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी रोजगार से जोड़ने हेतु ठोस रणनीति बनाई है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के अंतर्गत आयोजित 1,624 रोजगार मेलों के माध्यम से अब तक 2.26 लाख से अधिक ग्रामीण युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है।
कोविड संक्रमण के दौरान जब ऑफलाइन गतिविधियां स्थगित थीं, तब भी योगी सरकार ने रोजगार सृजन का अभियान नहीं रोका। ऑनलाइन रोजगार मेलों के माध्यम से उस अवधि में 10,000 से अधिक युवाओं को नौकरियां दी गईं।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर प्रदेश के 74 जनपदों में रोजगार मेलों का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 21,000 युवाओं का सफल सेवायोजन किया गया। प्रदेश सरकार का मानना है कि कौशल प्रशिक्षण को उद्योगों की आवश्यकताओं से जोड़कर ही स्थायी रोजगार सृजन संभव है। योगी सरकार के मार्गदर्शन में कौशल विकास मिशन के तहत अपनाया गया समन्वित मॉडल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।