30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या योगी सरकार में रोजगार और कौशल विकास की तस्वीर बदल रही है? 5.66 लाख युवाओं को मिली ट्रेनिंग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या योगी सरकार में रोजगार और कौशल विकास की तस्वीर बदल रही है? 5.66 लाख युवाओं को मिली ट्रेनिंग

सारांश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की युवा-केंद्रित नीतियों ने उत्तर प्रदेश में कौशल विकास और रोजगार के नए रास्ते खोले हैं, जिससे लाखों युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। यह पहल न केवल स्वरोजगार को प्रोत्साहित करती है, बल्कि इनोवेशन के लिए भी रास्ता खोलती है। जानें इस बदलाव के बारे में।

मुख्य बातें

कौशल प्रशिक्षण के नए अवसर 5.66 लाख युवा प्रशिक्षित हुए रोजगार मेलों के माध्यम से नौकरियां उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाएं इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों की वृद्धि

लखनऊ, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की युवा-केंद्रित नीतियों ने न केवल राज्य के युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर प्रदान किए हैं, बल्कि इनमें स्वरोजगार, उद्यमिता और इन्वोवेशन का भी विकास किया है।

राज्य सरकार स्किल इंडिया मिशन और दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना के अंतर्गत युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित कर रही है। साथ ही, रोजगार मेलों और इंक्यूबेशन सेंटरों के माध्यम से रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

2017 के बाद से प्रदेश में आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों का विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों में किया गया है, और उच्च तकनीकी इंजीनियरिंग तथा मेडिकल कॉलेजों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ये युवा-केंद्रित पहलें विकसित यूपी, विकसित भारत-2047 के उद्देश्य को सफल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में 2017 से अब तक स्किल इंडिया मिशन और दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना के तहत 5 लाख 66 हजार से अधिक प्रशिक्षित युवाओं को मिशन रोजगार के माध्यम से नौकरियां मिली हैं। इसके साथ ही अप्रैल 2025 तक 2,800 से अधिक प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए युवाओं को उद्योग उन्मुख कौशल प्रदान किया जाएगा, जिससे बेरोजगारी की दर में कमी आई है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत युवाओं को स्व-रोजगार और स्टार्टअप विकसित करने के लिए हर संभव मदद की जाती है।

उत्तर प्रदेश में युवाओं के कौशल विकास और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए 1,747 सक्रिय ट्रेनिंग पार्टनर्स का चयन किया गया है। इन पार्टनर्स के माध्यम से युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल प्रदान किया जा रहा है। साथ ही, इंक्यूबेशन सेंटरों के माध्यम से उन्हें अत्याधुनिक तकनीकों जैसे डिजिटल मार्केटिंग, ईवी मैन्युफैक्चरिंग और एआई के साथ व्यवसायिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। राज्य सरकार समय-समय पर कौशल प्रतियोगिताओं का आयोजन करती है, जिसमें युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से प्रदेश में मेडिकल और इंजीनियरिंग संस्थानों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2016-17 में यूपी में केवल 42 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 80 हो गई है। इससे न केवल प्रदेश में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ी है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। इसी तरह, उच्च तकनीकी प्रशिक्षण के लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी सीटों की संख्या में बढ़ोतरी की गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सबसे प्रभावी कदम नियमित रोजगार मेलों का आयोजन है। अगस्त 2025 में लखनऊ के तीन दिवसीय रोजगार महाकुंभ में 100 कंपनियों ने 50,000 से अधिक नौकरियों के अवसर प्रदेश के युवाओं को प्रदान किए। इन रोजगार मेलों में एसबीआई, एचडीएफसी, स्विगी, जोमैटो, अमेजन और महिंद्रा जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल होती हैं। आने वाले दिनों में लखनऊ, गोरखपुर, झांसी, वाराणसी और मुजफ्फरनगर में रोजगार मेलों का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें 100 से अधिक कंपनियों की भागीदारी और 15,000 रोजगार के अवसरों के सृजन की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कौशल विकास में सुधार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए की गई पहलों ने युवा वर्ग में उम्मीद जगाई है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल स्थानीय विकास बल्कि समग्र रूप से देश की प्रगति में सहायक होगा।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं के लिए कौन सी योजनाएं शुरू की हैं?
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्किल इंडिया मिशन और दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना जैसी योजनाएं शुरू की हैं, जो युवाओं को कौशल विकास और रोजगार के अवसर प्रदान करती हैं।
कितने युवाओं को प्रशिक्षण मिला है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 5 लाख 66 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण प्राप्त हुआ है।
रोजगार मेलों का क्या महत्व है?
रोजगार मेलों का आयोजन युवाओं को सीधे नियोक्ताओं से जोड़ता है और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करता है।
क्या सरकार ने तकनीकी शिक्षा में वृद्धि की है?
जी हां, प्रदेश में मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिला है।
युवाओं को स्वरोजगार के लिए क्या सहायता मिलती है?
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत युवाओं को स्व-रोजगार और स्टार्टअप विकसित करने में सहायता प्रदान की जाती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले