करीम अदेयेमी बार्सिलोना में हांसी फ्लिक के साथ काम करने को तैयार, जर्मनी टीम में वापसी की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
करीम अदेयेमी ने बोरुसिया डॉर्टमुंड छोड़कर बार्सिलोना का दामन थामने के बाद स्पष्ट किया है कि कोच हांसी फ्लिक के साथ दोबारा काम करने का मौका उनके लिए बेहद खास है। 24 वर्षीय जर्मन फॉरवर्ड को उम्मीद है कि कैटलन क्लब में नियमित प्रदर्शन उन्हें जर्मनी की राष्ट्रीय टीम में वापसी का रास्ता दिखाएगा — जिसमें वे फीफा विश्व कप 2026 के लिए जगह नहीं बना सके थे।
फ्लिक से पुराना नाता, नई शुरुआत
अदेयेमी पहले जर्मनी की राष्ट्रीय टीम के दौरान हांसी फ्लिक के अधीन खेल चुके हैं और 2022 कतर विश्व कप दल का हिस्सा रहे हैं। स्पेनिश अखबार 'एल मुंडो डेपोर्टिवो' से बातचीत में अदेयेमी ने कहा, "फ्लिक मुझे राष्ट्रीय टीम से बहुत अच्छी तरह जानते हैं, और हम काफी करीबी हैं।" उनका मानना है कि यह परिचय बार्सिलोना के नए माहौल में ढलने की प्रक्रिया को आसान बनाएगा।
जर्मनी टीम में वापसी की शर्त — प्रदर्शन
अदेयेमी ने जर्मनी के लिए अब तक 11 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, लेकिन विश्व कप 2026 के दस्ते में उन्हें जगह नहीं मिली। वे इस बात को लेकर स्पष्ट हैं कि राष्ट्रीय टीम में वापसी क्लब की प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि उनके खुद के प्रदर्शन से तय होगी। उन्होंने कहा, "यह मुझ पर निर्भर करता है कि मैं राष्ट्रीय टीम में वापसी करता हूं या नहीं। मुझे यकीन है कि अगर मैं अच्छा खेलूंगा, तो मैं वहां रहूंगा।"
बार्सिलोना में कड़ी प्रतिस्पर्धा से बेखौफ
बार्सिलोना के आक्रमण में लामिन यमल जैसे स्थापित स्पेनिश अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद अदेयेमी ने प्रतिस्पर्धा से घबराहट नहीं दिखाई। उन्होंने दो टूक कहा, "मैं किसी खिलाड़ी से नहीं डरता। मुझे पता है कि अगर मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगा, तो मुझे खेलने का मौका मिलेगा।" गौरतलब है कि बार्सिलोना ने पिछले दो ला लीगा खिताब अपने नाम किए हैं, जो इस टीम की ताकत को रेखांकित करता है।
नए सीजन की बड़ी उम्मीदें
अदेयेमी ने आगामी सीजन को लेकर अपना उत्साह जाहिर करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छा सीजन होगा, उम्मीद है कि कई खिताब जीतेंगे। हमारे लिए बड़ी चीजें इंतजार कर रही हैं। हम सब कुछ हासिल करना चाहते हैं, और हम कर सकते हैं।" यह बयान दर्शाता है कि डॉर्टमुंड के पूर्व फॉरवर्ड ने बार्सिलोना के महत्वाकांक्षी खिताबी अभियान को पूरी तरह आत्मसात कर लिया है। आने वाले महीनों में उनका क्लब प्रदर्शन तय करेगा कि वे जर्मनी के कोच की नज़रों में वापसी कर पाते हैं या नहीं।