योगी सरकार ने युवाओं के लिए उद्यमिता के नए द्वार खोले
सारांश
Key Takeaways
- योगी सरकार ने युवाओं के लिए उद्यमिता के द्वार खोले हैं।
- एमएसएमई क्षेत्र ने रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
- लगभग 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आए हैं।
- स्वरोजगार के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं।
- ओडीओपी योजना ने छोटे उद्योगों को विस्तार दिया है।
लखनऊ, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी सरकार ने पिछले 9 वर्षों में युवा शक्ति के लिए उद्यमिता की नई संभावनाएं खोली हैं। इसके तहत सीएम युवा जैसी योजनाओं के साथ-साथ एमएसएमई सेक्टर को सशक्त किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप यह क्षेत्र न केवल युवाओं को रोजगार प्रदान कर रहा है, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
इसके अलावा, योगी सरकार द्वारा उठाए गए ठोस कदमों ने निवेश को आकर्षित किया है, जिससे युवाओं के लिए लाखों रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए हैं।
योगी सरकार की उद्योग समर्थित नीतियों का प्रभाव यह है कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में लगभग 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 1 करोड़ 10 लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार और सेवायोजन के अवसर सृजित होने की संभावना बनी है। इनमें से लगभग 15 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव वास्तविकता में बदल चुके हैं, जिनसे लगभग 60 लाख रोजगार के अवसर उत्पन्न हुए हैं। बड़े पैमाने पर निवेश के कारण प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियां तेज हुई हैं, जिसका लाभ युवाओं को रोजगार के रूप में मिल रहा है। निवेश के साथ उद्योगों के विस्तार से प्रदेश में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम (एमएसएमई) उद्यम क्षेत्र रोजगार सृजन का एक मजबूत आधार बनकर उभरा है। वर्तमान में प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। इस क्षेत्र के माध्यम से प्रदेश में 3 करोड़ 11 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। सरकार ने इस क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने जैसे कई कदम उठाए हैं।
ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट) योजना के अंतर्गत छोटे उद्योगों को विस्तार देने से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ उन्हें स्वरोजगार की ओर प्रेरित करने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत अब तक 38 हजार से अधिक युवाओं को लाभान्वित किया गया है और 1097.10 करोड़ रुपए से अधिक की मार्जिन मनी वितरित की गई है।
इसी प्रकार, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत 32,936 लाभार्थियों को 1105.49 करोड़ रुपए की मार्जिन मनी दी गई, जिससे 2 लाख 63 हजार से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत 4 लाख 20 हजार से अधिक कारीगरों और पारंपरिक श्रमिकों को लाभान्वित किया गया है, जिससे उन्हें अपने हुनर को आगे बढ़ाने में मदद मिली है।