क्या सीएम योगी की फ्लैगशिप योजनाओं से प्रदेश में युवा उद्यमिता को मिली नई रफ्तार?
सारांश
Key Takeaways
- युवाओं के लिए विशेष योजनाएं
- उद्यमिता में वृद्धि
- स्थानीय उत्पादों का वैश्विक स्तर पर प्रचार
- स्वरोजगार के अवसर
- आर्थिक महाशक्ति बनने की दिशा में कदम
लखनऊ, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की युवा-केंद्रित नीतियों ने उत्तर प्रदेश में स्व-रोजगार, उद्यमिता और कौशल विकास के क्षेत्र में नई गति प्रदान की है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) और दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से उत्तर प्रदेश के फ्लैगशिप अभियानों ने न केवल बेरोजगारी को कम किया है, बल्कि युवाओं को वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक प्लेटफार्म भी प्रदान किया है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, इन पहलों से प्रदेश में हजारों युवा उद्यमियों, स्टार्टअप्स और नवाचार के उद्यमों का विकास हुआ है, जो न केवल राज्य स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रगति की मिसाल पेश कर रहे हैं और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान खासतौर पर राज्य के युवाओं को उनके उद्यम और स्टार्टअप विकसित करने के लिए एक अवसर प्रदान करता है। यह अभियान विशेष रूप से 21 से 40 वर्ष की आयु के युवाओं को लक्षित करता है। इस योजना के तहत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण दिया जाता है। इसके साथ ही, 10 प्रतिशत मार्जिन मनी बोनस और उनके इनोवेशन पर निःशुल्क मेंटरशिप भी प्रदान की जाती है। इस अभियान के अंतर्गत न केवल वित्तीय सहायता दी जाती है, बल्कि युवाओं के स्टार्टअप को सशक्त बनाने के लिए सभी आवश्यक सहयोग भी प्रदान किया जाता है। वर्ष 2025-26 के लिए सीएम युवा अभियान के तहत 1.70 उद्यमियों को सहायता प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से अधिकांश को सहायता मिल चुकी है।
वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसे अन्य राज्य भी अपनाने की कोशिश कर रहे हैं। ओडीओपी के तहत प्रदेश के युवा उद्यमियों को उनके जिलों में स्थानीय और परंपरागत उत्पादों के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जाता है। इससे एक ओर युवाओं को रोजगार के अवसर मिलते हैं, वहीं दूसरी ओर परंपरागत उत्पादों को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थान मिलता है। इस योजना के तहत निर्यात-लिंक्ड सब्सिडी, 5 लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर और पहले 1000 दिनों तक लाइसेंस-मुक्त संचालन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। ओडीओपी योजना के सफल कार्यान्वयन का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश के परंपरागत उत्पादों में से 77 ने जीआई टैग प्राप्त कर देश में पहला स्थान हासिल किया है।
हाल में आयोजित सीएम युवा कंक्लेव एक्सपो-2025 ने इस अभियान को नई गति दी है। इस आयोजन से 5000 से अधिक लीड्स प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 200 से ज्यादा आवेदन सफलतापूर्वक उद्यमों में बदल चुके हैं। इसके साथ ही, नोएडा इंटरनेशनल ट्रेड शो और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेलों में उत्तर प्रदेश के उत्पादों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाता है, जिससे राज्य के युवाओं के उद्यमों और स्टार्ट-अप के प्रति निवेशकों का रुझान बढ़ा है। यह आयोजन न केवल नेटवर्किंग का मंच प्रदान करते हैं, बल्कि युवा उद्यमियों को वैश्विक निवेशकों से जुड़ने का अवसर भी देते हैं।
ग्रामीण स्तर पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) और दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना विशेष रूप से ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करती हैं। इसके साथ ही, प्रदेश के तकनीकी विश्वविद्यालयों के इंक्यूबेशन सेंटर भी युवाओं में उद्यमिता का विकास करने में मदद कर रहे हैं। इन माध्यमों से ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, फंडिंग और बाजार पहुंच भी प्रदान की जाती है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का यह समग्र दृष्टिकोण न केवल प्रदेश में रोजगार सृजन कर रहा है, बल्कि राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी अग्रसर कर रहा है। युवा उद्यमिता की यह लहर निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश को एक आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करेगी।