31 अक्टूबर 2026
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योगी सरकार की ₹1,725 करोड़ की 'सरदार पटेल कौशल योजना', UP के 75 जिलों में नौ स्किल जोन

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योगी सरकार की ₹1,725 करोड़ की 'सरदार पटेल कौशल योजना', UP के 75 जिलों में नौ स्किल जोन

सारांश

सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर योगी सरकार ने ₹1,725 करोड़ की कौशल योजना का शुभारंभ किया — UP के 75 जिलों को नौ स्किल जोन से जोड़ने और राज्य को ग्लोबल मैनपावर हब बनाने का दांव। साथ में रोजगार मित्र पोर्टल और आठ बड़े उद्योग समूहों से एमओयू भी।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 31 अक्टूबर 2026 को ₹1,725 करोड़ की सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना लॉन्च की।
अगले तीन वर्षों में UP के सभी 75 जिलों को नौ स्किल ट्रेनिंग और रोजगार जोन से जोड़ा जाएगा।
पहले चरण में लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, गौतम बुद्ध नगर और झाँसी में बड़े केंद्र, साथ में हॉस्टल और प्लेसमेंट सेल।
पिछले साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियाँ और ODOP से सवा तीन करोड़ को रोजगार मिलने का दावा।
टाटा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स, अशोक लीलैंड, एशियन डेवलपमेंट बैंक सहित आठ संस्थाओं के साथ एमओयू।
रोजगार मित्र पोर्टल और ब्लू डॉट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भी लॉन्च; युवाओं, उद्योगों और एमएसएमई को गिग वर्क से जोड़ेगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 31 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के लोक भवन सभागार में ₹1,725 करोड़ की लागत से 'सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना' का शुभारंभ किया। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आरंभ की गई इस योजना का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को एक ग्लोबल मैनपावर हब के रूप में विकसित करना है।

योजना का ढाँचा और विस्तार

मुख्यमंत्री योगी ने घोषणा की कि अगले तीन वर्षों में प्रदेश के सभी 75 जिलों को नौ स्किल ट्रेनिंग एवं रोजगार जोन से जोड़ा जाएगा। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि स्किल गैप को खत्म करने के लिए यह विभाजन किया गया है और प्रत्येक केंद्र को चार लेन सड़क के जरिए सीधे हाईवे से जोड़ा जाएगा।

पहले चरण में लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, गौतम बुद्ध नगर और झाँसी में बड़े प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर युवाओं को विदेशों में रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए भारतीय और विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा। दूरदराज से आने वाले युवाओं के लिए परिसर में हॉस्टल सुविधा और डेडिकेटेड प्लेसमेंट सेल भी स्थापित की जाएगी।

डिजिटल अवसंरचना और उद्योग साझेदारी

कार्यक्रम में 'रोजगार मित्र पोर्टल' और 'ब्लू डॉट साझा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर' का भी शुभारंभ किया गया। यह डिजिटल मंच युवाओं, उद्योगों और एमएसएमई इकाइयों को स्थानीय और गिग वर्क के अवसरों से जोड़ेगा।

प्रशिक्षण और रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए टाटा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स, अशोक लीलैंड, बीबीजी ग्रुप, पीटीसी इंडस्ट्रीज, सीआईपैट, एशियन डेवलपमेंट बैंक, अवाडा ग्रुप और सीएसआर मिंडा के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। टाटा के प्रतिनिधि वी. रामास्वामी ने मुख्यमंत्री को सरदार पटेल की थ्री डायमेंशनल प्रतिमा भेंट की।

मुख्यमंत्री की सरकार की उपलब्धियाँ और विपक्ष पर प्रहार

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सीधे सरकारी नौकरी मिली है और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) के माध्यम से सवा तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले प्रदेश में 'वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया' पलता था, जबकि अब माफियाओं की जगह युवाओं को ODOP का मंच दिया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल क्रांति के जरिए बिना किसी बिचौलिए के सरकारी धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुँच रही है। युवाओं को नियमित पढ़ाई के साथ 'डुअल डिग्री' के तहत कौशल विकास पाठ्यक्रम अपनाने का भी आह्वान किया गया।

उपमुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि 2017 से पहले परीक्षाओं में अनियमितताएँ होती थीं और अयोग्य लोगों का चयन किया जाता था। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाई गई है और गड़बड़ी करने वालों को जेल भेजा गया है।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में गुंडाराज और माफियाराज था, जहाँ पैसे लेकर डिग्री और नौकरी दी जाती थी। उनके अनुसार, अब डबल इंजन सरकार बिना भेदभाव के प्रतिभा के आधार पर रोजगार के समान अवसर दे रही है।

लाभार्थियों को सहायता वितरण

समारोह में एमएसएमई और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लाभार्थियों को ऋण के चेक वितरित किए गए। अमन अग्रवाल, अंजना धवन, कुणाल बत्रा, नेहा कुमारी, बलवीर यादव, अंजली गुप्ता और वासुदेव बाजपेयी को ₹5-5 लाख, विजय लक्ष्मी श्रीवास्तव को ₹4 लाख, अजीत साहू को ₹20 लाख और प्रभजोत सिंह को ₹63 लाख के चेक प्रदान किए गए। ओडीओपी और विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत कमलेश गुप्ता, दिलीप कुमार, नीलम, कुमारी संगीता और सुधाकर शर्मा को टूलकिट बाँटे गए, जबकि नेहा यादव, आकांक्षा तिवारी, विनय कुमार, रुचि पाल और आलोक सिंह को जॉब ऑफर लेटर सौंपे गए।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले युवा रोजगार के मोर्चे पर अपनी छवि मजबूत करने में जुटी है — और इस योजना का क्रियान्वयन ही तय करेगा कि ये वादे जमीन पर कितना उतरते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

725 करोड़ और नौ स्किल जोन की यह योजना कागज़ पर प्रभावशाली है, लेकिन UP में पिछले कौशल विकास कार्यक्रमों का इतिहास बताता है कि प्लेसमेंट दर और प्रशिक्षण की गुणवत्ता अक्सर घोषणाओं से पीछे रह जाती है। सरकार साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियों और सवा तीन करोड़ ODOP रोजगार का दावा कर रही है, लेकिन इन आँकड़ों का स्वतंत्र सत्यापन सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। असली कसौटी यह होगी कि रोजगार मित्र पोर्टल और ब्लू डॉट इंफ्रास्ट्रक्चर वास्तव में कितने युवाओं को सत्यापन-योग्य रोजगार तक पहुँचाते हैं — विशेषकर उन पाँच शहरों से बाहर जो पहले चरण में शामिल हैं।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की ₹1,725 करोड़ की योजना है, जिसे 31 अक्टूबर 2026 को सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर लॉन्च किया गया। इसका उद्देश्य UP को ग्लोबल मैनपावर हब बनाना और राज्य के सभी 75 जिलों को नौ स्किल ट्रेनिंग एवं रोजगार जोन से जोड़ना है।
इस योजना के तहत पहले चरण में कौन-से जिले शामिल हैं?
पहले चरण में लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, गौतम बुद्ध नगर और झाँसी में बड़े प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर हॉस्टल, प्लेसमेंट सेल और भारतीय व विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण की सुविधा होगी।
रोजगार मित्र पोर्टल क्या है और यह कैसे काम करेगा?
रोजगार मित्र पोर्टल और ब्लू डॉट साझा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को इसी कार्यक्रम में लॉन्च किया गया। यह मंच युवाओं, उद्योगों और एमएसएमई इकाइयों को स्थानीय एवं गिग वर्क के अवसरों से जोड़ेगा।
इस योजना में कौन-से उद्योग समूह शामिल हैं?
टाटा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स, अशोक लीलैंड, बीबीजी ग्रुप, पीटीसी इंडस्ट्रीज, सीआईपैट, एशियन डेवलपमेंट बैंक, अवाडा ग्रुप और सीएसआर मिंडा के साथ एमओयू हस्ताक्षरित हुए। ये साझेदारियाँ प्रशिक्षण की गुणवत्ता और प्लेसमेंट अवसर बढ़ाने के लिए हैं।
CM योगी ने पिछली सरकारों पर क्या आरोप लगाए?
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पूर्ववर्ती सपा और कांग्रेस सरकारें उत्तर प्रदेश की युवा आबादी को बोझ मानती थीं और बिचौलिए विकास का पैसा निगल जाते थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तब 'वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया' की संस्कृति थी, जबकि अब ODOP के जरिए युवाओं को आर्थिक मंच दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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