यूपी भाजपा प्रदेश कार्यसमिति बैठक: दूसरे दिन बूथ स्तर तक रणनीति और कैलेंडर कार्यक्रम पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की दो दिवसीय उत्तर प्रदेश प्रदेश कार्यसमिति बैठक के दूसरे दिन शनिवार, 31 अक्टूबर को लखनऊ में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह की उपस्थिति में प्रदेश भर के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का केंद्रीय एजेंडा आगामी अभियानों को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने की ठोस कार्ययोजना तैयार करना रहा।
बैठक का स्वरूप और प्रतिभागी
पूरे उत्तर प्रदेश से जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष और अन्य संगठनात्मक पदाधिकारी इस बैठक में शामिल हुए। शुक्रवार को हुई प्रदेश कार्यसमिति की पहले दिन की बैठक में जो विषय एवं कार्यक्रम तय किए गए, उनके अनुपालन और क्रियान्वयन पर दूसरे दिन विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया। गौरतलब है कि यह बैठक प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में आयोजित की गई।
कैलेंडर आधारित कार्यक्रम की योजना
भाजपा के राज्यसभा सांसद विद्यासागर सोनकर ने बताया कि संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने के लिए एक कैलेंडर आधारित कार्यक्रम तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'अब एक कैलेंडर आधारित कार्यक्रम तैयार किया जाएगा, ताकि इसे जमीनी स्तर पर सही ढंग से लागू किया जा सके और पार्टी का संदेश व गतिविधियाँ हर बूथ तक पहुँचाई जा सकें।' यह कदम पार्टी की बूथ-केंद्रित रणनीति को और मज़बूत करने की दिशा में उठाया जा रहा है।
पदाधिकारियों की प्रतिक्रिया
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने बैठक के एजेंडे पर जानकारी देते हुए कहा, 'शनिवार की बैठक में आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा होगी। हमारे जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी और सभी प्रदेश पदाधिकारी इस बात पर मंथन करेंगे कि आने वाले दिनों में होने वाले कार्यक्रमों और गतिविधियों को किस तरह से बेहतर तरीके से संचालित किया जाए।'
भाजपा सांसद प्रियंका सिंह रावत ने इस बैठक को पार्टी की नियमित संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा बताया और कहा कि ऐसी बैठकों के ज़रिये कार्यक्रमों और अभियानों की नियमित समीक्षा की जाती है।
संगठनात्मक संदेश को ज़मीन तक ले जाने का लक्ष्य
भाजपा नेता गोविंद नारायण शुक्ला ने बैठक के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा, 'शुक्रवार की बैठक में जो कार्य समिति में आगामी कार्यक्रम विषय आए हैं, उनका फॉलोअप और उनको कैसे नीचे तक ले जाएं, इस विषय पर शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी, मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में सब तय होगा।' उन्होंने यह भी कहा कि कार्यसमिति के बाद जो कार्य तय किए गए हैं, उन्हें लेकर पदाधिकारी जिला और बूथ स्तर पर जाएंगे।
आगे क्या होगा
बैठक में तय किए गए कार्यक्रमों और अभियानों को अब जिला स्तर के पदाधिकारियों के माध्यम से बूथ स्तर तक पहुँचाया जाएगा। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश में आने वाले समय में विभिन्न स्थानीय निकाय एवं अन्य चुनावी गतिविधियाँ प्रस्तावित हैं। कैलेंडर आधारित कार्यक्रम के लागू होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि भाजपा का संगठनात्मक विस्तार किस दिशा में आगे बढ़ता है।