कुलदीप यादव की बल्लेबाजी कमज़ोर, इसीलिए मिलते हैं कम मौके: पुजारा
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने कहा है कि स्पिनर कुलदीप यादव की बल्लेबाजी क्षमता का अभाव उन्हें भारतीय वनडे टीम की प्लेइंग इलेवन में नियमित जगह दिलाने में सबसे बड़ी बाधा है। पुजारा के अनुसार, टीम लोअर-मिडल ऑर्डर में एक ऐसे खिलाड़ी की तलाश में रहती है जो नंबर 7 या 8 पर बल्लेबाजी भी कर सके और गेंदबाजी भी।
कुलदीप को इस साल कितने मौके मिले
2026 में वनडे क्रिकेट में कुलदीप यादव को सीमित अवसर मिले हैं। कुल 12 वनडे मैचों में से वह 5 मैचों में टीम से बाहर रहे, और इनमें से अधिकांश मैच विदेशी ज़मीन पर खेले गए थे। इंग्लैंड के खिलाफ हुई तीन मैचों की वनडे सीरीज में वह दस्ते का हिस्सा थे, फिर भी पूरी सीरीज बेंच पर बैठ कर गुज़ारनी पड़ी।
उस सीरीज में शिवम दुबे को नंबर 8 पर खिलाया गया, जबकि स्पिन की ज़िम्मेदारी अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर ने निभाई। गौरतलब है कि भारत की भविष्य की योजनाओं में नंबर 8 पर हर्षित राणा को प्राथमिकता दी जाती है, हालाँकि वह इस समय चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं।
पुजारा का विश्लेषण
चेतेश्वर पुजारा ने 'जियोस्टार' से बातचीत में कहा, 'मुझे लगता है कि वनडे क्रिकेट में आपको टीम में गहराई की ज़रूरत होती है, खासकर तब जब आप भारत से बाहर खेल रहे हों। किसी भी टीम का संतुलन तभी बेहतर होता है, जब उनके पास नंबर 7 और नंबर 8 पर बल्लेबाजी करने का विकल्प हो।'
उन्होंने आगे कहा, 'नंबर 7 पर एक ऑलराउंडर होना चाहिए और नंबर 8 पर ऐसा गेंदबाज होना चाहिए जो थोड़ी-बहुत बल्लेबाजी भी कर सके। कुलदीप एक बहुत अच्छे गेंदबाज हैं, लेकिन उनकी बल्लेबाजी उस स्तर की नहीं है। इसी कारण भारत हमेशा ऐसे खिलाड़ी की तलाश में रहता है जो नंबर 8 पर बल्लेबाजी कर सके।'
अभिषेक नायर का नज़रिया
भारत के पूर्व क्रिकेटर और पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर ने प्लेइंग इलेवन में पाँच विशेषज्ञ गेंदबाजों की अहमियत पर ज़ोर दिया। उन्होंने वर्ल्ड कप 2023 में ऑस्ट्रेलिया की रणनीति का उदाहरण देते हुए कहा, 'मेरे हिसाब से अगर आप विकेट नहीं लेते हैं, तो आपकी बैटिंग लाइनअप चाहे कितनी भी लंबी हो, किसी टीम के लिए सातवें या आठवें नंबर के बल्लेबाज के दम पर चैंपियनशिप जीतना बहुत मुश्किल होता है।'
नायर ने यह भी जोड़ा, 'पाँचवाँ गेंदबाज आपको चैंपियनशिप जिता सकता है। पिछले वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी ही जीत का मुख्य कारण थी। फाइनल में उन्होंने लगातार विकेट लिए, भारत को कम स्कोर पर रोका और फिर चैंपियनशिप जीती।'
आगे की राह कुलदीप के लिए
यह ऐसे समय में आया है जब भारत ICC चैंपियंस ट्रॉफी और आगामी वनडे सीरीज़ के लिए अपनी टीम संरचना को लेकर गंभीरता से विचार-विमर्श कर रहा है। कुलदीप यादव के लिए टीम में स्थायी जगह पाने का रास्ता शायद बल्लेबाजी में सुधार से होकर ही गुज़रे, अन्यथा उन्हें अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर जैसे ऑलराउंड विकल्पों से प्रतिस्पर्धा जारी रहेगी।