31 अक्टूबर 2026
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किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को 5 सवालों की चुनौती दी, ज्ञानेश कुमार विवाद पर पलटवार

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किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को 5 सवालों की चुनौती दी, ज्ञानेश कुमार विवाद पर पलटवार

सारांश

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर पाँच तीखे सवालों से कांग्रेस को घेरा — 2014 में 44 सीटें, 2024 में तीसरी हार, और दशकों पुरानी एसआईआर प्रक्रियाएँ। यह पलटवार तब आया जब कांग्रेस सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, एसआईआर रद्द करने और पेपर बैलेट की माँग लेकर सड़कों पर उतरी है।

मुख्य बातें

किरेन रिजिजू ने 31 अक्टूबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर कांग्रेस को 5 सवालों का जवाब देने की चुनौती दी।
2014 में कांग्रेस-नियुक्त आयुक्तों के बावजूद पार्टी को केवल 44 सांसद मिले — रिजिजू का पहला सवाल।
2024 में ज्ञानेश कुमार सीईसी नहीं थे, फिर भी कांग्रेस की लगातार तीसरी हार — दूसरा सवाल।
रिजिजू ने 1952 से 2004 के बीच की एसआईआर प्रक्रियाओं को लेकर कांग्रेस से सीधा जवाब माँगा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने सीईसी ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, एसआईआर रद्द करने और पेपर बैलेट की माँग रखी है।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 31 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए कांग्रेस को पाँच बुनियादी सवालों का जवाब देने की खुली चुनौती दी। यह पलटवार ऐसे समय आया है जब कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'वोट चोरी' के आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

रिजिजू के पाँच सवाल

रिजिजू ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'मैं कांग्रेस पार्टी को इन बुनियादी सवालों का जवाब देने की चुनौती देता हूँ।' उनका पहला सवाल था कि जब 2014 के लोकसभा चुनाव में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कांग्रेस सरकार ने की थी, तो पार्टी को मात्र 44 सांसद ही क्यों मिले।

दूसरे सवाल में उन्होंने पूछा कि जब 2024 में ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर नहीं थे, तो कांग्रेस को लगातार तीसरी बार पराजय का सामना क्यों करना पड़ा। तीसरे सवाल में रिजिजू ने यह जानना चाहा कि क्या मौजूदा कांग्रेस के मुख्यमंत्री इस्तीफा देंगे और 2014 से 2026 के दौरान सरकारें बनाने के लिए माफी माँगेंगे।

चौथे सवाल में उन्होंने यह पूछा कि क्या वोटर सूची से अवैध अप्रवासी, मृत, स्थानांतरित हो चुके या डुप्लीकेट नाम हटाए जाने चाहिए। पाँचवें सवाल में रिजिजू ने जानना चाहा कि क्या 1952-56, 1958-61, 1965-66, 1983-84, 1987-88, 1993, 1995 और 2002-2004 में की गई स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रियाएँ अवैध थीं।

रिजिजू का सीधा आरोप

रिजिजू ने अपनी पोस्ट में आगे यह भी लिखा कि 'एक परिवार की पार्टी बाहरी ताकतों के साथ मिलकर संविधान और भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने की कोशिश कर रही है।' यह टिप्पणी कांग्रेस नेतृत्व पर सीधा निशाना मानी जा रही है।

कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक का आरोप

कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक का आरोप है कि चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया का इस्तेमाल मतदाताओं के नाम मनमाने तरीके से हटाने और सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में मतदाताओं को एक बूथ से दूसरे बूथ पर स्थानांतरित करने के लिए किया गया है। कांग्रेस नेताओं का यह भी आरोप है कि सीईसी ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के प्रभाव में काम कर रहे हैं, जिससे चुनाव आयोग की संवैधानिक स्वतंत्रता कमज़ोर हो रही है।

विपक्षी नेताओं का कथित तौर पर यह भी आरोप है कि ज्ञानेश कुमार ने आयोग के अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना महत्वपूर्ण फैसले लिए और सर्वोच्च न्यायालय में झूठे बयान दिए गए।

कांग्रेस की तीन माँगें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तीन माँगें रखी हैं — मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, एसआईआर को रद्द किया जाना, और ईवीएम की जगह पूरी तरह पेपर बैलेट से मतदान कराना। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय उभरा है जब देश में आगामी चुनावों की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता राजनीतिक बहस के केंद्र में है।

आगे क्या होगा

रिजिजू की इस चुनौती पर कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है। इस मुद्दे पर संसद में और तीखी बहस की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। चुनाव आयोग की स्वायत्तता और एसआईआर प्रक्रिया की वैधता पर यह टकराव आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसका संदर्भ सार्वजनिक बहस में पारदर्शी तरीके से आना ज़रूरी है। मुख्यधारा की कवरेज इस विवाद को केवल राजनीतिक लड़ाई के रूप में पेश कर रही है, जबकि असल सवाल यह है कि क्या मतदाता सूची शुद्धिकरण की प्रक्रिया में पर्याप्त जाँच-परख और पारदर्शिता है — यह प्रश्न किसी एक दल से नहीं, बल्कि लोकतंत्र की बुनियाद से जुड़ा है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को कौन से 5 सवाल पूछे हैं?
रिजिजू ने पूछा कि 2014 में कांग्रेस-नियुक्त आयुक्तों के बावजूद पार्टी को केवल 44 सांसद क्यों मिले; 2024 में ज्ञानेश कुमार सीईसी न होते हुए भी कांग्रेस तीसरी बार क्यों हारी; क्या मौजूदा कांग्रेस मुख्यमंत्री इस्तीफा देंगे; क्या मतदाता सूची से अवैध नाम हटाने चाहिए; और क्या 1952-2004 की एसआईआर प्रक्रियाएँ अवैध थीं।
कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक की मुख्य माँगें क्या हैं?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने तीन माँगें रखी हैं — मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करना, और ईवीएम की जगह पूरी तरह पेपर बैलेट से मतदान कराना।
एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) क्या है और इसे लेकर विवाद क्यों है?
एसआईआर चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा की प्रक्रिया है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया का दुरुपयोग कर मतदाताओं के नाम मनमाने ढंग से हटाए जा रहे हैं और उन्हें एक बूथ से दूसरे बूथ पर स्थानांतरित किया जा रहा है, जो सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में है।
कांग्रेस का मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर क्या आरोप है?
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के प्रभाव में काम कर रहे हैं, जिससे चुनाव आयोग की संवैधानिक स्वतंत्रता कमज़ोर हो रही है। विपक्ष का यह भी दावा है कि उन्होंने अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना महत्वपूर्ण फैसले लिए।
इस विवाद का राजनीतिक और संवैधानिक महत्व क्या है?
चुनाव आयोग की स्वायत्तता भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला है। यदि संस्था की निष्पक्षता पर व्यापक सवाल उठते हैं, तो इसका असर आगामी चुनावों में मतदाताओं के विश्वास पर पड़ सकता है। यह विवाद संसद और सर्वोच्च न्यायालय — दोनों मंचों पर और गहरा हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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