एसआईआर विवाद: रिजिजू ने एक्स पर शेयर किया केजरीवाल का 2015 का वीडियो, विपक्ष पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का 2015 का एक पुराना वीडियो साझा किया, जिसमें केजरीवाल दिल्ली की वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों और फर्जी व डुप्लीकेट नामों के चलते व्यापक सुधार की माँग करते नज़र आ रहे हैं। यह कदम वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (एसआईआर) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच आया है, जिसमें विपक्षी दल इस प्रक्रिया को 'वोट चोरी' बता रहे हैं।
रिजिजू का आरोप और एक्स पोस्ट
रिजिजू ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'कपिल सिब्बल के बाद एक बार फिर केजरीवाल का पुराना वीडियो सामने आया है जिसमें उन्होंने एसआईआर (वोटर लिस्ट में सुधार) की मांग की थी। इससे वे और राहुल गांधी खुद ही बेनकाब हो गए हैं।' भारतीय जनता पार्टी (BJP) का तर्क है कि जो नेता पहले फर्जी वोटरों को हटाने और लिस्ट में सुधार की माँग करते थे, वे अब उसी प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं — यह विरोधाभास सत्ताधारी पार्टी की राजनीतिक रणनीति का केंद्र बन गया है।
2015 में केजरीवाल की माँग — क्या थी असलियत
जनवरी 2015 में दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले केजरीवाल और AAP ने वोटर लिस्ट में व्यापक गड़बड़ियों को लेकर सार्वजनिक रूप से चिंता जताई थी। उस समय केजरीवाल ने दावा किया था कि लगभग 3.96 लाख से 4 लाख लोगों के पास करीब 11.5 लाख वोटर कार्ड थे — यानी कुछ व्यक्तियों के पास दो से चार कार्ड थे। AAP ने दिल्ली और पड़ोसी राज्यों — हरियाणा और उत्तर प्रदेश — की वोटर लिस्ट में समानता को लेकर भी सवाल उठाए थे। इस अभियान के तहत पार्टी ने संदिग्ध डुप्लीकेट एंट्री का डेटा और सीडी चुनाव आयोग को सौंपे थे।
कपिल सिब्बल प्रकरण — रिजिजू का पहले का हमला
इससे पहले बुधवार को रिजिजू ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल का संसद में दिए गए पुराने भाषण का वीडियो शेयर किया था, जिसमें सिब्बल ने वोटर लिस्ट से नाम हटाने की प्रक्रिया का बचाव किया था। रिजिजू ने अपनी उस पोस्ट में कहा था: 'मुझे कपिल सिब्बल पसंद नहीं हैं क्योंकि वे हमेशा भ्रष्ट, चरमपंथी और असामाजिक तत्वों का बचाव करते हुए पाए जाते हैं। पहली बार, वे मुझे पसंद आए हैं क्योंकि उन्होंने कानून मंत्री के तौर पर संसद में दिए अपने पुराने भाषण के जरिए कांग्रेस पार्टी के फर्जी वोट चोरी के ड्रामे का पर्दाफाश किया है!'
विपक्ष का रुख और एसआईआर विवाद
AAP और कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने चल रही एसआईआर प्रक्रिया की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे 'वोट चोरी' करार दिया है, इसे रद्द करने और पुरानी वोटर लिस्ट बहाल करने की माँग की है। आलोचकों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या गिरफ्तारी तक की माँग उठाई है। दूसरी तरफ, BJP का तर्क है कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने की प्रक्रिया तय नियमों के तहत होती है और जिन लोगों के नाम गलत तरीके से हटे हों, वे चुनाव अधिकारियों से संपर्क कर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
राजनीतिक अर्थ और आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में चुनावी माहौल गर्म है और वोटर लिस्ट की शुद्धता एक केंद्रीय राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। गौरतलब है कि BJP पुराने बयानों के ज़रिए विपक्ष को घेरने की रणनीति पर लगातार काम कर रही है — केजरीवाल और सिब्बल के वीडियो इसी क्रम में साझा किए गए हैं। विपक्ष ने पारदर्शिता और जवाबदेही की माँग जारी रखी है तथा योग्य वोटरों के नाम छूटने की आशंका पर चिंता व्यक्त की है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने के संकेत हैं।