रिजिजू ने एक्स पर शेयर किया कपिल सिब्बल का पुराना संसदीय भाषण, कांग्रेस के 'वोट चोरी' ड्रामे पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस के 'वोट चोरी' के आरोपों पर तीखा पलटवार किया और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कपिल सिब्बल का एक पुराना संसदीय भाषण साझा कर यह तर्क दिया कि सिब्बल ने खुद केंद्रीय कानून मंत्री के रूप में संसद में यह स्पष्ट किया था कि वोटर लिस्ट से नाम किन परिस्थितियों में हटाए जाते हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच मतदाता सूची में छेड़छाड़ के आरोपों को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है।
रिजिजू का एक्स पोस्ट और उसका संदेश
रिजिजू ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, 'मुझे कपिल सिब्बल पसंद नहीं हैं क्योंकि वह हमेशा भ्रष्ट, चरमपंथी और असामाजिक तत्वों को बचाते हुए पाए जाते हैं। पहली बार मुझे वह पसंद आए क्योंकि उन्होंने कानून मंत्री के रूप में संसद में अपने पुराने भाषण के ज़रिए कांग्रेस पार्टी के फर्जी वोट चोरी ड्रामे को उजागर किया है।' रिजिजू का तर्क है कि कांग्रेस जो आरोप आज लगा रही है, उसी पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कभी सदन में वह प्रक्रिया स्पष्ट की थी जो वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए कानूनी रूप से निर्धारित है।
सिब्बल ने संसद में क्या कहा था
रिजिजू द्वारा साझा किए गए वीडियो में कपिल सिब्बल केंद्रीय कानून मंत्री के रूप में सदन को संबोधित करते हुए नज़र आ रहे हैं। उन्होंने तीन श्रेणियाँ गिनाई थीं जिनके तहत वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाते हैं — पहला, यदि कोई मतदाता एक विधानसभा क्षेत्र से दूसरे में स्थानांतरित हो जाए; दूसरा, यदि किसी व्यक्ति का नाम दो जगह दर्ज हो; और तीसरा, यदि संबंधित व्यक्ति की मृत्यु हो जाए।
सिब्बल ने उस भाषण में यह भी बताया था, 'जिन व्यक्तियों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, वे चुनाव अधिकारी के पास जाकर उनसे अपना नाम दर्ज करने के लिए कह सकते हैं।' रिजिजू ने इसी बिंदु का उपयोग यह दर्शाने के लिए किया कि मतदाता सूची में संशोधन की एक निर्धारित और पारदर्शी कानूनी प्रक्रिया पहले से मौजूद है।
राजनीतिक संदर्भ: BJP बनाम कांग्रेस
गौरतलब है कि हाल के हफ्तों में कांग्रेस ने कई राज्यों में मतदाता सूचियों से नाम गायब होने के आरोप लगाए हैं और इसे 'वोट चोरी' की संज्ञा दी है। BJP ने इन आरोपों को बार-बार खारिज करते हुए इन्हें 'राजनीति से प्रेरित' करार दिया है। रिजिजू का यह पोस्ट उसी विवाद में एक नई परत जोड़ता है — कांग्रेस के ही एक पूर्व नेता के बयान को विपक्षी दल की दलील के विरुद्ध इस्तेमाल करते हुए।
यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग (ECI) भी मतदाता सूची की सफाई अभियान को लेकर सवालों के घेरे में है। विपक्ष का कहना है कि बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम बिना किसी सूचना के सूची से हटा दिए गए।
कपिल सिब्बल की वर्तमान स्थिति
उल्लेखनीय है कि कपिल सिब्बल अब कांग्रेस में नहीं हैं — वे पार्टी छोड़कर निर्दलीय सांसद बन चुके हैं और वर्तमान में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में सक्रिय हैं। रिजिजू द्वारा उनके पुराने भाषण को उद्धृत करना इसलिए भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि उस समय सिब्बल कांग्रेस सरकार के वरिष्ठ मंत्री थे।
आगे क्या
इस विवाद के बीच कांग्रेस की ओर से अभी तक रिजिजू के पोस्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदाता सूची का मुद्दा आगामी राज्य विधानसभा चुनावों से पहले और अधिक गरमाने की संभावना है। चुनाव आयोग से इस विषय पर स्पष्टीकरण की माँग भी उठ रही है।