दिल्ली एसआईआर: 33.13 लाख मतदाताओं को नोटिस, आडवाणी-जयशंकर-केजरीवाल भी सूची में — BJP का विपक्ष पर पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने दिल्ली मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत विसंगतियों के आधार पर 33.13 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए हैं। उल्लेखनीय बात यह है कि इस सूची में आम नागरिकों के साथ-साथ देश के कई शीर्ष राजनेता, संवैधानिक पदाधिकारी और न्यायिक हस्तियाँ भी शामिल हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे विपक्ष के उन आरोपों का मुँहतोड़ जवाब बताया है जिनमें कहा जा रहा था कि एसआईआर प्रक्रिया के ज़रिए विपक्षी समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।
किन-किन हस्तियों को मिला नोटिस
जिन著名 हस्तियों को एसआईआर नोटिस जारी किया गया है, उनमें चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, BJP के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल, AAP के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और वरिष्ठ अधिवक्ता व पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल के नाम शामिल हैं।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल — विशेषकर आम आदमी पार्टी — एसआईआर को लेकर लगातार यह आरोप लगा रहे थे कि इस प्रक्रिया का उपयोग लक्षित समुदायों के मतदाताओं को सूची से बाहर करने के लिए किया जा रहा है।
BJP का पक्ष: एसआईआर में कोई भेदभाव नहीं
BJP नेता संजय सरावगी ने कहा, 'इससे विपक्ष के आरोप कि भाजपा एसआईआर प्रक्रिया के ज़रिए वोट चुरा रही है या विपक्ष के समर्थकों के नाम हटा रही है, गलत साबित हो गए हैं। हाई-प्रोफाइल लोगों को भी वही नोटिस मिल रहे हैं जो बाकी लोगों को मिलते हैं।'
सरावगी ने यह भी स्पष्ट किया कि एसआईआर नोटिस प्राप्त होने का अर्थ नाम हटाया जाना नहीं है। उनके अनुसार, नोटिस पाने वाले व्यक्ति को जवाब देने के लिए एक महीने का समय दिया जाता है, जिसके बाद आवश्यक दस्तावेज़ जमा कराए जाते हैं। प्रक्रिया सभी मतदाताओं के लिए एकसमान है।
BJP राष्ट्रीय प्रवक्ता और JDU का बयान
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कहा कि एसआईआर एक संवैधानिक प्रक्रिया है और कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को इस प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है।
पटना से जनता दल (यूनाइटेड) [JDU] के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, एक पूर्व सेना प्रमुख, चुनाव आयुक्त और विदेश मंत्री एस. जयशंकर को भी नोटिस मिले हैं, फिर भी केवल केजरीवाल ने इस मुद्दे पर हंगामा किया।
एसआईआर प्रक्रिया: पृष्ठभूमि
भारत निर्वाचन आयोग समय-समय पर मतदाता सूचियों को अद्यतन करने के लिए एसआईआर (Special Intensive Revision) का आयोजन करता है। इस प्रक्रिया में मतदाताओं के पते, जीवित होने की स्थिति और अन्य विवरणों की जाँच की जाती है। आलोचकों का कहना है कि अतीत में इस प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा है, जबकि निर्वाचन आयोग इसे मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने का ज़रूरी कदम बताता आया है।
आगे क्या होगा
नोटिस प्राप्त सभी मतदाताओं — चाहे वे आम नागरिक हों या संवैधानिक पदाधिकारी — को एक महीने के भीतर निर्धारित दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या विपक्षी दल अदालत या चुनाव आयोग के समक्ष अपनी आपत्तियाँ औपचारिक रूप से दर्ज करते हैं, या यह विवाद सियासी बहस तक ही सीमित रहता है।